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परशुराम कुंड में इतिहास रचने की तैयारी—51 फीट ऊंची ‘Statue of Strength’ का होगा भव्य अनावरण : मकर संक्रांति 2027 पर अनावरण—अंतिम चरण में फिनिशिंग और लैंडस्केपिंग : डिप्टी CM चाउना मीन की अध्यक्षता में हाईलेवल बैठक—विप्र फाउंडेशन के योगदान की सराहना : विप्र फाउंडेशन के शीर्ष नेतृत्व समेत करीब 90 अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल—व्यवस्थाओं पर व्यापक मंथन : अयोध्या से अरुणाचल तक ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा—भव्य स्वागत की तैयारी, सरकार ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा

अमित शाह ने 2022 में रखी थी आधारशिला—मकर संक्रांति 2027 पर भव्य अनावरण की तैयारी : डिप्टी सीएम चाउना मीन का देशभर के श्रद्धालुओं से आह्वान—परशुराम कुंड आएं, आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का करें दर्शन

लोहित, अरुणाचल प्रदेश, 25 सितंबर : अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित पवित्र परशुराम कुंड तीर्थ क्षेत्र में भगवान श्रीपरशुराम की 51 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा के प्रस्तावित अनावरण और अयोध्या से अरुणाचल प्रदेश तक आयोजित होने वाली ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा के स्वागत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों सहित करीब 90 लोगों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता अरुणाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने की। बैठक में परशुराम कुंड तीर्थ क्षेत्र में विप्र फाउंडेशन द्वारा स्थापित की जा रही भगवान श्रीपरशुराम की विशाल प्रतिमा के अनावरण समारोह से लेकर रथयात्रा के स्वागत, श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं, प्रशासनिक समन्वय और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

परशुराम कुंड में आकार ले रहा आस्था और शक्ति का विराट प्रतीक

लोहित जिले के पवित्र परशुराम कुंड में स्थापित की जा रही भगवान श्रीपरशुराम की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा को ‘Statue of Strength’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। भगवान परशुराम की यह विराट प्रतिमा श्रद्धा, शक्ति और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में विकसित की जा रही है।

प्रतिमा का निर्माण अब लगभग पूर्णता की ओर है। वर्तमान में प्रतिमा से संबंधित अंतिम फिनिशिंग कार्य के साथ आसपास के क्षेत्र में लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार जनवरी 2027 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर इस विशाल प्रतिमा का अनावरण किया जाना है।

माना जा रहा है कि भगवान परशुराम की इस भव्य प्रतिमा का अनावरण न केवल परशुराम कुंड तीर्थ क्षेत्र बल्कि अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

21 मई 2022 को अमित शाह ने रखी थी आधारशिला

भगवान श्रीपरशुराम की इस 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा की आधारशिला 21 मई 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रखी गई थी। इसके बाद से प्रतिमा स्थापना और इससे संबंधित विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।

अब जबकि प्रतिमा का निर्माण अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जनवरी 2027 में प्रस्तावित अनावरण समारोह को व्यापक स्वरूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन और आयोजन से जुड़े संगठनों का प्रयास है कि मकर संक्रांति के अवसर पर होने वाला यह समारोह परशुराम कुंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक व्यापक पहचान दिलाए।

उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन की अध्यक्षता में व्यापक प्रशासनिक मंथन

परशुराम कुंड तीर्थ क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे अरुणाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मूर्ति स्थापना और तीर्थ क्षेत्र के विकास में विप्र फाउंडेशन के योगदान की विशेष सराहना की।

बैठक में मूर्ति अनावरण समारोह को व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, श्रद्धालुओं के आवागमन, बुनियादी सुविधाओं, आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं तथा बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभिन्न विभागों के करीब 90 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी वाली इस बैठक में आयोजन को लेकर सरकार के स्तर पर किए जाने वाले सहयोग और प्रशासनिक तैयारियों पर भी विचार किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से आयोजन को सफल और यादगार बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।

‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा के स्वागत की भी व्यापक तैयारी

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय अयोध्या से अरुणाचल प्रदेश तक प्रस्तावित ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा रहा। इस रथयात्रा के अरुणाचल प्रदेश पहुंचने पर उसके स्वागत और उससे जुड़े कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने कहा कि देश की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने वाली इस रथयात्रा का अरुणाचल प्रदेश पहुंचने पर सरकार की ओर से व्यापक स्तर पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात भी कही।

रथयात्रा को भगवान श्रीराम से भगवान श्रीपरशुराम तक जुड़ी भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा के संदेशवाहक के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि अयोध्या से अरुणाचल तक की यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के बीच सांस्कृतिक एकात्मता का संदेश पहुंचाएगी।

परशुराम कुंड की राष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भगवान परशुराम की विशाल प्रतिमा और रथयात्रा जैसे आयोजन परशुराम कुंड की राष्ट्रीय पहचान को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

