चराईदेव जिले में ‘अंधविश्वास विरोधी दिवस’ का भव्य आयोजन : समाज सुधारक वीरुबाला राभा की स्मृति में जागरूकता अभियान

शिवसागर 14 मई : चराईदेव जिले के महिला एवं शिशु विकास विभाग तथा जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र की संयुक्त पहल पर और चराईदेव जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग से कोरोकानी बोरगांव प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में अंधविश्वास विरोधी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर एक प्रभावशाली जागरूकता सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि 13 मई को प्रसिद्ध समाज सुधारक वीरुबाला राभा की स्मृति में पूरे असम राज्य के साथ-साथ चराईदेव जिले में भी अंधविश्वास विरोधी दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में फैली अंधविश्वास की कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और लोगों को तर्कसंगत एवं तथ्य आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चराईदेव जिला आयुक्त डॉ. नेहा यादव ने अपने प्रेरक संबोधन में अंधविश्वास के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के इस आधुनिक युग में भी हमारी समाज की एक बड़ी आबादी अंधविश्वास की जंजीरों में जकड़ी हुई है। भूत-प्रेत, टोना-टोटका, अशुभ-अशुभ मुहूर्त, जादू-टोना और अंधविश्वासी रीति-रिवाजों के कारण हम न सिर्फ अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कभी-कभी अपनी जान भी गंवा बैठते हैं। मैं आप सभी से अपील करती हूं कि हमें दैनिक जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। जब कोई बीमार हो तो ओझा-गुणी के पास जाने के बजाय डॉक्टर के पास जाएं। बाल विवाह, दहेज प्रथा और सती जैसी कुरीतियों को हम सामूहिक रूप से रोकें। हमारी बेटियां शिक्षा प्राप्त करें, स्वावलंबी बनें और समाज की प्रगति में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि अंधविश्वास केवल व्यक्तिगत हानि नहीं करता, बल्कि पूरे समाज को पिछड़ा रखता है। आज हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अंधविश्वास मुक्त समाज देंगे। जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को और बढ़ावा दिया जाएगा। डॉ. नेहा यादव के प्रेरणादायक भाषण ने उपस्थित सभी लोगों को गहरी प्रभावित किया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी उत्तम अधिकारी ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी और सभी का आभार व्यक्त किया।
सहजिला आयुक्त दिनचेंगफा बरुवा ने अपने भाषण में समाज की कुछ प्रथाओं पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कई रूढ़िवादी मान्यताएं समय के साथ बदल चुकी हैं, लेकिन हम अभी भी पुरानी सोच को पकड़े हुए हैं। एडीसी सुजाता गोगोई ने महिला सशक्तिकरण और अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता श्रीमती मेरी श्याम ने कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अंधविश्वास के नाम पर होनेवाले शोषण के खिलाफ सख्त कानून मौजूद हैं। काकोतिबारी पुलिस थाना के प्रभारी अधिकारी समजित फुलकुंवर ने कहा कि पुलिस विभाग ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
सभा में मुख्य विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी श्री दीपेन बोरगोहांई, ग्राम पंचायत अध्यक्ष जोनाली देवी, उपाध्यक्ष बिपिन सैकिया, शिशु विकास परियोजना अधिकारी अंजना दलै, डॉ. परिस्मृता सैकिया, प्रयासी सैकिया, निहारिका सूतीया, जिला महिला एवं शिशु विकास विभाग के अधिकारी नवज्योति गोगोई, जयंत कुमार गोगोई, नीना ज्योति चांगमाई, विभाग की मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कर्मी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा कोरोकानी गांव के सैकड़ों स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने अंधविश्वास मुक्त समाज निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




