जोरहाट के समग्र विकास पर टियोक में हुआ मंथन : भविष्य की विकास रूपरेखा पर जनसंवाद : जिला दिवस–2026 पर पर्यावरण, शिक्षा, पर्यटन, कृषि और जनभागीदारी को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
'जागृत जोरहाट' पोर्टल से प्रशासन और जनता के बीच मजबूत संवाद की पहल, नागरिकों से सक्रिय सहयोग का आह्वान

टियोक, 3 जुलाई : जोरहाट जिले के सर्वांगीण विकास, ऐतिहासिक पहचान, प्राकृतिक संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से जोरहाट जिला दिवस–2026 के अवसर पर टियोक में एक विशेष जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
टियोक सह-जिला प्रशासन की पहल पर सह-जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में “जोरहाट जिला: इसका वर्तमान परिप्रेक्ष्य और भविष्य” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की विकास संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लेकर जोरहाट को एक विकसित, हरित और आत्मनिर्भर जिले के रूप में आगे बढ़ाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।

विकास के साथ पर्यावरण संतुलन जरूरी — शांतनु पुजारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता असम इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ए.आई.आई.डी.सी.) के अध्यक्ष शांतनु पुजारी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी होती है।
उन्होंने कहा कि जोरहाट को ऐसा विकास मॉडल बनाना होगा, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राकृतिक संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संरक्षण हो।

‘प्रकृति की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी’ — फॉरेस्ट मैन जादव पायेंग
भारत के प्रसिद्ध ‘फॉरेस्ट मैन’ पद्मश्री जादव पायेंग ने कार्यक्रम में अपने प्रेरणादायी विचार साझा करते हुए पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए केवल सरकार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक को आगे आना होगा।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्रकृति संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

शिक्षा से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव — डॉ. तुफैल जिलानी
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट शिक्षाविद एवं काकोजान कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. तुफैल जिलानी ने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने युवाओं से नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और नई सोच के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

जोरहाट की विरासत और भविष्य को साथ लेकर आगे बढ़ने का लक्ष्य — सह-जिला आयुक्त मोगेन नरह
टियोक के सह-जिला आयुक्त मोगेन नरह ने अपने संबोधन में कहा कि जिला दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की उपलब्धियों की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि जोरहाट अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के लिए जाना जाता है और इसके विकास में प्रशासन के साथ साथ आम नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सभी लोगों से विकास कार्यों में सकारात्मक सहयोग देने का आग्रह किया।

विभिन्न क्षेत्रों के विकास पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम का सफल संचालन जोरहाट के सिविल डिफेंस विभाग के उप-नियंत्रक सीमांत शर्मा ने सुंदर एवं प्रभावी ढंग से किया। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।
इनमें प्रमुख रूप से पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण, पर्यटन विकास की संभावनाएं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, कृषि क्षेत्र का विकास, युवाओं की भागीदारी तथा स्वच्छता और जनजागरूकता जैसे विषय शामिल रहे।
वक्ताओं ने जोरहाट को स्वच्छ, हरित और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया।

‘जागृत जोरहाट’ पोर्टल की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के अंत में 1 जुलाई को जिला आयुक्त जय शिवानी द्वारा शुरू किए गए ‘जागृत जोरहाट’ पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें, सुझाव और जनहित से जुड़े विषय सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। प्रशासन ने लोगों से इसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर टियोक सह-जिला आयुक्त मोगेन नरह, टियोक विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रतिनिधि, समाजसेवी सौरभ प्राण बोरा, देउरी स्वायत्त परिषद के सदस्य केशव देउरी, टियोक राजस्व चक्र के चक्र अधिकारी वेदांत बरुआ, टियोक के सहायक आयुक्त आईरिस अरमान अहमद और सुस्वागता बरुआ तथा वन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
साथ ही टियोक प्रेस क्लब के अध्यक्ष बीजू कुमार तुनवाल सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित यह चर्चा सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम का समापन जोरहाट जिले के सर्वांगीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और मजबूत जनभागीदारी के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।




