विश्व पर्यावरण दिवस पर डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब का हरित संकल्प : सीआरपीएफ, वन विभाग और पत्रकारों ने मिलकर किया वृक्षारोपण, जुबिन गर्ग की स्मृति में लगाए गए नाहर के पौधे : “कोविड ने सिखाया कि ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत पेड़ हैं” : डीआईजी प्रभाकर त्रिपाठी

“पौधा लगाना ही नहीं, उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी” : लोहित डेका
ज्योति खाखोलिया, डिब्रूगढ़, 5 जून :
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देते हुए डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब ने 171 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा वन विभाग के सहयोग से शुक्रवार को अपने चौकीडींगी स्थित परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, खेल जगत से जुड़े व्यक्तियों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

विश्वभर में हर वर्ष 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर गंभीर चिंतन और जनजागरूकता का भी महत्वपूर्ण मंच बना।
जुबिन गर्ग को समर्पित रहा वृक्षारोपण अभियान
इस वर्ष का वृक्षारोपण अभियान विशेष रूप से महान असमिया गायक एवं संगीतकार **** को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित किया गया। नाहर वृक्ष के प्रति उनके विशेष लगाव को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान नाहर के पौधे लगाए गए।

आयोजकों ने बताया कि नाहर वृक्ष असम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी प्रतीक माना जाता है।
डीआईजी प्रभाकर त्रिपाठी रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में सीआरपीएफ के डीआईजी (ऑपरेशंस) प्रभाकर त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सीआरपीएफ 171 बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर एस. केंगू, पंकज पी. शाह, द्वितीय-इन-कमांड संजय मारवाड़, डिब्रूगढ़ जिला खेल संघ (डीडीएसए) के महासचिव एवं पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर कामाख्या सैकिया, ऑल इंडिया रेडियो डिब्रूगढ़ के पूर्व कार्यक्रम प्रमुख लोहित डेका तथा डॉ. राधाकृष्णन स्कूल ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस के निदेशक एवं प्राचार्य बिकाश गोगोई विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष मानस ज्योति दत्ता, महासचिव रिपुनजॉय दास, क्लब के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पत्रकार एवं सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
डीआईजी त्रिपाठी के नेतृत्व में हुआ पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि प्रभाकर त्रिपाठी के नेतृत्व में सभी अतिथियों एवं प्रेस क्लब के सदस्यों ने नाहर के पौधे लगाए। वृक्षारोपण के बाद सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
कोविड का उदाहरण देकर बताया पेड़ों का महत्व
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डीआईजी प्रभाकर त्रिपाठी ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने मानव समाज को प्रकृति के महत्व का वास्तविक एहसास कराया।

उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान मरीजों के लिए ऑक्सीजन ही सबसे बड़ी दवा बन गई थी। उस कठिन समय ने हमें यह सिखाया कि जीवन के लिए ऑक्सीजन कितनी महत्वपूर्ण है और ऑक्सीजन का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत पेड़ हैं। यदि हमें स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य चाहिए तो अधिक से अधिक वृक्ष लगाने होंगे और मौजूदा हरित आवरण की रक्षा करनी होगी। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानते हुए अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
पौधारोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी : लोहित डेका
ऑल इंडिया रेडियो डिब्रूगढ़ के पूर्व कार्यक्रम प्रमुख लोहित डेका ने अपने संबोधन में वृक्षारोपण के बाद उसकी देखभाल के महत्व पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल शुरुआत है। यदि उसकी नियमित देखभाल नहीं की गई तो वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। प्रत्येक पौधे को एक मजबूत वृक्ष बनने तक संरक्षण और देखभाल की आवश्यकता होती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग, जंगलों की कटाई, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी समस्याओं का सामना कर रही है।

ऐसे समय में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और हरित जीवनशैली को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सभी आमंत्रित अतिथियों को डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब की ओर से स्मृति-चिह्न तथा पारंपरिक असमिया गमोचा भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन के सफल संचालन में प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महासचिव रिपुनजॉय दास ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक वृक्ष लगाए और उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाली एक प्रेरणादायक पहल भी सिद्ध हुआ।




