चराईदेव जिले के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक की क्रूरता का मामला : आरोपी आरिफुल इस्लाम गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया

शिवसागर 14 मई : चराईदेव जिले के पीएम श्री मथुरापुर बागीचा प्राइमरी स्कूल में नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ अमानवीय मारपीट और खिड़की से फेंकने की कोशिश का भयानक मामला अब सख्त कार्रवाई के चरण में पहुंच गया है।
आरोपी शिक्षक मोहम्मद आरिफुल इस्लाम (51 वर्ष) को बुधवार देर रात मथुरापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शिक्षा विभाग ने आरोपी सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज 13 मई को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। फुटेज में आरिफुल इस्लाम कक्षा में बच्चों को डंडे से पीटते, लात-घूंसे मारते और एक बच्चे को पहली मंजिल की खिड़की से बाहर फेंकने की कोशिश करते दिख रहे हैं। बच्चों की चीखें और डर का माहौल साफ नजर आ रहा है।
मथुरापुर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। बुधवार रात को आरोपी को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के संदर्भ में मथुरापुर पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 117(2)/125/351, पॉक्सो एक्ट की धारा R/W Sec 8 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा R/W Sec 75 के तहत 16/2026 मामला दर्ज किया है। वर्तमान में आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की पूछताछ व जांच जारी है।

अभिभावक, स्कूल हेडमास्टर नासिउर रहमान और स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के अध्यक्ष भोला माल ने चराईदेव डिप्टी इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स को शिकायत दी थी।
जिला शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को जांच का निर्देश दिया गया है। इस बीच राज्य एलिमेंट्री एज्युकेशन विभाग की निदेशक सुरंजना सेनापति ने एक आदेश के जरिए आरोपी सहायक शिक्षक आरिफुल इस्लाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अभिभावक, स्थानीय लोग और असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आटसा) समेत अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया और आरोपी की स्थायी बर्खास्तगी व सख्त सजा की मांग की। स्कूल में सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और शिक्षकों की मानसिक स्वास्थ्य जांच की भी मांग की जा रही है।
एक अभिभावक ने बताया कि स्कूल बच्चे की सुरक्षा का स्थान होना चाहिए, लेकिन यहां शिक्षक ही खतरा बन गया। अब हम बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। यह घटना असम के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर जांच जारी है। आरोपी पर लगाई गई धाराओं और केस नंबर की विस्तृत जानकारी अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है।
इस मामले की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन भी कर रहा है। बच्चों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसी घटनाओं पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जानी चाहिए।




