Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMFLOODLocal NewsNATURAL DISASTERRELIGIOUSSIVASAGARSTATEधर्मराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

प्रलयंकारी बाढ़ से मुक्ति और जनकल्याण की कामना से शिवसागर में तीन दिवसीय ‘रुद्र यज्ञ एवं नाम-प्रसंग’ विराट धर्मायोजन : ऐतिहासिक शिवदौल परिसर में 7 से 9 सितंबर तक धार्मिक अनुष्ठान : ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सुख-शांति, समृद्धि और प्राकृतिक विपदाओं से रक्षा के लिए होगी सामूहिक प्रार्थना : शिवसागर टेंपल डेवलपमेंट बोर्ड, सनातन वैदिक समाज और मुक्तिनाथ गायन गांव समाज की संयुक्त पहल; अखंड भागवत पाठ, नाम-कीर्तन, रुद्राभिषेक, शराई अर्पण, नाम-प्रसंग और प्रसाद वितरण सहित विविध कार्यक्रम

‘शिवसागर सहित पूरे असम को बाढ़ और प्राकृतिक विपदाओं से मुक्ति मिले तथा समाज में सुख-शांति और जनकल्याण स्थापित हो’—अध्यक्ष संजीव बोरा

शिवसागर, 6 सितंबर : ऊपरी असम में हाल ही में आई प्रलयंकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के जीवन में पुनः सुख-शांति लौटने, जनकल्याण, क्षेत्र की समृद्धि तथा भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा की मंगलकामना के साथ शिवसागर के ऐतिहासिक शिवदौल परिसर में 7, 8 और 9 सितंबर को तीन दिवसीय ‘रुद्र यज्ञ एवं नाम-प्रसंग’ का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्था और सामूहिक प्रार्थना से जुड़े इस विशेष आयोजन में तीन दिनों तक विभिन्न वैदिक एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

कार्यक्रम का आयोजन शिवसागर टेंपल डेवलपमेंट बोर्ड, सनातन वैदिक समाज और मुक्तिनाथ गायन गांव समाज के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों ने शिवसागर एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से इसमें सहभागी होकर जनकल्याण की सामूहिक प्रार्थना में योगदान देने की अपील की है।

बाढ़ की विभीषिका के बाद जनकल्याण के संकल्प के साथ आयोजन

आयोजकों के अनुसार, हाल की विनाशकारी बाढ़ ने ऊपरी असम में सामान्य जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया। शिवसागर और चराईदेव जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में दिखौ एवं दरिका नदियों के बढ़े जलस्तर तथा बाढ़ के पानी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई परिवारों की आजीविका और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों के कल्याण, क्षेत्र में पुनः सुख-शांति एवं समृद्धि स्थापित होने तथा असम को प्राकृतिक विपदाओं से बचाने की प्रार्थना के उद्देश्य से यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है।

7 सितंबर को आसन स्थापना और नाम-कीर्तन से शुभारंभ

कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार, 7 सितंबर को धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत सुबह 8 बजे आसन स्थापना और दीप प्रज्वलन के साथ होगी। इसके बाद सुबह 8 बजे से नाम-कीर्तन आयोजित किया जाएगा।

सुबह 9 बजे अखंड भागवत पाठ का शुभारंभ होगा। यह पाठ श्री श्री रतनपुर सत्र, दिखौमुख के सत्राधिकारी पद्मलोचन देवगोस्वामी के तत्वावधान में संचालित किया जाएगा। इसके साथ तीन दिवसीय आयोजन विधिवत रूप से आगे बढ़ेगा।

8 सितंबर को जारी रहेगा अखंड भागवत पाठ

दूसरे दिन मंगलवार, 8 सितंबर को अखंड भागवत पाठ जारी रहेगा। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालु भागवत पाठ के श्रवण एवं सामूहिक आराधना में सहभागी होंगे।

आयोजकों के अनुसार, अखंड पाठ के माध्यम से बाढ़ से प्रभावित लोगों की कुशलता और पूरे क्षेत्र के मंगल की प्रार्थना की जाएगी।

9 सितंबर को रुद्राभिषेक, शराई अर्पण और नाम-प्रसंग

तीसरे एवं अंतिम दिन बुधवार, 9 सितंबर को सुबह 9 बजे भागवत पाठ का समापन होगा। इसके बाद सुबह 9:30 बजे शराई अर्पण का कार्यक्रम निर्धारित है। यह अर्पण श्री प्रदीप गोगोई, दिखौपरिया नामघर, शिवसागर द्वारा किया जाएगा।

सुबह 10 बजे नाम-प्रसंग आयोजित होगा। इसके नामाचार्य श्री हिरेन बाकबरुवा होंगे, जो श्री श्री आउनीआटी सत्र के निर्मालीप्राप्त बरमेधी, शिवसागर हैं।

दोपहर में कीर्तन पाठ, जलयोग और दिहानाम

दोपहर 12 बजे कीर्तन पाठ का आयोजन होगा। इसका पाठ श्री बबीन चंद्र हाजरिका, मेलाचकर, शिवसागर द्वारा किया जाएगा।

इसके बाद दोपहर 1 बजे जलयोग तथा 1:30 बजे दिहानाम परिवेशन का कार्यक्रम होगा। दिहानाम की प्रस्तुति अभिजीत गोगोई एवं भक्त-वृंद, आइमातृसकल द्वारा की जाएगी।

तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम चरण में दोपहर 3 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके साथ धार्मिक कार्यक्रम का समापन होगा।

संवाददाता सम्मेलन में दी आयोजन की जानकारी

तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियों और उद्देश्य की जानकारी देने के लिए रविवार को शिवदौल परिसर में आयोजकों की ओर से संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के कठिन दौर के बाद समाज को धार्मिक आस्था, सामूहिक प्रार्थना और एकजुटता के सूत्र में जोड़ना इस आयोजन की प्रमुख भावना है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष संजीव बोरा ने कहा कि हाल की बाढ़ ने ऊपरी असम में अनेक परिवारों को गंभीर कठिनाइयों में डाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिवसागर जिले के साथ पूरे असम की सुख-शांति और जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना का यह आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि असम को विनाशकारी बाढ़ और अन्य प्राकृतिक विपदाओं से मुक्ति मिले तथा समाज में सुख, शांति और समृद्धि स्थापित हो, यही इस धार्मिक आयोजन की मूल मंगलकामना है।

तीन दिवसीय कार्यक्रम एक नजर में

7 सितंबर, सोमवार: सुबह 8 बजे आसन स्थापना एवं दीप प्रज्वलन, सुबह 8 बजे नाम-कीर्तन तथा सुबह 9 बजे अखंड भागवत पाठ का शुभारंभ।

8 सितंबर, मंगलवार: अखंड भागवत पाठ जारी रहेगा।

9 सितंबर, बुधवार: सुबह 9 बजे भागवत पाठ समापन, 9:30 बजे शराई अर्पण, 10 बजे नाम-प्रसंग, दोपहर 12 बजे कीर्तन पाठ, 1 बजे जलयोग, 1:30 बजे दिहानाम परिवेशन और दोपहर 3 बजे प्रसाद वितरण।

श्रद्धालुओं से सहभागिता और सहयोग की अपील

आयोजन समिति ने शिवसागर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमी नागरिकों और समाज के सभी वर्गों से 7 से 9 सितंबर तक ऐतिहासिक शिवदौल परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि जनकल्याण के उद्देश्य से हो रहा यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना, सामाजिक एकजुटता और सकारात्मकता का संदेश देगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!