संस्कारों से सजेगा भविष्य, संस्कृति से होगा व्यक्तित्व का निर्माण : मारवाड़ी युवा मंच मोरानहाट की ‘संस्कार कक्षा’ का भव्य शुभारंभ : भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण से जुड़ेगा बालमन : प्रारंभिक चरण में 15 बच्चों का पंजीकरण, अभिभावकों में दिखा विशेष उत्साह

मोरानहाट, 14 जून : तेजी से बदलते आधुनिक परिवेश और तकनीक प्रधान जीवनशैली के बीच बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवनोपयोगी संस्कारों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मारवाड़ी युवा मंच, मोरानहाट शाखा द्वारा प्रारंभ की गई “संस्कार कक्षा” का भव्य शुभारंभ रविवार को मंच कार्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मंच पदाधिकारियों, वरिष्ठ समाजबंधुओं, अभिभावकों एवं बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संस्कार कक्षा के शुभारंभ को लेकर बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का वातावरण भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।

भारतीय संस्कृति में संस्कारों का विशेष महत्व
भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक मानी जाती है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सदैव शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन का आधार माना है। भारतीय परंपरा में ज्ञान केवल पुस्तकीय शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, व्यवहार, अनुशासन, सेवा, विनम्रता, परिवार के प्रति सम्मान, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति को भी उतना ही महत्व दिया गया है।
आज जब बच्चे डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के प्रभाव में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में उन्हें भारतीय जीवन मूल्यों, आदर्शों और नैतिक शिक्षा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। इसी उद्देश्य को लेकर मारवाड़ी युवा मंच द्वारा संस्कार कक्षा प्रारंभ की गई है, जो आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : छगनलाल माड़ोदिया
कार्यक्रम में उपस्थित शाखा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी छगनलाल माड़ोदिया ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि बच्चों को दिया गया संस्कार जीवनभर उनका मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा देता है, लेकिन परिवार और समाज उन्हें संस्कार देते हैं। यदि बाल्यावस्था में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण कर दिया जाए तो वही बच्चे आगे चलकर समाज, परिवार और राष्ट्र के लिए आदर्श नागरिक बनते हैं।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल डिग्रीधारी युवाओं की नहीं बल्कि संस्कारित, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिकों की है। संस्कार कक्षा इसी दिशा में एक दूरदर्शी और अत्यंत आवश्यक पहल है।
संस्कारयुक्त बालक ही राष्ट्र का भविष्य : पवन मोर
वरिष्ठ सदस्य पवन मोर ने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों का समग्र विकास है। केवल शैक्षणिक सफलता ही जीवन की सफलता नहीं होती, बल्कि चरित्र, अनुशासन, नैतिकता और व्यवहार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव माता-पिता, गुरुजनों एवं समाज के प्रति सम्मान की शिक्षा दी है। यदि बच्चों को प्रारंभ से ही इन मूल्यों से जोड़ा जाए तो वे जीवन की हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ कर सकेंगे।
उन्होंने संस्कार कक्षा को समाज की भावी पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश बताते हुए इसकी सराहना की।
मूल्य आधारित शिक्षा ही सशक्त समाज की आधारशिला : धर्मेश पारीक
सेल्फ डेवलपमेंट समिति के सदस्य धर्मेश पारीक ने कहा कि संस्कार और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि शिक्षा व्यक्ति को सक्षम बनाती है तो संस्कार उसे श्रेष्ठ बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज बच्चों को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ संवेदनशीलता, करुणा, सहयोग, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की शिक्षा देना भी आवश्यक है। संस्कार कक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले समय में समाज के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी।
जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक तैयार करना हमारा उद्देश्य : स्वीटी शर्मा
मारवाड़ी युवा मंच मोरानहाट शाखा की अध्यक्ष स्वीटी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मंच का यह प्रकल्प बच्चों के सर्वांगीण विकास को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्य, अनुशासन और नैतिकता की भी आवश्यकता है। संस्कार कक्षा के माध्यम से बच्चों को ऐसे वातावरण में सीखने का अवसर मिलेगा जहां वे अच्छे विचारों और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों के भीतर नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना और संस्कारों का विकास करना है ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बन सकें।

अभिभावकों ने दिखाई विशेष रुचि
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को संस्कार कक्षा की विस्तृत रूपरेखा, उद्देश्य एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी दी गई। अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
प्रारंभिक चरण में ही 15 बच्चों का पंजीकरण प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि समाज में मूल्य आधारित शिक्षा और संस्कारों के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
क्या-क्या सिखाया जाएगा संस्कार कक्षा में
संस्कार कक्षा में बच्चों को निम्न विषयों पर नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा—
– नैतिक शिक्षा एवं जीवन मूल्य
– भारतीय संस्कृति एवं परंपराएं
– प्रेरणादायक प्रसंग एवं महापुरुषों का जीवन
– अनुशासन एवं समय प्रबंधन
– व्यक्तित्व विकास
– राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व
– योग एवं ध्यान के मूल तत्व
– पारिवारिक एवं सामाजिक व्यवहार
– सेवा, सहयोग एवं नेतृत्व क्षमता का विकास
इन विषयों को बच्चों की आयु के अनुरूप सरल, रोचक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रत्येक सप्ताह होगा नियमित संचालन
शाखा सचिव मनीष बेड़िया ने बताया कि संस्कार कक्षा का नियमित संचालन आगामी शनिवार से प्रत्येक सप्ताह सायं 5:45 बजे से 7:00 बजे तक किया जाएगा।
उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस अभिनव पहल से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज बोए गए संस्कार ही कल एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है तथा इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन करवा सकते हैं।
इन सदस्यों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सेल्फ डेवलपमेंट समिति के सदस्य धर्मेश पारीक, रानु माड़ोदिया, पायल अग्रवाल, आयुषी पसारी, कविता मोर, सपना मोर, स्वाति गाड़ोदिया, मोनिका अग्रवाल, प्रकाश खाखोलिया, रितिक अग्रवाल एवं रोशनी खाखोलिया का विशेष योगदान रहा।
संस्कारयुक्त पीढ़ी निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मारवाड़ी युवा मंच मोरानहाट द्वारा प्रारंभ की गई यह संस्कार कक्षा केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण पर आधारित एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप लेती दिखाई दे रही है। यह पहल आने वाली पीढ़ी को संस्कारित, जिम्मेदार और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस आशय की जानकारी शाखा सचिव मनीष बेड़िया द्वारा प्रदान की गई।




