24 वर्षों बाद IRCTC का सबसे बड़ा डिजिटल बदलाव : नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, अब ट्रेन टिकट बुकिंग होगी पहले से अधिक तेज, सरल और स्मार्ट : लॉन्च हुआ नया बीटा पोर्टल
यात्रियों से मांगा गया फीडबैक, MNIT छात्रों के सुझावों पर तैयार हुआ आधुनिक प्लेटफॉर्म

न्यूज डेस्क, 16 जुलाई : भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने करीब 24 वर्षों बाद अपने ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल का नया बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। बुधवार रात 9 बजे रेल मंत्रालय ने इस नए पोर्टल को आम यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया, ताकि लोग वेबसाइट के नए स्वरूप (Look & Feel) का अनुभव कर सकें और इसके फीचर्स पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकें। यह बीटा संस्करण परीक्षण के उद्देश्य से जारी किया गया है और यात्रियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें आगे और सुधार किए जाएंगे।
2002 में शुरू हुई थी वेबसाइट, आज प्रतिदिन 14.5 लाख टिकटों का संभालती है भार
IRCTC की आधिकारिक टिकट बुकिंग वेबसाइट पहली बार वर्ष 2002 में शुरू की गई थी। पिछले दो दशकों में यह देश के करोड़ों रेल यात्रियों की प्रमुख ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा बन चुकी है। वर्तमान में यह पोर्टल औसतन 14.5 लाख टिकट प्रतिदिन बुक करता है। लगातार बढ़ते डिजिटल ट्रैफिक और यात्रियों की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे ने वेबसाइट को पूरी तरह नए स्वरूप में विकसित करने का निर्णय लिया।
छात्रों के सुझाव बने बदलाव की प्रेरणा
नई वेबसाइट के विकास की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें जयपुर स्थित मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों के सुझावों को शामिल किया गया। कुछ सप्ताह पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ छात्रों की बातचीत के दौरान वेबसाइट की धीमी गति, जटिल प्रक्रिया और उपयोग में आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद रेलवे ने छात्रों के सुझावों के आधार पर वेबसाइट को नए रूप में विकसित कराया। डिज़ाइन प्रक्रिया में भी छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे वेबसाइट का इंटरफेस अधिक आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा सका।
साफ-सुथरा इंटरफेस, आसान नेविगेशन और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव
नई वेबसाइट का सबसे बड़ा आकर्षण इसका क्लीन और डिस्ट्रैक्शन-फ्री यूजर इंटरफेस है। पहले की तुलना में वेबसाइट अधिक व्यवस्थित, तेज और सरल दिखाई देती है। अनावश्यक ग्राफिक्स, अव्यवस्थित विकल्प और जटिल प्रक्रिया को हटाकर टिकट बुकिंग को सहज बनाया गया है। मोबाइल, टैबलेट और डेस्कटॉप—तीनों प्लेटफॉर्म पर वेबसाइट को बेहतर ढंग से उपयोग करने योग्य बनाया गया है।
बीटा वर्जन में किए गए चार बड़े बदलाव
रेल मंत्रालय के अनुसार, बीटा संस्करण में चार महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं—
1. कैप्चा और अनावश्यक व्यवधान समाप्त
अब बार-बार आने वाले अनावश्यक Captcha, पॉप-अप और चमकदार ग्राफिक्स को हटाया गया है, जिससे टिकट बुकिंग के दौरान उपयोगकर्ता का ध्यान नहीं भटकेगा और प्रक्रिया अधिक सहज होगी।
2. सभी श्रेणियों में सीट उपलब्धता एक साथ
अब यात्रियों को विभिन्न श्रेणियों (Classes) में सीटों की उपलब्धता अधिक सुविधाजनक तरीके से दिखाई देगी, जिससे निर्णय लेने में समय कम लगेगा।
3. तेज़ चेकआउट प्रक्रिया
टिकट बुकिंग के चरण (Steps) कम कर दिए गए हैं। कम क्लिक में पूरी प्रक्रिया पूरी होगी, जिससे विशेष रूप से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान समय की बचत होगी।
4. आसान रिपीट बुकिंग
यात्रियों की जानकारी सुरक्षित रहेगी। बार-बार नाम, आयु और अन्य विवरण भरने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे नियमित यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
तत्काल टिकट बुकिंग के अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस
रेलवे का कहना है कि नई वेबसाइट विशेष रूप से Tatkal टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली तकनीकी परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। तेज़ पेज लोडिंग, कम बुकिंग स्टेप्स, सरल इंटरफेस और बेहतर सर्वर क्षमता से पीक समय में भी वेबसाइट के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। यह बदलाव लाखों यात्रियों को राहत दे सकता है, जिन्हें पहले व्यस्त समय में वेबसाइट की धीमी गति और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
बीटा संस्करण का उद्देश्य—यात्रियों की राय से होगा अंतिम सुधार
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभी ट्रायल (Beta) संस्करण है। इसका मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों से वास्तविक उपयोग के दौरान फीडबैक प्राप्त करना है। यात्रियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर वेबसाइट में आवश्यक तकनीकी और उपयोगकर्ता संबंधी सुधार किए जाएंगे। इसके बाद पूर्ण रूप से उन्नत पोर्टल सभी के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
डिजिटल रेलवे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि नई IRCTC वेबसाइट भारतीय रेलवे के डिजिटल आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि बीटा परीक्षण सफल रहता है तो आने वाले समय में टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी, विश्वसनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल हो जाएगी। इससे करोड़ों रेल यात्रियों को बेहतर डिजिटल अनुभव मिलने की उम्मीद है और रेलवे की ऑनलाइन सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।




