सड़क हादसों पर अंकुश के लिए शिवसागर प्रशासन सख्त—स्कूल-कॉलेजों के लिए उपायुक्त मृदुल यादव ने जारी किए व्यापक सड़क सुरक्षा निर्देश : हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर विशेष जोर—कम उम्र में या वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाने पर सख्त चेतावनी : ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग और खतरनाक ओवरटेकिंग के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक करने का निर्देश
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन और नशे से पूरी तरह परहेज—ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कानून के तहत होगी कार्रवाई : स्कूल-कॉलेज आने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी—विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों में भी लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता पर जोर

शिवसागर, 25 सितंबर : हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए शिवसागर जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। जिला आयुक्त मृदुल यादव ने 25 सितंबर को एक आदेश जारी कर जिले के स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों तथा संस्थान प्रमुखों को सड़क सुरक्षा से जुड़े व्यापक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। शिक्षण संस्थानों से कहा गया है कि वे विद्यार्थियों में सुरक्षित, जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाली सड़क व्यवहार संस्कृति विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके साथ ही अभिभावकों को भी यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े जोखिम और कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया है।

दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के इस्तेमाल पर विशेष जोर
निर्देशों के अनुसार, दोपहिया वाहन चलाने वाले सभी विद्यार्थियों को मानक सुरक्षा हेलमेट पहनने और उसे सही तरीके से बांधने के लिए सख्ती से प्रेरित किया जाएगा।
प्रचलित कानून के अनुसार जहां लागू हो, दोपहिया वाहन की पिछली सीट पर बैठने वाले पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी होगा। स्कूल-कॉलेजों को विद्यार्थियों के बीच हेलमेट के सही इस्तेमाल को लेकर लगातार जागरूकता बढ़ाने के लिए कहा गया है।
सीट बेल्ट लगाने के लिए विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
कार और अन्य ऐसे वाहनों में यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को, जिनमें सीट बेल्ट का प्रावधान लागू होता है, हर समय सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों को यह समझाने के लिए कहा गया है कि दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में सीट बेल्ट महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है।
कम उम्र में और वैध लाइसेंस के बिना वाहन चलाने पर रोक
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानूनी रूप से निर्धारित आयु पूरी किए बिना अथवा वैध ड्राइविंग लाइसेंस के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को मोटर वाहन चलाने की अनुमति या प्रोत्साहन नहीं दिया जाना चाहिए।
इस संबंध में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें कम उम्र में या बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाने से जुड़े कानूनी परिणामों की जानकारी देने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
ट्रिपल राइडिंग के खिलाफ सख्त चेतावनी
दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग करने या वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के खिलाफ विद्यार्थियों को सख्ती से आगाह करने को कहा गया है।
दोपहिया वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारी दुर्घटना के खतरे को बढ़ा सकती है। इसे देखते हुए स्कूल और कॉलेज प्रशासन को ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष जागरूकता और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग और खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने की हिदायत
विद्यार्थियों को ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग, खतरनाक ओवरटेकिंग और वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षित गति बनाए रखने, सड़क की परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने और यातायात के बीच वाहन चलाते समय जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आदत विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक
वाहन चलाते या दोपहिया वाहन पर सवारी करते समय विद्यार्थियों को मोबाइल फोन अथवा ध्यान भटकाने वाले किसी भी अन्य उपकरण का इस्तेमाल नहीं करने के लिए सख्त निर्देश देने को कहा गया है।
प्रशासन ने वाहन चलाते समय पूरा ध्यान सड़क पर रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए शिक्षण संस्थानों को इस संबंध में विद्यार्थियों के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा है।
शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना प्रतिबंधित
विद्यार्थियों को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित होने के साथ बेहद खतरनाक है।
ऐसी स्थिति में वाहन चलाने से चालक के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जान भी खतरे में पड़ सकती है। स्कूल-कॉलेजों को इसके कानूनी और सुरक्षा संबंधी परिणामों को लेकर लगातार जागरूकता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
ट्रैफिक सिग्नल, सड़क संकेत और लेन अनुशासन का पालन जरूरी
विद्यार्थियों को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क संकेत, लेन अनुशासन और ट्रैफिक पुलिस अथवा अन्य यातायात प्रवर्तन कर्मियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने कहा है कि यातायात नियमों का पालन केवल वाहन चालक की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों, यात्रियों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
स्कूल बस और वैन की सुरक्षा व फिटनेस सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी
स्कूल-कॉलेज प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली बसें, वैन और अन्य वाहन सभी लागू मोटर वाहन कानूनों, निर्धारित सुरक्षा मानकों और फिटनेस संबंधी आवश्यकताओं का पालन करें।
विद्यार्थियों के परिवहन से जुड़े वाहनों की सुरक्षा में किसी भी तरह का समझौता नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया है।
पैदल पारपथ और फुटपाथ का इस्तेमाल करने की सलाह
जहां भी उपलब्ध हों, विद्यार्थियों को पैदल पारपथ (Pedestrian Crossing), फुटपाथ और अन्य निर्धारित सड़क सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सड़क पार करते समय आवश्यक सावधानी बरतने तथा आसपास चल रहे वाहनों और यातायात की स्थिति पर नजर रखने के लिए भी विद्यार्थियों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी किया जाएगा जागरूक
जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा अभियान में अभिभावकों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया है। शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सड़क सुरक्षा, कम उम्र में वाहन चलाने के कानूनी परिणाम और हेलमेट के अनिवार्य इस्तेमाल के बारे में जागरूक करने को कहा गया है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों के स्कूल-कॉलेज पहुंचने और छुट्टी के बाद बाहर निकलने के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे समय में यातायात नियमों के उल्लंघन और असुरक्षित व्यवहार को रोकने के लिए संस्थान परिसर तथा प्रवेश और निकास द्वारों पर आवश्यक कदम उठाने होंगे।
सड़क सुरक्षा पर लगातार जागरूकता बनाए रखने का निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ विद्यार्थियों में सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार सड़क व्यवहार विकसित करने के लिए लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने को कहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लागू यातायात कानूनों के किसी भी उल्लंघन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिवसागर जिले में जिम्मेदार सड़क व्यवहार की मजबूत संस्कृति विकसित करना है।