लोहित जिले में स्थित परशुराम कुंड लंबे समय से देश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भगवान श्रीपरशुराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण के बाद इस तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन संबंधी महत्ता में और वृद्धि होने की अपेक्षा की जा रही है।

चाउना मीन ने देशवासियों को परशुराम कुंड आने का दिया आमंत्रण

उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने पूर्वोत्तर भारत सहित देशभर के लोगों से परशुराम कुंड तीर्थ क्षेत्र आने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों को यहां चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन करने के साथ अरुणाचल प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय आतिथ्य का अनुभव करने के लिए भी आमंत्रित किया।

उनका कहना था कि परशुराम कुंड धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी महत्वपूर्ण स्थल है।

सोशल मीडिया पर भी उप-मुख्यमंत्री ने साझा की परियोजना की प्रगति

उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी भगवान परशुराम की ‘Statue of Strength’ परियोजना की प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लोहित जिले के पवित्र परशुराम कुंड में भगवान परशुराम की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है।

उन्होंने अपने संदेश में प्रतिमा को श्रद्धा, शक्ति और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताते हुए उल्लेख किया कि इसकी आधारशिला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 मई 2022 को रखी थी। वर्तमान में प्रतिमा के अंतिम फिनिशिंग कार्य और आसपास के लैंडस्केपिंग का काम चल रहा है।

उप-मुख्यमंत्री द्वारा साझा जानकारी के अनुसार प्रतिमा का अनावरण जनवरी 2027 में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर प्रस्तावित है। इस परियोजना को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

विप्र फाउंडेशन के योगदान की सराहना

उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन ने परशुराम कुंड के तीर्थोन्नयन और भगवान श्रीपरशुराम की भव्य प्रतिमा की स्थापना में विप्र फाउंडेशन के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

विप्र फाउंडेशन लंबे समय से इस महत्वाकांक्षी मूर्ति प्रकल्प से जुड़ा हुआ है। संस्था की ओर से प्रतिमा स्थापना के साथ इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वरूप देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

विप्र फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की सहभागिता

इस महत्वपूर्ण पहल से विप्र फाउंडेशन के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी भी जुड़े हुए हैं। संस्था की ओर से संस्थापक संयोजक सुशील ओझा की अगुवाई में मूर्ति प्रकल्प के अध्यक्ष एवं राजस्थान के मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी, राजस्थान के सालासर से प्रकल्प संयोजक परमेश्वर शर्मा, मुंबई, महाराष्ट्र से राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, सीए, असम जोन 8D अपर असम के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार त्रिवेदी, महामंत्री रमेश शास्त्री, जयपुर, राजस्थान से International Society for Parshuram Consciousness की चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी, प्रभारी प्यारेलाल शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मुकेश काका, अरुणाचल प्रदेश महामंत्री भवानी पारीक तथा उपाध्यक्ष नीलू शर्मा की सहभागिता का उल्लेख किया गया।

बैठक में विप्र फाउंडेशन की ओर से असम जोन के अध्यक्ष संजय त्रिवेदी, महामंत्री रमेश शर्मा शास्त्री, अरुणाचल प्रदेश महामंत्री भवानी पारीक और उपाध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित रहे।

शीघ्र गठित होगी रथयात्रा स्वागत समिति

विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा के अरुणाचल प्रदेश पहुंचने पर उसके स्वागत और विभिन्न कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप देने के लिए शीघ्र ही रथयात्रा समिति का गठन किया जाएगा।

समिति के गठन के बाद स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम, विभिन्न व्यवस्थाओं और अन्य तैयारियों को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रथयात्रा और प्रतिमा अनावरण से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप देने की योजना है।

मकर संक्रांति 2027 पर ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी

जनवरी 2027 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रस्तावित भगवान श्रीपरशुराम की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण परशुराम कुंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रतिमा का विशाल स्वरूप, पवित्र तीर्थ की आध्यात्मिक महत्ता और ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा के प्रस्तावित आगमन के कारण इस अवसर को व्यापक सांस्कृतिक आयोजन का रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।

करीब 90 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक ने यह संकेत दिया कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर प्रशासनिक प्रबंधन, रथयात्रा के स्वागत और प्रतिमा अनावरण समारोह तक सभी प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

भगवान परशुराम की 51 फीट ऊंची ‘Statue of Strength’ के पूर्ण होने और मकर संक्रांति 2027 पर प्रस्तावित अनावरण के साथ परशुराम कुंड को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर और प्रमुखता मिलने की उम्मीद है। वहीं, अयोध्या से अरुणाचल तक प्रस्तावित ‘श्रीराम से परशुराम’ रथयात्रा को सांस्कृतिक एकात्मता, आध्यात्मिक चेतना और देश की विविध परंपराओं को जोड़ने वाले आयोजन के रूप में व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

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