शिवसागर में 1.80 लाख रुपये के डीजल घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार : 6 दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी सुभाष दास : तेल डिपो से धोखाधड़ी कर डीजल हड़पने का मामला, पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं आरोपी की पत्नी समेत दो लोग

शिवसागर, 7 जून : शिवसागर के चर्चित डीजल हेराफेरी और तेल चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग छह दिनों तक फरार रहने के बाद इस पूरे प्रकरण के कथित मास्टरमाइंड सुभाष दास को शिवसागर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शहर के बीचोंबीच एक स्थान से उस समय दबोचा गया जब वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते हुए भूमिगत था।
जानकारी के अनुसार शिवसागर शहर के स्टेशन चाराली के एटी रोड़ पर स्थित नेमचंद माणिकचंद एंड कंपनी के पैट्रोल पंप से 2 जून की रात एक सुनियोजित धोखाधड़ी के जरिए लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये मूल्य का डीजल हड़प लिया गया था।
घटना सामने आने के बाद डिपो प्रबंधन ने शिवसागर सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने इस्फाक अहमद नामक एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला मुख्य आरोपी सुभाष दास की पत्नी है।
पुलिस को संदेह है कि डीजल हेराफेरी की इस पूरी साजिश में परिवार और अन्य सहयोगियों की भी भूमिका हो सकती है। घटना वाली रात ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए AS04-BC-8126 और AS04-BC-8064 नंबर की दो गाड़ियों को जब्त किया था। इसके अलावा शिवसागर के बी.जी. रोड इलाके में संचालित एक कथित अवैध तेल भंडारण केंद्र का भी भंडाफोड़ किया गया था।
पुलिस का मानना है कि चोरी या धोखाधड़ी से प्राप्त तेल को यहां संग्रहित कर आगे बेचा जाता था। हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद मुख्य आरोपी सुभाष दास पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीम पिछले छह दिनों से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को शिवसागर सदर थाना कांड संख्या 102/2026 के तहत दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 316(2) और 318(4) के अंतर्गत गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और डीजल तस्करी के संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह केवल एक अलग घटना थी या फिर लंबे समय से तेल की अवैध खरीद-बिक्री और हेराफेरी का कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। जब्त वाहनों, गिरफ्तार आरोपियों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस गिरफ्तारी को शिवसागर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
एएसपी क्राइम मोइदुल इस्लाम का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में सुभाष दास और उनकी पत्नी सहित अबतक कुल 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि तेल क्षेत्र और पेट्रोलियम गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले शिवसागर जिले में इस तरह के डीजल हेराफेरी कांड ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।




