पारीक सभा जोरहाट के इतिहास में नया अध्याय : सर्वसम्मति से गठित हुई नई कार्यकारिणी : गौरीशंकर तिवाड़ी बने अध्यक्ष, उमेश पारीक को तीसरी बार सचिव निर्वाचित : समाज के सर्वांगीण विकास का लिया संकल्प : युवा पीढ़ी को संगठन से जोड़ने, संस्कृति संरक्षण और समाज सेवा को नई गति देने पर जोर
वरिष्ठों के मार्गदर्शन और युवाओं की ऊर्जा से समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान

जोरहाट, 7 जून : असम के ऐतिहासिक नगर जोरहाट में पारीक समाज के लिए रविवार का दिन विशेष महत्व का रहा, जब स्थानीय चेम्बर भवन में आयोजित पारीक सभा जोरहाट की आम सभा में सत्र 2026 – 2029 के त्रैवार्षिक कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। सौहार्द, संगठनात्मक एकता और सामाजिक प्रतिबद्धता के वातावरण में सम्पन्न हुई इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज अपने गौरवशाली अतीत को संजोते हुए नई पीढ़ी के साथ भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाने के लिए तैयार है।
सभा में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, युवा सदस्य, महिलाएं, व्यवसायी, शिक्षाविद् और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज के विकास, संगठन की मजबूती, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण तथा समाज सेवा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

गत कार्यकाल की उपलब्धियों की हुई समीक्षा
कार्यक्रम का शुभारंभ निवर्तमान कार्यकारिणी द्वारा पिछले कार्यकाल की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इसमें आय-व्यय का ब्यौरा, आयोजित सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों की जानकारी तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
सदस्यों ने गत कार्यकाल में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने समाज को एकजुट रखने, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाने तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आय-व्यय और कार्य विवरण को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी
इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ हुई। उल्लेखनीय बात यह रही कि सभी पदों पर सर्वसम्मति बनी और किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं पड़ी। इससे समाज की एकजुटता और संगठनात्मक परिपक्वता का परिचय मिला।

नई कार्यकारिणी में समाज के वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्य गौरीशंकर तिवाड़ी (जसरासर) को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं श्रवण जोशी (गोलाघाट ) एवं जुगल जोशी (नया बाजार, माजुली) को उपाध्यक्ष चुना गया।
समाज के संगठनात्मक कार्यों में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे उमेश पारीक (सुजानगढ़) को तीसरी बार सचिव पद का दायित्व सौंपा गया, जो उनके प्रति समाज के विश्वास और उनकी कार्यक्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।
इसके अलावा सुधीर पारीक (काकड़ा) को सहसचिव तथा सांवरमल व्यास (आडसर) को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई।

अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन
नई कार्यकारिणी में विभिन्न आयु वर्गों और क्षेत्रों से जुड़े सक्रिय समाजबंधुओं को शामिल किया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में अनिल पारीक(छापर), मदन पारीक(धाणशिया), रामअवतार व्यास (नोखा), रामचंद्र बोहरा (सुजानगढ़), रामानंद कठोतिया (बरजंगसर), पवन पांडिया (मिरण), घनश्याम तिवाड़ी (श्री डूंगरगढ़), गौरव तिवाड़ी (नोखा), प्रेम व्यास (नोखा) तथा हीरालाल पारीक (जायल कठोती) को शामिल किया गया।
समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह टीम अनुभव और युवा ऊर्जा का उत्कृष्ट मिश्रण है, जिससे संगठन को नई दिशा और नई गति मिलने की उम्मीद है।
वरिष्ठों के मार्गदर्शन के लिए सलाहकार मंडल का गठन
समाज के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तियों के अनुभव का लाभ संगठन को निरंतर मिलता रहे, इसके लिए सलाहकार मंडल का भी गठन किया गया।
इसमें सत्यनारायण पारीक (अम्बिका ऑटोमोबाइल, काकड़ा), राजेन्द्र पारीक, बाबूलाल पारीक (तिवाड़ी) तथा पवन तिवाड़ी (पप्पू तिवाड़ी) को शामिल किया गया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि इन वरिष्ठ समाजसेवियों का मार्गदर्शन संगठन की भावी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

निवर्तमान अध्यक्ष का प्रेरणादायी संबोधन
निवर्तमान अध्यक्ष कैलाश पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, आपसी विश्वास और सामूहिक सोच में निहित होती है। उन्होंने कहा कि पारीक समाज हमेशा से शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देता आया है और आगे भी यह परंपरा जारी रहनी चाहिए।
उन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी समाजबंधुओं का सहयोग आवश्यक है। समाज के विकास का कार्य केवल पदाधिकारियों का नहीं बल्कि प्रत्येक सदस्य का दायित्व है।
अशोक पारीक ने जताया समाजबंधुओं का आभार
निवर्तमान सचिव अशोक पारीक ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि समाज के सभी सदस्यों के सहयोग और विश्वास के बिना कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभी समाजबंधुओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया तथा विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी संगठन को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
अध्यक्ष गौरीशंकर तिवाड़ी ने रखी भविष्य की रूपरेखा
नवनिर्वाचित अध्यक्ष गौरीशंकर तिवाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज ने जो विश्वास उन पर व्यक्त किया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में संगठन को अधिक सक्रिय, संगठित और समाजोपयोगी बनाया जाएगा। युवाओं को संगठन की मुख्यधारा से जोड़ना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना तथा समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
उन्होंने कहा कि समाज की महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों को साथ लेकर सामूहिक नेतृत्व की भावना से कार्य किया जाएगा।
तीसरी बार सचिव बने उमेश पारीक
पारीक सभा जोरहाट के तीसरी बार सचिव चुने जाने पर उमेश पारीक ने सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके प्रति समाज के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में समाज ने अनेक रचनात्मक कार्य किए हैं और आने वाले समय में इन गतिविधियों का और अधिक विस्तार किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रतिभा सम्मान, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक सहायता, रक्तदान, महिला सशक्तिकरण तथा युवा विकास जैसे विषयों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि संगठन को आधुनिक सोच और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा ताकि नई पीढ़ी अपने समाज, संस्कृति और विरासत से जुड़ी रहे।
समाज में दिखी एकता और उत्साह
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ और युवा सदस्यों के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला। कई वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में सामाजिक संगठनों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में पारीक सभा केवल एक संगठन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक मजबूत मंच है।
शुभकामनाओं के साथ हुआ समापन
सभा के अध्यक्ष कैलाश जोशी ने सभा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और सहभागिता ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं सलाहकार मंडल के सदस्यों का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सौहार्द, संगठनात्मक अनुशासन और समाजहित की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
पारीक सभा जोरहाट की नई कार्यकारिणी का यह गठन केवल पदाधिकारियों के चयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य, नई पीढ़ी के मार्गदर्शन और सामूहिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।




