नागालैंड में भूस्खलन के बाद दिखौ नदी पर अलर्ट—शिवसागर प्रशासन ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं : लॉन्गलेंग-मोकोकचुंग क्षेत्र में भूस्खलन से बाधित हुआ था नदी का हिस्सा—अब जलधारा सामान्य होने की जानकारी : खतरे के निशान से करीब 4-5 मीटर नीचे बह रही दिखौ—बिहुबर समेत तटवर्ती और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी
लॉन्गलेंग जिला प्रशासन के संपर्क में शिवसागर प्रशासन—जमीनी सत्यापन और नियमित जलस्तर रिपोर्ट के आधार पर स्थिति पर पैनी नजर

शिवसागर, 1 अक्टूबर : सीमावर्ती राज्य नागालैंड में हुए भूस्खलन के कारण दिखौ नदी की जलधारा प्रभावित होने और इसके चलते शिवसागर जिले के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को लेकर उत्पन्न चिंताओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से नहीं घबराने की अपील की है। शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव ने कहा कि फिलहाल किसी तरह से आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन नागालैंड के लॉन्गलेंग जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में है और दिखौ नदी से जुड़ी पूरी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

भूस्खलन के मलबे से प्रभावित हुआ था नदी का प्राकृतिक प्रवाह
प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार नागालैंड में हुए भूस्खलन के कारण नदी चैनल का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया था। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह को लेकर चिंता उत्पन्न हुई और निचले इलाकों पर इसके संभावित प्रभाव की आशंका जताई जाने लगी। हालांकि नवीनतम जानकारी के मुताबिक अब नदी का जलप्रवाह सामान्य है और फिलहाल शिवसागर जिले में किसी असामान्य स्थिति की सूचना नहीं है।

लॉन्गलेंग और मोकोकचुंग में स्थानीय प्रशासन ने किया जमीनी सत्यापन
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने बताया कि बुधवार को नागालैंड के लॉन्गलेंग और मोकोकचुंग क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शिवसागर जिला प्रशासन भी वहां के प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। मौके से प्राप्त सूचनाओं और जमीनी सत्यापन के आधार पर दिखौ नदी के प्रवाह एवं जलस्तर की नियमित समीक्षा की जा रही है।

बिहुबर पर विशेष नजर, पहले भी बन चुकी है गंभीर स्थिति
प्रशासन की विशेष नजर बिहुबर क्षेत्र पर बनी हुई है, जहां पूर्व में भी जलप्रलय जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। जिला आयुक्त ने बताया कि बिहुबर सहित दिखौ नदी से जुड़े संवेदनशील और तटवर्ती इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि नदी के प्रवाह या जलस्तर में किसी अप्रत्याशित बदलाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

खतरे के निशान से 4-5 मीटर नीचे है जलस्तर
शिवसागर जिला आपदा प्रबंधन विभाग की परियोजना संचालक विजयलक्ष्मी गोगोई ने भी लोगों से अफवाहों से बचने और अनावश्यक रूप से भयभीत नहीं होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि दिखौ नदी फिलहाल सामान्य स्थिति में बह रही है और इसका जलस्तर खतरे के निशान से करीब 4 से 5 मीटर नीचे है।
उन्होंने कहा कि नागालैंड में भूस्खलन के बाद कुछ मात्रा में पानी अवश्य रुका था, लेकिन वर्तमान में नदी की जलधारा सामान्य बताई जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने उस क्षेत्र की स्थिति का भी जायजा लिया है, जहां नागालैंड की ओर से बहकर आने वाली नदी असम में प्रवेश करती है। विभाग नदी के प्रवाह और जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

30 सितंबर की रात प्रशासन ने जारी की थी एडवाइजरी
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 30 सितंबर की रात शिवसागर जिला प्रशासन ने दिखौ नदी की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण सूचनात्मक एडवाइजरी जारी की थी। यह एडवाइजरी नागालैंड के लॉन्गलेंग जिला आयुक्त से प्राप्त एक वॉयस मैसेज से संबंधित जानकारी के आधार पर जारी की गई थी।
उस समय प्राप्त सूचना के मुताबिक नागालैंड के मोकोकचुंग स्थित याओंगयिमसेन (Yaongyimsen) और लॉन्गलेंग स्थित योंगशेई (Yongshei) के बीच दिखौ नदी के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन हुआ था। इसके बाद नदी के प्राकृतिक प्रवाह में संभावित बाधा को देखते हुए शिवसागर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए थे।

प्रारंभिक रिपोर्ट में करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाधित होने की थी सूचना
लॉन्गलेंग जिले के योंगशेई के चेयरमैन से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन के कारण नदी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बाधित हो गया था और करीब 20 प्रतिशत जलधारा ही आगे बह रही थी। इस सूचना के सामने आने के बाद नदी के निचले हिस्सों में अचानक जलस्तर में बदलाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया था।
हालांकि निचले हिस्सों में स्थित कुछ गांवों से संपर्क कर जानकारी जुटाने पर वहां के लोगों ने नदी के जलप्रवाह अथवा जलस्तर में किसी प्रकार की असामान्य कमी की सूचना नहीं दी थी। उस समय बिहुबर में भी दिखौ नदी का जलस्तर स्थिर पाया गया था।
ग्राउंड वेरिफिकेशन के बाद सामने आई मौजूदा स्थिति
प्रारंभिक सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुबह मौके पर जाकर जमीनी सत्यापन करने और वास्तविक स्थिति का आकलन करने का निर्णय लिया था। इसके बाद प्राप्त जानकारी में नदी का प्रवाह सामान्य होने की बात सामने आई। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर नदी के निचले हिस्सों और तटवर्ती गांवों को सतर्क रहने की सलाह बरकरार रखी गई है।
असामान्य स्थिति दिखे तो तुरंत प्रशासन को दें सूचना
शिवसागर जिला प्रशासन ने कहा है कि नदी के जलस्तर और प्रवाह से संबंधित नियमित जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, लेकिन सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों के कारण भयभीत न हों।
यदि नदी के जलस्तर, प्रवाह या आसपास के क्षेत्रों में किसी तरह की असामान्य अथवा अप्रत्याशित स्थिति दिखाई देती है तो इसकी सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र अथवा स्थानीय प्रशासन को देने का अनुरोध किया गया है।
जरूरी सामान तैयार रखने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों के नागरिकों को आवश्यक वस्तुएं तैयार रखने, प्रशासन की ओर से जारी होने वाले नियमित अपडेट पर नजर रखने तथा जिला प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
फिलहाल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक दिखौ नदी सामान्य रूप से बह रही है, जलस्तर खतरे के निशान से करीब 4-5 मीटर नीचे है और तत्काल घबराने जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद नागालैंड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से लेकर शिवसागर जिले में दिखौ नदी के प्रवाह तक पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी संभावित बदलाव से निपटने के लिए प्रशासन एहतियाती तौर पर सतर्क बना हुआ है।




