फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए या अतिक्रमणकारी कारोबार के लिए? डिमौ दैनिक बाजार में फुटपाथ पर फैलते व्यापार से बढ़ी लोगों की परेशानी : पैदल चलने को मजबूर लोग सड़क पर उतरने लगे : नागरिकों ने नगर पालिका और प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

शिवसागर, 2 जून : डिमौ चारआली के समीप स्थित दैनिक बाजार क्षेत्र में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर स्थानीय नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। बाजार के आसपास कई व्यापारियों द्वारा फुटपाथ पर दुकानें और सामान फैलाकर व्यवसाय किए जाने के कारण आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन फुटपाथों का निर्माण पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए किया गया था, वे धीरे-धीरे व्यापारिक गतिविधियों के केंद्र में बदलते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप लोगों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नागरिकों के अनुसार, डिमौ चारआली का यह इलाका दिनभर व्यस्त रहता है। बाजार में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन फुटपाथ पर अवैध रूप से रखे गए सामान, अस्थायी स्टॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण पैदल चलने की पर्याप्त जगह नहीं बचती। इससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और कई बार जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या इस स्थिति की जानकारी डिमौ नगर पालिका तथा समजिला प्रशासन को नहीं है? लोगों का कहना है कि यदि फुटपाथों पर लगातार अतिक्रमण होता रहा और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, तो सरकारी धन से किए गए विकास कार्यों का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
नागरिकों ने डिमौ नगर पालिका, डिमौ समजिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि बाजार क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए और फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा आम जनता के अधिकारों का हनन है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि विकास की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए फुटपाथों को आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि लोग बिना किसी बाधा के उनका उपयोग कर सकें।
“जब फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए हैं, तो उन पर कारोबार क्यों चल रहा है? और यदि आम लोग ही फुटपाथ का उपयोग नहीं कर पाएंगे, तो विकास कार्यों का वास्तविक लाभ किसे मिलेगा?”
अब लोगों की नजर डिमौ नगर पालिका और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएंगे और फुटपाथों को पुनः पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा।




