टियोक में “एक शाम श्री श्याम संग हनुमान” का अलौकिक आयोजन : बाबा श्याम की अखंड ज्योत और बजरंग बली के जयकारों से भक्तिमय हुआ पूरा नगर : मोहित जाजू के भजनों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु : बाबा का लगाया 56 भोग

टियोक, 29 मई : जोरहाट जिले के टियोक में गुरुवार की शाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब कामाख्या हार्डवेयर परिवार के निजी निवास परिसर में “एक शाम श्री श्याम संग हनुमान” नामक भव्य धार्मिक एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। बाबा श्री श्याम और संकटमोचन हनुमान जी की दिव्य कृपा से संपन्न इस आयोजन में असम के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 7:31 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। सर्वप्रथम बाबा श्री श्याम के पावन शीश की स्थापना, अभिषेक, विशेष श्रृंगार एवं अखंड ज्योत प्रज्वलन किया गया। यजमान के रूप में कामाख्या लाल चांडक परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना में सम्मिलित हुए।
जैसे ही अखंड ज्योत प्रज्वलित हुई, पूरा परिसर “हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे”, “जय श्री श्याम” और “जय बजरंग बली” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योत में घी की आहुति अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
गणेश वंदना से हुआ भजन संध्या का शुभारंभ
पूजन-अर्चन के उपरांत स्थानीय कलाकारों द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत की गई, जिसके साथ भव्य भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। इसके बाद आमंत्रित सुप्रसिद्ध भजन गायक मोहित जाजू ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
बाबा श्री श्याम के लोकप्रिय भजनों एवं हनुमान जी की महिमा का गुणगान करते हुए उन्होंने ऐसी सुरमयी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु स्वयं को भक्ति की धारा में बहने से रोक नहीं सके। कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए तो अनेक भक्त बाबा के चरणों में ध्यानमग्न होकर भजनों का आनंद लेते रहे।

असम के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्याम प्रेमी
इस भव्य आयोजन में जोरहाट, शिवसागर, मरियानी, देरगांव, आमगुड़ी, लादोईगढ़, राजोई, काकोजान, जांजी, नोकचरी, रोजई, डबरापारा चारआली सहित अनेक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्याम भक्त उपस्थित हुए।
आयोजन समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं का बाबा श्री श्याम का पावन दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पूरे परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्प श्रृंगार एवं धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था, जिससे वातावरण किसी दिव्य धार्मिक महोत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था।

भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। देर रात बाबा श्री श्याम की भव्य आरती संपन्न होने के पश्चात 56 भोग का महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ ग्रहण किया।
मान्यता है कि कलियुग में बाबा श्री श्याम अपने भक्तों की सच्ची पुकार सुनकर उनके कष्ट हर लेते हैं। इसी विश्वास और श्रद्धा के साथ बड़ी संख्या में भक्तों ने बाबा के दरबार में शीश नवाकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

भजन गायक एवं कलाकारों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के मध्य भजन गायक मोहित जाजू का विशेष सम्मान किया गया। कामाख्या लाल चांडक, श्याम सुंदर चांडक एवं सुरेश लाल चांडक ने उन्हें बाबा का दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इसके अलावा भजन संध्या को सफल बनाने वाले वाद्य यंत्र कलाकारों को भी असम की सांस्कृतिक पहचान फुलाम गामोसा पहनाकर सम्मानित किया गया।

देर रात तक गूंजते रहे जयकारे
रात्रि लगभग 12:45 बजे तक चले इस भव्य आयोजन के दौरान पूरा टियोक नगर “जय श्री श्याम” और “जय बजरंग बली” के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने इसे केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का विराट उत्सव बताया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजनकर्ता परिवार एवं समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की निरंतरता की कामना की।
भक्ति, श्रद्धा और सेवा के त्रिवेणी संगम से सजा यह आयोजन टियोक क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।




