प्रतिभा, संस्कार और सम्मान का अद्भुत संगम : मारवाड़ी सम्मेलन, धुबड़ी शाखा द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन : 15 मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों का भी हुआ सम्मान : शिक्षा और संस्कार के महत्व पर वक्ताओं ने दिए प्रेरक संदेश

धुबड़ी, 17 जून : शिक्षा, संस्कार, परिश्रम और प्रतिभा को सम्मानित करने की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मारवाड़ी सम्मेलन धुबड़ी शाखा द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में “प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान समारोह” का भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान नहीं था, बल्कि परिवार, गुरुजनों और समाज के सामूहिक योगदान को नमन करने का एक भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद अवसर भी बन गया।

दीप प्रज्वलन एवं असम के जातीय गीत से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात असम के गौरवशाली जातीय गीत का सामूहिक गायन किया गया। पूरे सभागार में राष्ट्रभावना, सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन एवं गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया। उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाजबंधुओं ने इस अवसर को अत्यंत भावनात्मक एवं प्रेरणादायक बताया।

शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : डॉ. किशोर कुमार शाह
समारोह के मुख्य अतिथि बी.एन. कॉलेज धुबड़ी के प्राचार्य डॉ. किशोर कुमार शाह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि सफलता केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों से नहीं मापी जाती, बल्कि जीवनभर सीखते रहने की प्रवृत्ति, अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक सोच और निरंतर आत्मविकास से प्राप्त होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही विद्यार्थी समाज, राज्य और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लक्ष्य के प्रति समर्पण और समय का सदुपयोग आवश्यक : दिगंत विश्वास
विशिष्ट अतिथि के रूप में गौरीपुर पी.बी. कॉलेज के लेखाशास्त्र विभाग के सह प्राध्यापक दिगंत विश्वास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सदैव स्मरण रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में सफलता उन्हीं को प्राप्त होती है जो अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास बनाए रखते हैं।

प्रतिभा के साथ धैर्य और आत्मविश्वास भी जरूरी : एच. एम. इकबाल
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेते हुए गौरीपुर पी.बी. कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष एच. एम. इकबाल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल प्रतिभाशाली होना पर्याप्त नहीं है। सफलता के लिए निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण भी उतने ही आवश्यक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

संस्कार, चरित्र और नैतिक मूल्यों से बनता है श्रेष्ठ व्यक्तित्व
हैप्पी कॉन्वेंट स्कूल धुबड़ी के वरिष्ठ शिक्षक समुद्र चौधरी एवं मानस कुमार तालुकदार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल बौद्धिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि अनुशासन, दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

दोनों शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को एक बेहतर इंसान बनने की दिशा में अग्रसर करे। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी भविष्य में समाज, राज्य और राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करेंगे, इसलिए उन्हें अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा के लिए भी करना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे परिवार और गुरुजनों का मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है।

यह उपलब्धि अंत नहीं, नई शुरुआत है : अनोप चन्द सेठिया
मारवाड़ी सम्मेलन धुबड़ी शाखा के अध्यक्ष अनोप चन्द सेठिया ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाजबंधुओं का हार्दिक स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। भविष्य में अनेक अवसर और चुनौतियाँ उनका इंतजार कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहकर उत्तम संस्कार, श्रेष्ठ चरित्र एवं मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
श्री सेठिया ने भावुक शब्दों में कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके माता-पिता, शिक्षकों और परिवारजनों का त्याग, समर्पण एवं अथक परिश्रम छिपा हुआ है। यह सम्मान केवल विद्यार्थियों का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का सम्मान है जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समाज के वरिष्ठजनों ने भी रखे प्रेरक विचार
कार्यक्रम में सम्मेलन शाखा के परामर्शदाता जोहरीमल सुराणा एवं अशोक कुमार अग्रवाला ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सम्मेलन की सदस्या एवं अधिवक्ता श्रीमती प्रभा जैन ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम की सराहना की। वहीं पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के मंडल ‘के’ के सहायक मंत्री श्री संजय कुमार मोर ने भी विद्यार्थियों को प्रेरक संदेश प्रदान किए।

15 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान कक्षा 12वीं के 12 तथा कक्षा 10वीं के 3, कुल 15 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके माता-पिता के साथ सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में —
कक्षा 12वीं के – रुचि भंसाली, पीयूष पारीक, साची अग्रवाल, रुद्र चौधरी, मेघा जैन, आयुष साराफ, मनन सेठिया, चाहत बैद, निकुंज खेतावत, श्रुति नाहटा, राशि ओसवाल, कौस्तुभ पुरोहित
कक्षा 10वीं के – धुन कुमारी बुच्चा, हुनर हरलालका एवं वैभवी कुम्पावत शामिल थे।

विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को मिला सम्मान
सम्मानित विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, पेन सेट एवं राजस्थानी चुनरी भेंट की गई। वहीं उनके माता-पिता एवं शिक्षकों को असमिया फुलाम गमोछा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डी.एम.के. फाउंडेशन के प्रबंधक महेंद्र कुमार मोर ने सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं उपस्थित शिक्षकों को सुंदर डायरी भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर सम्मेलन की ओर से परामर्शदाता अधिवक्ता जोहरीमल सुराणा, सीए अशोक कुमार अग्रवाला एवं श्री सुशील कुमार बैंगानी को भी फुलाम गमोछा पहनाकर सम्मानित किया गया।

पूजा सामसुखा ने किया प्रभावशाली संचालन
कार्यक्रम का अत्यंत गरिमामय, सुसंस्कृत एवं प्रभावशाली संचालन श्रीमती पूजा सामसुखा द्वारा किया गया। उनके उत्कृष्ट मंच संचालन की उपस्थित सभी अतिथियों एवं समाजबंधुओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

जब तालियों से गूंज उठा पूरा सभागार
समारोह का सबसे भावुक एवं यादगार क्षण वह रहा जब प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अनेक अभिभावकों की आंखों में गर्व, खुशी और संतोष के भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे।
यह दृश्य इस बात का जीवंत उदाहरण था कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उसके पीछे परिवार के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाज के सहयोग का भी अमूल्य योगदान होता है।

प्रतिभा का सम्मान ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
कार्यक्रम के संयोजक श्री विकास भंडारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, समाजबंधुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के उपरांत सभी के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई।

समारोह ने यह संदेश दिया कि जब परिवार, शिक्षक और समाज मिलकर किसी प्रतिभा का मार्गदर्शन करते हैं, तब सफलता के नए आयाम स्थापित होते हैं। यह आयोजन शिक्षा, संस्कार, परिश्रम, समर्पण और सामूहिक सामाजिक शक्ति का एक प्रेरणादायी उत्सव बनकर उभरा।
मारवाड़ी सम्मेलन धुबड़ी शाखा का यह सम्मान समारोह निश्चित रूप से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की भावना का संचार करने वाला एक यादगार एवं अनुकरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।




