नारी गरिमा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की अनुकरणीय मिसाल : शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने कारागार की महिलाओं को दी मूलभूत सुविधाओं की सौगात

शिवसागर, 20 मई : अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने समाज सेवा के क्षेत्र में एक और सराहनीय कदम उठाया है। समिति के स्थायी सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आज शिवसागर जिला कारागार में बंद महिला कैदियों के बीच आवश्यक उपयोग की वस्तुओं का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से समिति ने कैदियों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुविधा और सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।
कार्यक्रम में महिला कैदियों को सेनेटरी नैपकिन, साबुन, वस्त्र तथा कारागार परिसर के लिए दो सीलिंग फैन प्रदान किए गए। इन वस्तुओं का वितरण समिति की सदस्याओं द्वारा कारागार प्रबंधन की उपस्थिति में किया गया। गर्मी के मौसम में सीलिंग फैन कैदियों को कुछ राहत प्रदान करेंगे, जबकि सेनेटरी नैपकिन और साबुन जैसी वस्तुएं उनके स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता को सुनिश्चित करेंगी। वस्त्र वितरण से उनकी गरिमा बनी रहेगी और वे सम्मानपूर्वक दैनिक जीवन व्यतीत कर सकेंगी।
सेवा का उद्देश्य और व्यापक प्रभाव
समिति का यह स्थायी सेवा प्रकल्प समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक निरंतर सहयोग पहुँचाने का एक सतत प्रयास है। यह पहल न केवल महिलाओं की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी माध्यम बनती है। कारागार जैसी कठिन परिस्थितियों में बंद महिलाओं तक पहुंचकर समिति ने यह संदेश दिया है कि समाज उन्हें भूला नहीं है और उनकी गरिमा व स्वास्थ्य हमेशा प्राथमिकता में रहेगा।
वस्त्र वितरण में विशेष सहयोग प्रदान करने के लिए समिति ने श्रीमती शोभा साहेवाला के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उनके योगदान से इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिली।
अध्यक्ष श्रीमती सारिका देवड़ा का प्रेरक भाषण
समिति की अध्यक्ष श्रीमती सारिका देवड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहरी संवेदना के साथ कहा कि “नारी सम्मान और स्वच्छता, स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। हमारा प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की महिलाओं तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचें और वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। सेवा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है जब हम जरूरतमंदों के जीवन में आशा और संवेदना का संचार करें।”
उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि “एक छोटा सा सहयोग भी किसी के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। जब सेवा में संवेदनशीलता और समर्पण जुड़ जाता है, तब समाज में सकारात्मक बदलाव स्वतः दिखाई देने लगता है। आज हमने कारागार की इन बहनों तक पहुंचकर उन्हें यह महसूस कराया है कि वे अकेली नहीं हैं। उनकी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना हमारा सामाजिक दायित्व है।”
संयोजिकाओं के विचार
संयोजिका श्रीमती संगीता अग्रवाला ने इस अवसर पर कहा कि “महिला कैदियों को सेनेटरी नैपकिन, साबुन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी गरिमा को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। कारागार की कठिन परिस्थितियों में ये छोटी-छोटी सुविधाएं उनके दैनिक जीवन को थोड़ा बेहतर बना सकती हैं।”
वहीं संयोजिका श्रीमती सरोज चौखानी ने भावुक होते हुए कहा कि “कारागार में बंद महिलाएं भी हमारे समाज का हिस्सा हैं। वस्त्र, फैन और स्वच्छता की वस्तुएं उन्हें गर्मी की परेशानी से राहत देंगी तथा यह एहसास दिलाएंगी कि पूरा समाज उनकी पीड़ा और जरूरतों को समझता है। हमारा प्रयास है कि ऐसी सेवा गतिविधियां भविष्य में भी जारी रहें।”
समिति की निरंतर सेवा परंपरा
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों की मदद के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम उनके स्थायी सेवा प्रकल्प का हिस्सा है, जो समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करता है।
शिवसागर जिला कारागार प्रशासन की ओर से उपस्थित अधिकारी रमेश चंद्र बोडो तथा ऋतुराज चेतिया ने भी समिति के इस मानवीय प्रयास की सराहना की है और भविष्य में ऐसी सहयोगी पहलों का स्वागत करने की इच्छा जताई है।
यह सेवा कार्य साबित करता है कि सेवा भावना की कोई सीमा नहीं होती। शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने एक बार फिर दिखाया है कि छोटे-छोटे कदम और संवेदनशील प्रयास समाज में बड़ी सकारात्मक क्रांति ला सकते हैं।
यह पहल न केवल कारागार की महिलाओं के लिए राहत का स्रोत बनी, बल्कि पूरे असम में सेवा और संवेदना का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इस सेवा कार्यक्रम की संयोजिका के रूप में श्रीमती संगीता अग्रवाला एवं श्रीमती सरोज चोखानी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष श्रीमती सारिका देवड़ा, कोषाध्यक्ष श्रीमती संगीता अग्रवाला तथा सक्रिय सदस्य श्रीमती सरोज चौखानी एवं श्रीमती शोभा साहेवाला विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस आशय की जानकारी समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने एक विज्ञप्ति में दी है।




