शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की प्रथम मासिक साधारण सभा सम्पन्न : मेधावी छात्रों का अभिनंदन, पूर्व अध्यक्षा रेखा बुखरेडिया को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए विशेष सम्मान
संगठन की शक्ति, सेवा की भावना और संस्कारों की परंपरा ही समाज को नई दिशा देती है - सारिका देवड़ा

शिवसागर, 8 मई : अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति के सत्र 2026-28 की प्रथम मासिक साधारण सभा गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा के निवास स्थान पर आयोजित इस सभा में 40 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सभा में नए सत्र की आगामी योजनाओं, सामाजिक गतिविधियों तथा संस्था के भावी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सदस्याओं ने चर्चा में भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मेधावी छात्रों का उत्साहवर्धन
सभा के दौरान शाखा सदस्याओं के उन बच्चों का विशेष अभिनंदन किया गया, जिन्होंने कक्षा 10 की परीक्षा में अपनी मेधा का परिचय देते हुए उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर परिवार और समाज का नाम रोशन किया। सदस्यों ने इन मेधावी छात्रों को कलम एवं मोमेंटो प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और आगे के शिक्षा जीवन में सफलता की की कामना की। यह सम्मान कार्यक्रम संस्था द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं एवं बच्चों को प्रोत्साहित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूर्व अध्यक्षा को मिला विशेष सम्मान
पूर्व अध्यक्षा श्रीमती रेखा बुखरेडिया का नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026’ में दर्ज होने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल समिति को गौरवान्वित किया, बल्कि स्थानीय महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी साबित हुई।
भजन जैमिंग प्रकल्प
सभा में भजन जैमिंग प्रकल्प की संयुक्त संयोजक रेखा बुखरेडिया एवं अंशु शर्मा ने सदस्यों को इस परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही शिवसागर शहर में पहली बार होने जा रहे इस आध्यात्मिकता से भरे कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी सदस्याओं से सक्रिय सहभागिता निभाने का अनुरोध किया। उल्लेखनीय है कि भजन जैमिंग का कार्यक्रम आगामी 1 जून सोमवार को शिवसागर नाट्य मंदिर सभागार में आयोजित होगा।

पर्यावरण जागरूकता
साथ ही पर्यावरण प्रमुख कविता अग्रवाल ने “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” श्रेणी के अंतर्गत पुरानी बोतलों और प्लेटों से पक्षियों के लिए बर्ड फीडर बनाने की सरल विधि बताई। उन्होंने कहा कि पुरानी प्लास्टिक की बोतलों और प्लेटों से बर्ड फीडर बनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे कूड़े का पुनर्चक्रण होता है, लैंडफिल में जाने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा कम होती है और प्रदूषण में कमी आती है। शहरों में जहां प्राकृतिक भोजन के स्रोत कम हो गए हैं, वहां ऐसे बर्ड फीडर पक्षियों के लिए जीवन रक्षक साबित होते हैं, खासकर सर्दियों और गर्मियों के मौसम में।
साथ ही यह गतिविधि बच्चों को रिसाइक्लिंग, पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा सिखाने का बेहतरीन माध्यम भी है। उन्होंने एक “छोटा सा प्रयास – बड़ा पर्यावरणीय प्रभाव” के स्लोगन के साथ सदस्याओं को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
मारवाड़ी महिला समिति शिवसागर का यह प्रशंसनीय प्रयास है। जिसके क्रियान्वयन से पक्षियों को नियमित भोजन उपलब्ध होने से उनकी संख्या बढ़ोतरी के साथ ही जैव-विविधता का संरक्षण होगा और पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत बनेगा।
पुराने वस्त्र संग्रह अभियान
सभा में सदस्याओं से अपील की गई कि वे पुराने वस्त्र 11 मई तक एकत्रित कर अध्यक्षा सारिका देवड़ा के निवास पर भिजवा दें। यह सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएगी। पुराने वस्त्रों को जरूरतमंदों तक पहुंचाना एक सरल, लेकिन अत्यंत प्रभावी सेवा कार्य है। इससे गरीब, बेघर और असहाय लोगों को गर्मी, सर्दी और बारिश से सुरक्षा मिलती है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास नए कपड़े खरीदने के साधन नहीं होते, उनके लिए ये वस्त्र जीवन की बुनियादी जरूरत पूरी करते हैं।
सेवा कार्य की दृष्टि से यह मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। दान देने से मन को संतोष मिलता है, करुणा की भावना जागृत होती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। यह छोटा सा प्रयास सामाजिक समानता और एकता की मिसाल बनता है।
जन्मदिन एवं वर्षगांठ का सामूहिक उत्सव
कार्यक्रम के दौरान सदस्याओं को जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए सामूहिक रूप से उत्सव मनाया गया। इससे सदस्यों के बीच आपसी सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा मिला।
मनोरंजक खेल एवं विजेता
सभा के अंतिम भाग में मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों में संगीता झुरिया, संध्या खेमका और संगीता अग्रवाल विजेता रहीं। कार्यक्रम आत्मीय संवाद और स्वादिष्ट अल्पाहार के साथ समाप्त हुआ।

अध्यक्षीय संबोधन
अध्यक्षा सारिका देवड़ा ने कहा कि संगठन की शक्ति, सेवा की भावना और संस्कारों की परंपरा ही समाज को नई दिशा देती है। जब लोग सामाजिक संस्था के बैनर तले एकजुट होकर सेवा के उद्देश्य से आगे बढ़ते हैं, तो छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिवर्तन का रूप ले लेते हैं। सेवा की भावना समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में सहायक बनती है।
उन्होंने कहा कि संस्कारों की परंपरा हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखती है। नैतिकता, करुणा, सम्मान और त्याग की शिक्षा देती है। इनके समन्वय से ही समाज में सकारात्मक बदलाव आता है, युवा पीढ़ी सही दिशा में अग्रसर होती है और एक बेहतर, संवेदनशील तथा संस्कारी समाज का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि संगठन वह दीपक है जो अंधेरे को दूर करता है, सेवा वह नदी है जो प्यास बुझाती है और संस्कार वह मिट्टी है जिसमें उत्तम फसल उगती है।
जब ये तीनों साथ चलते हैं, तब समाज स्वयं नई ऊंचाइयों को छूने लगता है।
वहीं सचिव प्रीति केजरीवाल ने सभा में उपस्थिति एवं सहयोग के लिए सभी सदस्याओं का आभार जताया और समिति की सभी गतिविधियों में सहभागी बनकर संस्था को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सहयोग का आग्रह किया। यह जानकारी समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी।
यह सभा शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की सक्रियता, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। समिति भविष्य में भी शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।




