Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMCHARAIDEOLocal NewsMAHMORASONARISTATEराज्यलोकल न्यूज़

दिसांग नदी का भीषण कटाव बना तबाही का संकेत : चराईदेव के शांतिपुर गांव पर मंडरा रहा बड़ा खतरा : 70–80 परिवारों की बस्ती, मुख्य संपर्क मार्ग और उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे खतरे में : करोड़ों रुपये की कटावरोधी परियोजना भी हुई ध्वस्त

सोनारी, 17 जुलाई : ऊपरी असम के चराईदेव जिले के 94 नं. माहमोरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बनमाली मोहन देउधाई शांतिपुर गांव में बहने वाली दिसांग नदी का लगातार बढ़ता कटाव अब पूरे गांव के अस्तित्व के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। नदी की तेज धारा गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है, जिससे लगभग 70 से 80 परिवारों की बस्ती पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी और स्थायी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह रूप ले सकती है।

70–80 परिवारों पर विस्थापन का संकट

ग्रामीणों के अनुसार दिसांग नदी का कटाव पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रहा है। नदी की धारा धीरे-धीरे गांव की आबादी के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिससे दर्जनों परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि कटाव की यही रफ्तार बनी रही तो कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

मुख्य संपर्क मार्ग भी कटाव की चपेट में

दिसांग नदी का कटाव अब गांव को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग तक पहुंच गया है। सड़क के किनारे तेजी से हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क नदी में समा गई, तो पूरे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाएगा और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

करोड़ों की कटावरोधी परियोजना हुई ध्वस्त

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जल संसाधन विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए नदी कटाव रोकने के लिए सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया था। लेकिन दिसांग नदी की तेज धारा और लगातार बढ़ते कटाव के कारण यह पूरी कटावरोधी परियोजना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे न केवल सरकारी धन की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि ग्रामीणों में विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक योजना को लेकर भी नाराजगी बढ़ रही है।

उच्च वोल्टेज बिजली के खंभों पर भी मंडराया खतरा

स्थिति अब और अधिक गंभीर हो गई है क्योंकि कटाव उस स्थान तक पहुंच चुका है, जहां उच्च वोल्टेज विद्युत लाइन के खंभे स्थापित हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि कटाव इसी गति से जारी रहा तो बिजली के खंभे किसी भी समय नदी में समा सकते हैं। इससे बड़े विद्युत हादसे की संभावना के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

ग्रामीणों ने सरकार से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

गांव के लोगों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल प्रभावी एवं स्थायी कटावरोधी उपाय शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो न केवल 70–80 परिवारों की बस्ती और मुख्य संपर्क मार्ग समाप्त हो जाएगा, बल्कि गांव को भारी जन-धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर आपातकालीन सुरक्षा कार्य प्रारंभ करने तथा दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।

स्थायी समाधान की ओर बढ़ाने होंगे ठोस कदम

स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अस्थायी मरम्मत कार्यों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। नदी के वैज्ञानिक अध्ययन, मजबूत तटबंध निर्माण, आधुनिक कटावरोधी तकनीकों के उपयोग तथा नियमित निगरानी के माध्यम से ही शांतिपुर गांव को इस गंभीर संकट से बचाया जा सकता है। फिलहाल पूरा गांव प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है, ताकि संभावित बड़ी आपदा को समय रहते रोका जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!