“मुझे तो गठबंधन का स्वाद ही नहीं मिला, गठबंधन आखिर हुआ कब था?”—अखिल गोगोई पर गौरव गोगोई का तीखा तंज : “शिवसागर और धिंग सीट की जरूरत पड़ी, तभी कुछ मीठी बातें सुनने को मिलीं”—रायजोर दल से गठबंधन टूटने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया : “विधानसभा के भीतर गरम और बाहर नरम—आखिर असली रुख कौन-सा?”—गौरव ने अखिल गोगोई से पूछा सवाल : भाजपा और अखिल गोगोई की राजनीतिक बातों में समानता का लगाया आरोप
बाढ़ प्रभावित विद्यालयों को कंप्यूटर सहायता : करीब 50 स्कूलों तक पहुंचाने की योजना, कॉलेज विद्यार्थियों की फीस में राहत की मांग : देवाशीष शर्मा के भाजपा से लोकसभा उपचुनाव लड़ने की संभावना पर बोले—“उम्मीदवार बने तो चुनौती का सामना करना पड़ेगा” : शिवसागर की सड़क, ड्रेनेज और शहरी बुनियादी ढांचे का मुद्दा आगामी संसद सत्र में उठाने की घोषणा

शिवसागर, 6 सितंबर : शिवसागर के बाढ़ प्रभावित विद्यालयों की सहायता के लिए आगे आए सांसद एवं असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बेतबारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कंप्यूटर प्रदान किए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने बाढ़ के बाद शिक्षा क्षेत्र की जरूरतों के साथ-साथ रायजोर दल से कांग्रेस के गठबंधन टूटने, शिवसागर विधायक अखिल गोगोई के राजनीतिक रुख, भाजपा के साथ उनके बयानों की कथित समानता और पूर्व नगांव जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा के संभावित राजनीतिक भविष्य सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

“मुझे गठबंधन का स्वाद ही नहीं मिला”
रायजोर दल के साथ कांग्रेस के गठबंधन टूटने के सवाल पर गौरव गोगोई ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “मुझे तो गठबंधन का स्वाद ही नहीं मिला। गठबंधन आखिर हुआ कब था?”
उन्होंने आरोप लगाया कि रायजोर दल और उसके नेतृत्व की ओर से अधिकांश समय कांग्रेस की आलोचना ही की गई। विधानसभा चुनाव के दौरान जब शिवसागर और धिंग सीट को लेकर चुनावी समझ की आवश्यकता पड़ी, तभी कुछ समय के लिए कांग्रेस के प्रति उनके रुख में बदलाव दिखाई दिया।
गौरव गोगोई ने कहा कि उन्हें केवल उस समय “कुछ मीठी-मीठी बातें” सुनने को मिलीं, जब शिवसागर और धिंग सीट की जरूरत थी। चुनाव से पहले और उसके बाद कांग्रेस को लगातार निशाने पर लिया गया, इसलिए इसे वास्तविक गठबंधन की भावना के रूप में देखना मुश्किल है।
उनके मुताबिक गठबंधन समाप्त करने की पहल कांग्रेस की ओर से की गई है और रायजोर दल साथ रहे या अलग हो, कांग्रेस अपने संगठन तथा जनहित के मुद्दों पर काम करती रहेगी।

“विधानसभा के भीतर गरम, बाहर नरम—असली रुख कौन-सा?”
गौरव गोगोई ने अखिल गोगोई के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति राजनीतिक व्यवहार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर अखिल गोगोई मुख्यमंत्री के खिलाफ बेहद आक्रामक दिखाई देते हैं, लेकिन सदन के बाहर कई मौकों पर उनका रुख अलग नजर आता है।
उन्होंने हाल की शिवसागर बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जब बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी के बीच पहुंचे थे, तब उनकी प्रशंसा की गई। बाद में यह कहा गया कि मुख्यमंत्री को दबाव डालकर प्रभावित इलाके में ले जाया गया। इसी संदर्भ में गौरव गोगोई ने सवाल किया कि “विधानसभा के भीतर गरम और बाहर नरम—इनमें से असली रुख कौन-सा है?”
उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक नेताओं के बयानों और व्यवहार को देख रही है तथा समय के साथ स्वयं निष्कर्ष निकाल रही है।

