राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर टियोक के चिकित्सकों का गरिमामय सम्मान : असम साहित्य सभा ने सम्मान-पत्र तो मारवाड़ी सम्मेलन ने पुस्तक एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर जताया आभार : ‘चिकित्सक मानवता के सच्चे प्रहरी, उनका सम्मान समाज का नैतिक दायित्व’

टियोक, 2 जुलाई : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर बुधवार को टियोक क्षेत्र के चिकित्सकों के सम्मान में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। असम साहित्य सभा, टियोक शाखा एवं मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष सम्मान अभियान के अंतर्गत दोनों संगठनों के प्रतिनिधि चिकित्सकों के आवास एवं कार्यस्थलों पर पहुंचे और उन्हें सम्मानित कर चिकित्सा सेवा के प्रति समाज की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रति चिकित्सकों के निस्वार्थ योगदान, सेवा-भाव और समर्पण को सम्मान देना था।

सम्मान-पत्र, पुस्तक एवं स्मृति-चिह्न से किया अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान असम साहित्य सभा, टियोक शाखा की ओर से चिकित्सकों को सम्मान-पत्र प्रदान किए गए, जबकि मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा ने उन्हें पुस्तक एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधियों ने सभी चिकित्सकों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर जनसेवा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

‘चिकित्सक केवल उपचारकर्ता नहीं, मानवता के रक्षक हैं’
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार करने वाले पेशेवर नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे रक्षक हैं। वे अपने ज्ञान, संवेदनशीलता, धैर्य और सेवा-भाव के माध्यम से समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे समर्पित चिकित्सकों का सम्मान करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का सर्वोत्तम माध्यम भी।

इन वरिष्ठ चिकित्सकों का हुआ सम्मान
सम्मान समारोह के अंतर्गत टियोक क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. मुकेश्वर बोरा, डॉ. शरद कुमार दास, डॉ. कृष्णकांत बोरा, डॉ. अजीत बोरा, डॉ. दुलुमणि कलिता, डॉ. अतुल बरुआ, डॉ. यतीन्द्र कुमार दास तथा डॉ. नवीन कोंवर सहित अनेक चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। सभी चिकित्सकों की वर्षों से समाज के प्रति समर्पित चिकित्सा सेवा, त्याग, मानवता और जनकल्याण में उनके उल्लेखनीय योगदान को नमन करते हुए उन्हें सम्मान अर्पित किया गया।

मारवाड़ी सम्मेलन ने व्यक्त किया आभार
मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा के सचिव बीजू कुमार तुनवाल ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सम्मानित चिकित्सकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि चिकित्सक समाज के ऐसे स्तंभ हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा असंख्य लोगों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार करती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा समाज सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने सभी चिकित्सकों के उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना करते हुए उनके योगदान के प्रति सम्मेलन की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।

समाजहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम में असम साहित्य सभा एवं मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। दोनों संगठनों ने भविष्य में भी समाजहित, जनसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करते रहने का संकल्प व्यक्त किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस को चिकित्सकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतीक के रूप में मनाते हुए उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।




