रंगे हाथ पकड़े गए ! कोकराझार के डीएफओ अबिनाश बसुमतारी ने 2 लाख की रिश्वत ली : 9.75 लाख की थी मांग : डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन की बड़ी कार्रवाई

कोकराझार, 19 मई : असम के कोकराझार जिले में सनसनीखेज भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय की टीम ने परबतझोरा फॉरेस्ट डिवीजन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) अबिनाश बसुमतारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के बिलों की पेमेंट रिलीज करने के बदले 9,75,000 रुपये (नौ लाख पचहत्तर हजार) की रिश्वत मांगी थी। आज 19 मई को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान डीएफओ ने 2,00,000 रुपये (दो लाख) की आंशिक रिश्वत स्वीकार की और पकड़े गए।
घटना का पूरा विवरण
डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन, असम की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, शिकायतकर्ता ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि डीएफओ अबिनाश बसुमतारी ने उनके पेंडिंग बिल्स क्लियर करने के एवज में 9.75 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं देने के मानस से शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग से मदद मांगी।
इसके जवाब में आज विजिलेंस टीम ने राज्य के बीटीआर क्षेत्र के कोकराझार जिला के
सुपारीघाट स्थित परबतझोरा फॉरेस्ट डिवीजन के डीएफओ कार्यालय में अपना जाल बिछाया। डीएफओ ने अपने कार्यालय कक्ष में शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये स्वीकार किए। विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। रिश्वत की गंदी नकदी उनके कब्जे से बरामद की गई और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्त कर ली गई।
इस मामले में एसीबी पुलिस स्टेशन में केस नंबर 16/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधन) की धारा 7(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। पर्याप्त सबूत मिलने पर डीएफओ अबिनाश बासुमतारी को गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
असम में भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता
यह कार्रवाई असम सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मजबूत नीति को दर्शाती है। डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन लगातार सक्रिय है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी रिश्वतखोरी की सूचना तुरंत दें।




