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खंडेला ब्लॉक के जाजोद की बेटियों की आवाज बनी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता : रात्रि चौपाल में मांग, रात में निर्देश, सुबह आदेश जारी

रात्रि चौपाल के दौरान छात्राओं की एक छोटी सी गुहार पर मुख्यमंत्री ने महज रात भर में विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश जारी किए

सीकर 8 मई : “बेटी पढ़े, बेटी बढ़े” का संकल्प एक बार फिर साकार हुआ है। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की त्वरित और जन-केंद्रित कार्यशैली ने ग्रामीण बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है।

सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक के जाजोद गांव में रात्रि चौपाल के दौरान छात्राओं की एक छोटी सी गुहार पर मुख्यमंत्री ने महज रात भर में विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश जारी कर दिए। यह निर्णय न केवल एक स्कूल में नया संकाय खोलने का है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के भविष्य को मजबूत करने और शिक्षा में समानता लाने का प्रेरणादायक कदम है।

रात्रि चौपाल में उजागर हुई समस्या

गुरुवार की रात को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खंडेला विधानसभा क्षेत्र के जाजोद गांव पहुंचे थे। यहां ग्राम विकास चौपाल (रात्रि चौपाल) कार्यक्रम में उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाजोद की छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखी।

छात्राओं ने बताया कि स्कूल में विज्ञान संकाय (Science Stream) की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में कला संकाय चुनना पड़ता है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए दूर-दराज के स्कूलों में जाना पड़ता है। यह न केवल महंगा और थकाऊ है, बल्कि ग्रामीण बेटियों की सुरक्षा को भी चुनौती देता है।

छात्राओं की आंखों में पड़ी पढ़ाई की ललक देख मुख्यमंत्री का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत आश्वासन दिया कि यह समस्या जल्द ही दूर होगी।

सुपरफास्ट एक्शन : रात में निर्देश, सुबह आदेश

चौपाल समाप्त होते ही मुख्यमंत्री ने रात में ही शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को फोन कर तत्काल प्रभाव से जाजोद स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने के निर्देश दे दिए। शुक्रवार सुबह होते-होते शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए। अब छात्राएं गणित एवं जीव विज्ञान विषयों में अपनी रुचि के अनुसार अध्ययन कर सकेंगी। कुछ रिपोर्ट्स में दो नए संकायों की स्वीकृति का भी उल्लेख है।

सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्यमंत्री जब गांव की गलियों में घूम रहे थे, तब छात्राओं से उनकी मुलाकात हुई। सीएम ने खुद उन्हें यह खुशखबरी सुनाई। छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि इतनी तेजी से समाधान की उम्मीद उन्होंने सपने में भी नहीं सोची थी।

सीएम की कार्यशैली की सराहना

यह घटना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘गांव चली सरकार’ और ग्राम विकास यात्रा की भावना को सजीव करती है। वे सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनते हैं और मौके पर ही समाधान देते हैं। जाजोद के ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की और इसे सुशासन का उदाहरण बताया।

शिक्षा विभाग की सक्रियता ने भी इस प्रक्रिया को और तेज किया। अब स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा उपलब्ध होगी, जिससे कि अब बालिकाओं का ड्रॉपआउट रेट कम होगा और वे अपना करियर बना सकेंगी।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को नई गति

यह कदम ‘बेटी पढ़े, बेटी बढ़े’ अभियान के अनुरूप है। राजस्थान सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, AI लैब्स स्थापित करने और स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। जाजोद का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए भी मिसाल बनेगा, जहां ऐसी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।

मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल ने साबित कर दिया कि समर्पित नेतृत्व जनभावनाओं को प्राथमिकता देकर वास्तविक बदलाव ला सकता है। जाजोद की बेटियां अब अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। यह न केवल शिक्षा का उत्सव है, बल्कि एक बेहतर, समृद्ध और सशक्त राजस्थान की नींव भी है।

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