अभय हजारिका और मानस दास की मौत पर शिवसागर में उबाल, न्याय की मांग को लेकर आयुक्त कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन : NH-37 के किनारे मिले थे दोनों युवकों के शव, मौत की निष्पक्ष, गहन और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरा अनुसूचित जाति छात्र संघ : पहले ही जताई थी हत्या की आशंका
मुख्यमंत्री को भेजा पांच सूत्री ज्ञापन—24 घंटे में दोषियों की पहचान व गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और NH-37 फोरलेन निर्माण में लापरवाही की जांच की मांग : जिले की कानून-व्यवस्था अधिक सक्रिय कर आम नागरिकों और छात्र समाज की सुरक्षा पर भी जोर

शिवसागर, 11 सितंबर : शिवसागर के दो युवकों अभय हजारिका और मानस दास की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों युवकों की मौत के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग को लेकर शिवसागर जिला अनुसूचित जाति छात्र संघ ने शुक्रवार को जिला आयुक्त कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष, प्रभावी और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।
अनुसूचित जाति छात्र संघ के केंद्रीय महासचिव परसज्योति दास, जिला इकाई के अध्यक्ष राजेश दास और महासचिव अभिजीत दास के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शिवसागर शहर के बोर्डिंग फील्ड से नारेबाजी करते हुए जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अभय और मानस के लिए न्याय की मांग प्रमुखता से गूंजती रही।

NH-37 के किनारे मिले थे अभय और मानस के शव
जानकारी के अनुसार, पिछले शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-37 के किनारे अभय हजारिका और मानस दास के शव बरामद किए गए थे। एक साथ दो युवकों के शव मिलने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। इसके बाद दोनों युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर कई सवाल खड़े हुए और मामले की विस्तृत जांच की मांग तेज हो गई।
घटना के बाद से ही परिजन, छात्र संगठन और स्थानीय लोग दोनों युवकों की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार का प्रदर्शन भी इसी सिलसिले की अगली कड़ी रहा।
छात्र संघ ने जताई थी हत्या की आशंका
दोनों युवकों के शव बरामद होने के बाद सदौ असम अनुसूचित जाति छात्र संघ ने मामले को गंभीरता से उठाते हुए आशंका जताई थी कि अभय हजारिका और मानस दास की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि उनकी हत्या की गई है।
हालांकि, हत्या की यह आशंका छात्र संगठन की ओर से व्यक्त की गई है। दोनों युवकों की मौत का वास्तविक कारण क्या था और घटनाक्रम किस तरह सामने आया, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
छात्र संगठन ने घटना के बाद पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान करने की मांग करते हुए इसके लिए एक निश्चित समयसीमा भी दी थी।

पुलिस को दिया था अल्टीमेटम, अब फिर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
छात्र संघ का कहना है कि दोनों युवकों की मौत से जुड़े प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच कर सच्चाई जल्द से जल्द सामने लाई जानी चाहिए। संगठन द्वारा पहले पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब इसी मांग को लेकर एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे।
बोर्डिंग फील्ड से शुरू हुआ विरोध मार्च नारेबाजी के साथ जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने जांच में तेजी लाने और पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
‘जांच में किसी तरह की ढिलाई न हो’
अनुसूचित जाति छात्र संघ के केंद्रीय महासचिव परसज्योति दास ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभय और मानस की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसकी पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला आयुक्त के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवसागर जिला अनुसूचित जाति छात्र संघ ने जिला आयुक्त के माध्यम से असम के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन में अभय हजारिका और मानस दास की रहस्यमय मौत के मामले से संबंधित कई मांगें रखी गई हैं।
संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कथित दोषियों की 24 घंटे के भीतर पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही दोनों मृतक युवकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।
NH-37 फोरलेन परियोजना की कथित लापरवाही की जांच की मांग
ज्ञापन में अभय-मानस मौत मामले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-37 की फोरलेन विस्तार परियोजना का मुद्दा भी उठाया गया है। छात्र संगठन ने परियोजना के निर्माण में कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग की है।
संगठन चाहता है कि निर्माणाधीन राजमार्ग से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही सावधानियों सहित सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
परिजनों के लिए मुआवजा और नागरिकों की सुरक्षा की मांग
छात्र संघ ने अभय हजारिका और मानस दास के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। इसके साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में विशेष रूप से आम नागरिकों और छात्र समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद लोगों में उठने वाले सवालों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
पांच प्रमुख मांगों के साथ सरकार से कार्रवाई की अपील
जिला आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में छात्र संगठन की प्रमुख मांगें हैं—अभय-मानस मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच, 24 घंटे के भीतर कथित दोषियों की पहचान एवं गिरफ्तारी, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, NH-37 फोरलेन विस्तार परियोजना में कथित लापरवाही की जांच और जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत कर नागरिकों एवं छात्र समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
फिलहाल दोनों युवकों की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। दूसरी ओर, अनुसूचित जाति छात्र संघ और प्रदर्शनकारी मामले की सच्चाई जल्द सामने लाने तथा जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने की मांग पर अड़े हैं। शुक्रवार के प्रदर्शन के साथ अभय हजारिका और मानस दास की मौत का मामला एक बार फिर शिवसागर में प्रमुख जनमुद्दा बनकर सामने आया है।




