मातृत्व का अनुपम उत्सव : शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने धूमधाम से मनाया मदर्स डे : प्रेरणादायक योगदान के लिए वरिष्ठतम सदस्याओं पन्ना बुखरेडिया एवं ललिता देवी का किया सम्मान
रेखा बुखरेडिया ने दी “मां" शीर्षक स्वरचित कविता की सुंदर एवं भावनात्मक प्रस्तुति

शिवसागर 11 मई : मां केवल जन्म नहीं देती, वह संस्कार, स्नेह और जीवन की सबसे सुंदर सीख भी देती है। इस भावपूर्ण पंक्ति के साथ अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन असम प्रांत के अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति द्वारा रविवार को मदर्स डे उत्सव बड़े हर्षोल्लास, आत्मीयता एवं भावनात्मक वातावरण में मनाया गया।
मातृत्व की गरिमा निस्वार्थ प्रेम और असीम त्याग को समर्पित इस कार्यक्रम में मातृत्व के सम्मान, प्रेम एवं त्याग को नमन करते हुए अनेक प्रेरणादायक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।
इस अवसर पर संस्था के स्थापना काल से ही जुड़ी दो वरिष्ठतम सदस्याओं श्रीमती पन्ना देवी बुखरेडिया एवं श्रीमती ललिता देवी मित्तल को उनके प्रेरणादायक योगदान, स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन और समाज सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा ने कहा कि मां वह पहली गुरु है जो हमें जीवन की सबसे बड़ी सीख और चुनौतियों का सामना करने की सीख देती है। उनके इस कथन ने पूरे कार्यक्रम को और भी गहराई प्रदान की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह पल था जब अध्यक्षा श्रीमती सारिका देवड़ा एवं उनकी पुत्रियों दीशा और प्रिया द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण नृत्य रहा। जिसने उपस्थित सभी सदस्याओं को भावविभोर कर दिया। नृत्य की प्रस्तुति मां-बेटियों के स्नेह, अपनत्व और समर्पण को दर्शाती इस प्रस्तुति ने सभी के हृदय को छू लिया। संगीत और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के संगम ने पूरे कार्यक्रम स्थल को मातृ प्रेम की महक से भर दिया।
साथ ही पूर्व अध्यक्ष रेखा बुखरेडिया द्वारा “मां” शीर्षक स्वरचित कविता की सुंदर एवं भावनात्मक प्रस्तुति दी गई, जिसे सुनकर पूरा वातावरण मातृभाव से सराबोर हो उठा। स्वरचित कविता की हर पंक्ति मां के त्याग, बलिदान और असीम स्नेह को बयान करती हुई सुनाई दी। कविता सुनते सुनते कई सदस्याओं की आँखें नम हो गई और पूरा वातावरण मातृभाव से सराबोर हो उठा। यह प्रस्तुति कार्यक्रम के सबसे यादगार क्षणों में से एक बन गई।
मदर्स डे को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए समिति ने कार्यक्रम के अंतर्गत मां से संबंधित मनोरंजक प्रश्नोत्तरी एवं विभिन्न खेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हंसी, उल्लास और आत्मीयता से भरपूर इस आयोजन ने सभी के मन में मातृत्व के प्रति सम्मान और प्रेम को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।
समिति की सचिव प्रीति केजरीवाल ने कहा कि मां सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि एक भावना है। हर दिन मदर्स डे की तरह मनाना चाहिए, क्यों कि मां का स्नेह कभी समाप्त नहीं होता।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्याओं की उपस्थिति रही।यह जानकारी समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी है।




