
शिवसागर, 26 मई : शिवसागर जिला आयुक्त (डीसी) कार्यालय तथा प्रस्तावित विज्ञान संग्रहालय को शिवसागर सदर क्षेत्र से हटाकर डिमौ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानांतरित किए जाने की खबर से जिले में व्यापक आक्रोश फैल गया है। स्थानीय नागरिक समाज और विभिन्न जातीय संगठनों ने सरकार एवं प्रशासन के इस संभावित निर्णय का तीखा विरोध जताया है।
इससे पहले 24 मई को शिवसागर नागरिक सभा ने भी इस प्रस्ताव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया था कि किसी भी परिस्थिति में जिला आयुक्त कार्यालय को शिवसागर सदर से अन्यत्र स्थानांतरित नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही प्रस्तावित विज्ञान संग्रहालय को भी शिवसागर में ही स्थापित करने की मांग की गई थी। संगठन ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजने का निर्णय भी लिया है।
इसी विरोध के क्रम में सोमवार को चार जातीय एवं छात्र संगठनों ने शिवसागर जिला आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सरकार-प्रशासन से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। ज्ञापन पर सदौ असम अनुसूचित जाति छात्र संस्था के केंद्रीय महासचिव परश ज्योति दास, अखिल कोच राजबंशी छात्र संस्था के केंद्रीय महासचिव पार्थ ज्योति बोरा, असम छात्र युवा सम्मिलन के केंद्रीय अध्यक्ष जिंटू मेच तथा चिलाराय सेना के पार्थज्योति नौकाक्ष ने हस्ताक्षर किए।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि शिवसागर में प्रस्तावित विज्ञान संग्रहालय को किसी अन्य स्थान पर स्थापित करने के साथ-साथ जिला आयुक्त कार्यालय को भी शिवसागर सदर से वर्तमान डिमोउ विधानसभा क्षेत्र के भाधरा इलाके में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। संगठनों ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए तीव्र असंतोष व्यक्त किया।
संगठनों का कहना है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध शिवसागर शहर में लंबे समय से कोई बड़ा आधुनिक संस्थान स्थापित नहीं किया गया है। ऐसे में प्रस्तावित विज्ञान संग्रहालय को भी अन्यत्र ले जाना शिवसागर के लोगों के साथ अन्याय होगा।
नेताओं ने यह भी कहा कि जिला मुख्यालय वर्तमान में ऐसे स्थान पर स्थित है, जहां जिले के सभी हिस्सों से आवागमन की सुविधा उपलब्ध है। यदि जिला आयुक्त कार्यालय को किसी दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाता है, तो आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से इस निर्णय को तुरंत रद्द करने तथा शिवसागर के लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।