भाजपा और अखिल गोगोई की बातों में समानता का आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान गौरव गोगोई ने बिना सीधे नाम लिए यह आरोप भी लगाया कि भाजपा की ओर से सामने आने वाले कई राजनीतिक तर्क और बाद में अखिल गोगोई द्वारा कही जाने वाली बातों में समानता दिखाई देती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बार-बार इस तरह की समानता क्यों दिखाई देती है। गौरव के अनुसार मुख्यमंत्री अथवा भाजपा की ओर से किसी मुद्दे पर जो तर्क सामने रखा जाता है, कई बार उसके बाद लगभग उसी तरह की बात अखिल गोगोई के बयान में भी सुनाई देती है।
इसी आधार पर उन्होंने अखिल गोगोई के भाजपा और मुख्यमंत्री के प्रति राजनीतिक रुख पर सवाल उठाया और कहा कि असम की जनता अब इस राजनीतिक व्यवहार को समझने लगी है।
डॉ. हिरेन गोहांई की टिप्पणी का भी किया उल्लेख
गौरव गोगोई ने प्रसिद्ध बुद्धिजीवी डॉ. हिरेन गोहांई की प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस उनका सम्मान करती है। उनके अनुसार डॉ. गोहांई निष्पक्ष रूप से अपनी बात रखते हैं और जरूरत पड़ने पर कांग्रेस की भी आलोचना करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. गोहांई ने विभिन्न अवसरों पर रायजोर दल के नेतृत्व को भी अपनी बात समझाने का प्रयास किया है। ऐसे में किसी स्वतंत्र बुद्धिजीवी की आलोचना को केवल राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय उनके द्वारा उठाए गए सवालों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

देवाशीष शर्मा के संभावित चुनाव लड़ने पर बोले—“चुनौती का सामना करना पड़ेगा”
पूर्व नगांव जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा के संभावित राजनीतिक भविष्य और भाजपा की ओर से लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा पर भी गौरव गोगोई ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यदि देवाशीष शर्मा भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा उपचुनाव के मैदान में उतरते हैं तो उन्हें राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि गौरव गोगोई ने इस संभावना को लेकर आगे कोई विस्तृत चुनावी आकलन प्रस्तुत नहीं किया और अपनी प्रतिक्रिया को संभावित उम्मीदवारी की स्थिति तक सीमित रखा।
बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में कंप्यूटर वितरण
राजनीतिक मुद्दों के अलावा गौरव गोगोई ने शिवसागर के बाढ़ प्रभावित शिक्षा क्षेत्र की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान आई बाढ़ ने असम के अनेक विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है।
इसी नुकसान की भरपाई में सहयोग करने के उद्देश्य से बेतबारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित कई विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। गौरव गोगोई ने बताया कि आने वाले समय में इस पहल को विस्तार देते हुए करीब 50 विद्यालयों तक कंप्यूटर पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त डेस्क-बेंच और अन्य विद्यालयी फर्नीचर की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक सामग्री की सूची तैयार की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को जल्द बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के कॉलेज विद्यार्थियों को फीस में राहत की अपील
गौरव गोगोई ने बाढ़ से आर्थिक रूप से प्रभावित परिवारों के कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को बाढ़ के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, उनके बच्चों की उच्च शिक्षा पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने शिक्षण संस्थानों से ऐसे विद्यार्थियों की कॉलेज फीस माफ करने अथवा कम से कम विशेष रियायत प्रदान करने पर विचार करने की अपील की। उनका कहना था कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
शिवसागर के रोड-ड्रेनेज और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जताई चिंता
अपने संसदीय क्षेत्र के शिवसागर की समस्याओं का जिक्र करते हुए गौरव गोगोई ने सड़कों, हाईवे, ड्रेनेज और शहरी बुनियादी ढांचे की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि देश के कई शहरों में सड़कों पर बड़े गड्ढे, यातायात जाम और थोड़ी बारिश में जलभराव जैसी समस्याएं दिखाई दे रही हैं। शिवसागर भी ऐसी समस्याओं से अछूता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि करदाताओं का पैसा खर्च होने के बावजूद फोर-लेन हाईवे, फ्लाईओवर, सड़क और ड्रेनेज जैसी परियोजनाओं में अपेक्षित गुणवत्ता जमीन पर दिखाई नहीं देती तथा भ्रष्टाचार के कारण सार्वजनिक धन का नुकसान होता है।
गौरव गोगोई ने बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

संसद में शहरी बुनियादी ढांचे पर बहस की करेंगे मांग
गौरव गोगोई ने घोषणा की कि आगामी संसद सत्र में शहरों और नगरों के बुनियादी ढांचे की स्थिति पर व्यापक चर्चा की मांग करेंगे। उनके मुताबिक सड़क, ड्रेनेज, जलभराव, हाईवे और यातायात जैसी समस्याएं केवल शिवसागर तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इन पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता से कर के रूप में प्राप्त धन का उपयोग मजबूत, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा विकसित करने में दिखाई देना चाहिए।
इस तरह शिवसागर दौरे के दौरान गौरव गोगोई ने बाढ़ प्रभावित विद्यालयों और विद्यार्थियों की सहायता से जुड़े कदमों को सामने रखने के साथ कांग्रेस-रायजोर दल संबंधों पर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया। अखिल गोगोई के भाजपा और मुख्यमंत्री के प्रति रवैये पर उठाए गए सवाल तथा देवाशीष शर्मा की संभावित चुनावी उम्मीदवारी पर उनकी प्रतिक्रिया ने असम की मौजूदा राजनीतिक खींचतान को नया आयाम दिया है।




