खाटू श्याम मंदिर कमेटी की फॉर्च्यूनर बनी मौत का साया : पुष्कर घाटी में पुजारी की तेज रफ्तार कार ने रौंदा तीन बाइक सवारों को : एक युवक की मौत : फॉर्च्यूनर कार से हुई शराब की बोतलें बरामद

न्यूज डेस्क, 19 मई : आस्था और धर्म के प्रतीक खाटू श्याम मंदिर कमेटी की नामी फॉर्च्यूनर कार सोमवार रात पुष्कर घाटी में मौत का सबब बन गई। पुष्कर से अजमेर की ओर जा रही तेज रफ्तार लग्जरी गाड़ी ने एक के बाद एक तीन मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक युवक की मौके पर मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के बाद कार से शराब की बोतलें बरामद होने और चालक के मंदिर पुजारी होने की सूचना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
हादसा कब और कैसे हुआ ?
सोमवार रात करीब 9:45 बजे अजमेर-पुष्कर घाटी मार्ग पर यह दर्दनाक घटना घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फॉर्च्यूनर बेहद तेज गति से आ रही थी। कार ने पहले एक बाइक को टक्कर मारी, फिर दूसरी और तीसरी को भी रौंदते हुए आगे बढ़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर कई फीट तक घिसटते चले गए। अनियंत्रित फॉर्च्यूनर पुलिया के किनारे खाई में आधी लटक गई, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा।
मृतक की पहचान अजमेर के धोलाभाटा नगरा निवासी रवि कुमार (करीब 35 वर्ष), पुत्र किशन सिंह के रूप में हुई है। वे अपने साले जितेंद्र के साथ बाइक पर सवार थे। रवि अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वहीं घायलों में जितेंद्र (नगरा निवासी, रवि कुमार का साला), रोहित (22 वर्ष, शास्त्री नगर) और मधुसूदन वैष्णव (29 वर्ष, रोहित के चाचा) शामिल हैं।
सभी घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रवि की इलाज के दौरान मौत हो गई।
फॉर्च्यूनर की डिटेल्स और पुजारी का रोल
गाड़ी का नंबर RJ 23 UB 7031 है। जिसका रजिस्ट्रेशन खाटू श्याम मंदिर सेवा समिति के नाम पर है। मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी दिग्विजय सिंह चौहान चला रहे थे जो कि मंदिर से जुड़े पुजारी हैं। हादसे के तुरंत बाद वे और अन्य सवार पहाड़ी की तरफ भाग निकले। कुछ रिपोर्टों में कार में एक पुलिस अधिकारी समेत तीन अन्य लोगों के सवार होने और फरार होने की बात कही गई है। इस बीच पुलिस ने दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
शराब का खुलासा और नशे का शक
पुलिस ने फॉर्च्यूनर की तलाशी ली तो कार में भारी मात्रा में शराब की बोतलें (एक खुली हुई भी) बरामद हुईं। इससे साफ संकेत मिलता है कि चालक नशे में हो सकता है। कार्टन भरकर शराब ले जा रहे थे। यह खुलासा धार्मिक संस्था से जुड़ी गाड़ी होने के कारण और भी गंभीर है।
पुलिस की भूमिका
अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल और एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। गाड़ी जब्त कर ली गई है। एसपी ने कहा कि “तेज रफ्तार मुख्य वजह लगती है। जांच हर एंगल से हो रही है।” हालांकि, स्थानीय लोगों और मीडिया में पुलिस पर लीपापोती के आरोप लग रहे हैं। कई अधिकारियों ने गाड़ी नंबर या चालक की पुष्टि करने से बचते दिखे। फरार अन्य सवारों की तलाश जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हादसे के बाद इलाके में भारी गुस्सा है। कुछ प्रभावशालियों ने मीडिया कर्मियों को रोका और कैमरा बंद करने की कोशिश की, जिससे जनता का आक्रोश और बढ़ गया। धार्मिक संस्थाओं की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई
फॉर्च्यूनर जब्त, शराब बरामद, तेज रफ्तार और नशे की जांच। ओवर स्पीडिंग के पुराने चालान भी सामने आए हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग जोरों पर है।
यह हादसा न सिर्फ सड़क सुरक्षा की लापरवाही उजागर करता है, बल्कि धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रसूख और जिम्मेदारी के सवाल भी खड़े करता है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें चालक पर विभिन्न धाराओं के साथ शराब संबंधी धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की तलाश में ट्रैप कैमरे और टीमें लगाई गई हैं। पीड़ित परिवार को मुआवजे और सहायता की मांग की जा रही है।




