Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMCRIMEhttps://nenews24x7.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifLocal NewsSIVASAGARक्राइमटॉप न्यूज़देशधर्मराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

हजरत मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद : शिवसागर में प्राथमिकी दर्ज, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप : उजोनी असम थलुवा मुस्लिम परिषद ने की तत्काल गिरफ्तारी की मांग 

सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील : वायरल न करने की अपील

शिवसागर, 5 जून : असम के शिवसागर जिले में सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पोस्ट में इस्लाम धर्म के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद के संबंध में कथित रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद मुस्लिम समाज सहित विभिन्न धार्मिक समुदायों के लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर संचालित एक पेज से ऐसा पोस्ट साझा किया गया, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष और नाराजगी का माहौल उत्पन्न हो गया। आरोप है कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्द और टिप्पणियां अत्यंत आपत्तिजनक थीं तथा किसी भी सभ्य मंच पर प्रकाशित किए जाने योग्य नहीं हैं।

घटना के बाद उजोनी असम थलुवा मुस्लिम परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानून का सहारा लिया है। संगठन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष फरीद इस्लाम हजारिका का आरोप है कि इस प्रकार की सामग्री समाज में धार्मिक वैमनस्य फैलाने तथा विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास है।

शिवसागर सदर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी

उजोनी असम थलुवा मुस्लिम परिषद की शिवसागर जिला समिति के संयुक्त सचिव मिनहाज अहमद ने गुरुवार को शिवसागर सदर थाने में एक लिखित प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित सोशल मीडिया पेज के संचालक ने जानबूझकर ऐसा पोस्ट प्रकाशित किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका पैदा हुई है।

एफआईआर में कहा गया है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती हैं। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा उसे शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है।

वायरल न करने की अपील

हालांकि विवादित पोस्ट के स्क्रीनशॉट और प्रतियां कई लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन शिवसागर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा जागरूक नागरिकों ने लोगों से अपील की है कि वे उक्त पोस्ट को सोशल मीडिया पर आगे साझा या वायरल न करें। उनका कहना है कि इससे समाज में तनाव बढ़ सकता है और शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

सभी धर्मों के लोगों ने जताई नाराजगी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों ने भी इस प्रकार की टिप्पणी की निंदा की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक प्रतीक या महापुरुष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लोगों से संयम बरतने और कानून पर विश्वास रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि असम की बहु-सांस्कृतिक और बहुधार्मिक परंपरा हमेशा आपसी भाईचारे और सौहार्द की रही है तथा किसी भी भड़काऊ सामग्री के कारण सामाजिक एकता को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। प्रशासन की ओर से भी लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी भड़काऊ सामग्री को साझा न करने की अपील की गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!