अल्फा (आई) में शामिल होने म्यांमार जाने का संदेह—नागालैंड के मोन में असम का युवक हिरासत में : चराईदेव एसएसपी सुरजीत सिंह पानेसर को मिली गुप्त सूचना पर विशेष ऑपरेशन—असम राइफल्स और मोन जिला पुलिस का भी सहयोग : चराईदेव से नागालैंड के रास्ते म्यांमार की ओर जाने के दौरान श्यामल दानह को पकड़े जाने की जानकारी
डिब्रूगढ़ जिले के माहमरा स्थित अलीकिनार का रहने वाला है युवक—अल्फा (आई) से कथित संपर्क और यात्रा के उद्देश्य की जांच जारी

शिवसागर, 23 सितंबर : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट [अल्फा (आई)] में कथित तौर पर शामिल होने के उद्देश्य से म्यांमार की ओर जा रहे असम के एक युवक को नागालैंड के मोन इलाके में एक विशेष अभियान के दौरान हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान श्यामल दानह के रूप में बताई गई है, जो डिब्रूगढ़ जिले के माहमरा क्षेत्र स्थित अलीकिनार का निवासी बताया जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया विशेष ऑपरेशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चराईदेव जिले के एसएसपी सुरजीत सिंह पानेसर को युवक की गतिविधियों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर उनके निर्देशन में एक विशेष अभियान की योजना तैयार की गई। अभियान में चराईदेव पुलिस के डीएसपी आर्यन नाथ और डीएसपी (सुरक्षा) नईमुद्दीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस संयुक्त अभियान में 20 असम राइफल्स के कैप्टन राकेश सिंह और नागालैंड की मोन जिला पुलिस का भी सहयोग लिया गया। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान श्यामल दानह को नागालैंड के मोन इलाके में हिरासत में लिए जाने की जानकारी है।
नागालैंड के रास्ते म्यांमार जाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, श्यामल दानह कथित तौर पर चराईदेव की ओर से नागालैंड में प्रवेश कर वहां से आगे म्यांमार जाने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि उसका उद्देश्य म्यांमार पहुंचकर प्रतिबंधित संगठन अल्फा (आई) में शामिल होना था। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को उसकी गतिविधियों की जानकारी मिली और मोन इलाके में उसे पकड़ लिया गया।
युवक को हिरासत में लेने के बाद चराईदेव पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
डिब्रूगढ़ के माहमरा क्षेत्र का निवासी है श्यामल दानह
हिरासत में लिया गया श्यामल दानह डिब्रूगढ़ जिले के माहमरा क्षेत्र के अलीकिनार का रहने वाला बताया गया है। जांच एजेंसियों के सामने अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि युवक कथित तौर पर अल्फा (आई) के संपर्क में कैसे आया और यदि वह वास्तव में संगठन में शामिल होने के लिए जा रहा था, तो म्यांमार तक पहुंचने के लिए उसने किस मार्ग और नेटवर्क का सहारा लेने की योजना बनाई थी।
इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या वह संगठन के किसी सदस्य या संपर्क सूत्र के साथ पहले से संपर्क में था और उसकी यात्रा के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
पूछताछ और जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल युवक के अल्फा (आई) में शामिल होने के उद्देश्य से म्यांमार जाने की बात आरोप और प्रारंभिक जानकारी के स्तर पर है। वह वास्तव में किस उद्देश्य से यात्रा कर रहा था, प्रतिबंधित संगठन के किसी सदस्य के संपर्क में था या नहीं तथा उसकी यात्रा से जुड़े अन्य पहलुओं की पूरी तस्वीर विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में चराईदेव पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद युवक को हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों, कथित संपर्कों और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस विशेष अभियान में चराईदेव पुलिस, 20 असम राइफल्स और नागालैंड की मोन जिला पुलिस के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।




