शिवसागर नगर पालिका की सियासी उठापटक के बीच हाशिए पर जनसरोकार : आखिर पैदल यात्रियों के लिए कब मुक्त होंगे शहर के फुटपाथ? फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण से सड़क पर उतरने को मजबूर राहगीर, रोज़ाना लग रहे जाम : नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
राजनीतिक खींचतान के बीच पेयजल, जलभराव, कचरा प्रबंधन, जर्जर सड़कें और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान की मांग तेज

शिवसागर, 15 जुलाई : शिवसागर नगर पालिका में पिछले कुछ समय से लगातार जारी राजनीतिक उठापटक— अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, अध्यक्ष परिवर्तन और अब उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव—के चलते नगर प्रशासन लगातार सुर्खियों में है। हालांकि इस राजनीतिक हलचल के बीच शहरवासियों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कब होगा। नागरिकों का कहना है कि जनहित के मूल मुद्दे राजनीतिक घटनाक्रम की भेंट चढ़ते नजर आ रहे हैं।
मूलभूत सुविधाओं के लिए अब भी संघर्ष कर रहे नागरिक
शहर के लोगों का कहना है कि कृत्रिम जलभराव, पेयजल संकट, कचरा प्रबंधन, जर्जर सड़कें और बढ़ता अतिक्रमण जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। नियमित रूप से नगर कर का भुगतान करने के बावजूद नागरिकों को अपेक्षित बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों का मानना है कि नगर प्रशासन को राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ कार्य करना चाहिए।
फुटपाथों पर कथित कब्जे से पैदल यात्रियों की बढ़ी परेशानी
इन दिनों शिवसागर शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में फुटपाथों पर कथित अतिक्रमण गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार अनेक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अपने दुकानों के बाहर बैनर, डिस्प्ले स्टैंड, सामान और अन्य व्यावसायिक सामग्री रखकर फुटपाथों के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इसके कारण पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए फुटपाथों का उपयोग लगभग असंभव हो गया है और लोगों को मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है।
राहगीर सड़क पर, शहर में बढ़ रहा ट्रैफिक जाम
नागरिकों का कहना है कि जब पैदल यात्री सड़क पर उतरकर चलने को विवश होते हैं, तो वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है और व्यस्त समय में बार-बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।
विशेष रूप से स्टेशन चाराली, बीजी रोड, एटी रोड, जमुना रोड, केपी चाराली, टेंपल रोड, दौलमुख चाराली और बाबूपट्टी रोड सहित शहर के कई प्रमुख बाजार क्षेत्रों में फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना और वाहन चलाना दोनों ही चुनौतीपूर्ण बन गया है।
‘छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई, बड़े प्रतिष्ठानों पर नरमी?’
शहर के कई नागरिकों ने आरोप लगाया कि यदि कोई शिक्षित बेरोजगार युवक सड़क किनारे छोटी दुकान लगाता है तो नगर पालिका तत्काल कार्रवाई कर उसे हटा देती है। वहीं दूसरी ओर, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा लंबे समय से फुटपाथों पर कथित अतिक्रमण किए जाने के बावजूद उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
नागरिकों का कहना है कि यदि नगर प्रशासन सभी के लिए समान नियम लागू करे तो शहर की व्यवस्था में सुधार संभव है।
मिलीभगत के आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं
कुछ स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका के कुछ लोगों और अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों के बीच कथित मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का कहना है कि यदि ये आरोप निराधार हैं तो नगर पालिका को निष्पक्ष एवं पारदर्शी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
फुटपाथ पैदल यात्रियों का अधिकार
शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ किसी भी आधुनिक शहर की मूलभूत आवश्यकता हैं। उनका कहना है कि पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना नगर निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सार्वजनिक मार्गों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता पर सर्वोच्च न्यायालय भी विभिन्न मामलों में बल दे चुका है। वहीं शहरी विकास संबंधी दिशा-निर्देशों में नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों का नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष अभियान चलाने की उठी मांग
शहर के जागरूक नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि तत्काल विशेष अभियान चलाकर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
नई अध्यक्ष से शहरवासियों को बड़ी उम्मीद
नगर पालिका की नई अध्यक्ष स्मृति रेखा दत्त के पदभार संभालने के बाद अब शहरवासियों की निगाहें नगर प्रशासन की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हैं। नागरिकों को उम्मीद है कि नई नेतृत्व टीम राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता देगी और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने, पेयजल, जलनिकासी, कचरा प्रबंधन तथा अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस, पारदर्शी और प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे शिवसागर एक अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम शहर के रूप में विकसित हो सके।




