‘ऑपरेशन अगेंस्ट 420’ का असर: शिवसागर-डिमौ-चराईदेव में ठग-प्रवंचकों पर पुलिस का शिकंजा : राज्य के 29 जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई : शिवसागर में इमरान अली और इनामुल हक उर्फ आजाद के बाद नसीमुद्दीन बोरा भी हिरासत में : डिमौ के दिखारी तीनाली में नजरुल देवान के घर तड़के पुलिस की दबिश : नकदी, स्कूटी, बाइक, कार व अन्य संपत्ति बरामद होने की सूचना
ब्याज पर रुपये देकर वाहन-संपत्ति गिरवी रखने का आरोप : चराईदेव में रफीकुर रहमान और रंजन गोगोई गिरफ्तार

शिवसागर, 5 सितंबर : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश के बाद असम में कथित ठगी, धोखाधड़ी, बिचौलियागिरी और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। शनिवार को राज्य के 29 जिलों में एक साथ चलाए गए इस अभियान को मीडिया रिपोर्टों में ‘Operation Against 420’ बताया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 300 से अधिक संदिग्ध ठग, प्रवंचक और बिचौलियों को हिरासत में लिया गया।
इसी राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत शिवसागर जिले के शिवसागर शहर तथा डिमौ और चराईदेव जिले में भी पुलिस सक्रिय हुई है। शिवसागर में अब तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि डिमौ में कथित अवैध सूदखोरी के मामले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। चराईदेव में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

शिवसागर में तीन व्यक्ति हिरासत में
शिवसागर सदर थाना पुलिस ने कथित ठग-प्रवंचकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पहले धाई आली से इमरान अली तथा जयसागर के पिदीन नगर से इनामुल हक उर्फ आजाद को हिरासत में लिया था। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ सामने आए कथित ठगी एवं वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
इस कार्रवाई का दायरा आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नसीमुद्दीन बोरा नामक एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है। उससे भी पूछताछ जारी रहने की जानकारी है। इस तरह शिवसागर में इस अभियान के तहत पूछताछ के दायरे में आए लोगों की संख्या तीन हो गई है।
हालांकि इन व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज विशिष्ट मामलों, कथित रकम, शिकायतकर्ताओं और लगाई गई कानूनी धाराओं का विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

डिमौ में तड़के बड़ी कार्रवाई, दिखारी तीनाली में पुलिस की दबिश
राज्यव्यापी अभियान का बड़ा असर डिमौ के दिखारी तीनाली में देखने को मिला। प्राप्त स्थानीय जानकारी के अनुसार डिमौ पुलिस ने नजरुल देवान के घर पर तड़के से तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई का नेतृत्व डिमौ थाना प्रभारी बिसादु सिंगफो ने किया।
तलाशी के दौरान वहां से नकदी, कई स्कूटी, मोटरसाइकिल, कार और अन्य संपत्ति बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बरामद किए गए वाहनों को एक के बाद एक पुलिस थाने ले जाया गया, जिससे इलाके में कार्रवाई को लेकर काफी हलचल रही।
ब्याज के बदले वाहन और संपत्ति गिरवी रखने का आरोप
नजरुल देवान पर आरोप है कि वह कथित तौर पर अवैध तरीके से लोगों को ब्याज पर रुपये देता था और इसके एवज में ऋण लेने वाले लोगों की स्कूटी, मोटरसाइकिल, कार तथा अन्य संपत्तियां गिरवी के रूप में अपने पास रखता था।
पुलिस ने उसके घर से मिले ऐसे वाहनों एवं अन्य सामान को जब्त किया है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि उन्हें ब्याज पर दिए गए धन के बदले अलग-अलग लोगों से गिरवी रखा गया था।
इस मामले में पुलिस के लिए अब प्रत्येक वाहन और संपत्ति की वास्तविक मिल्कियत, संबंधित व्यक्ति द्वारा ली गई रकम, ब्याज की शर्तें, भुगतान का रिकॉर्ड तथा संपत्ति किस आधार पर कब्जे में रखी गई थी—इन सभी पहलुओं की जांच अहम होगी।
घर से वाहनों की बरामदगी से डिमौ में सनसनी
दिखारी तीनाली में सुबह से चली कार्रवाई और बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों को पुलिस द्वारा थाने ले जाए जाने से स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। खासकर यह सवाल महत्वपूर्ण बन गया है कि बरामद वाहनों के मालिक कौन हैं और किन परिस्थितियों में उन्होंने अपने वाहन संबंधित व्यक्ति के पास रखे थे।
इस मामले में यदि कथित सूदखोरी की शिकायतें और संपत्तियों को गिरवी रखने के आरोप जांच में प्रमाणित होते हैं, तो दस्तावेजी और वित्तीय रिकॉर्ड आगे की कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
चराईदेव में रफीकुर रहमान और रंजन गोगोई गिरफ्तार
उधर, चराईदेव जिला पुलिस ने भी अभियान के तहत दो व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनारी थाना क्षेत्र के टियोक राजाबाड़ी निवासी रफीकुर रहमान (41) और मोरानहाट थाना क्षेत्र के परसनी हाबीगांव निवासी रंजन गोगोई (28) को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके खिलाफ सामने आए आरोपों, कथित लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
गांव रक्षा वाहिनी के सचिव की गिरफ्तारी से सोनारी में चर्चा
रफीकुर रहमान की गिरफ्तारी ने सोनारी इलाके में विशेष चर्चा पैदा की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वह टियोक गांव रक्षा वाहिनी के सचिव के रूप में कार्यरत था।
स्थानीय स्तर पर उसके पुलिस से अच्छे संपर्क होने की बातें भी कही जा रही हैं, लेकिन इन कथित संपर्कों को किसी गैरकानूनी गतिविधि से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक तथ्य फिलहाल सामने नहीं आया है। लिहाजा इस पहलू को अपराध से जोड़ना जांच से पहले उचित नहीं होगा।
29 जिलों में एक साथ अभियान
राज्य के अन्य हिस्सों में भी शनिवार को बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार असम पुलिस ने 29 जिलों में लगभग एक साथ छापेमारी और धरपकड़ अभियान चलाया। अभियान का लक्ष्य कथित ठगों, प्रवंचकों और बिचौलियों के ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई करना बताया गया है जो वित्तीय तथा डिजिटल माध्यमों सहित अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।
इसे मुख्यमंत्री के निर्देश पर नागरिकों को संगठित वित्तीय एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से चलाया गया अभियान बताया गया है।
अब दस्तावेज, लेन-देन और शिकायतों पर टिकी जांच
शिवसागर, डिमौ और चराईदेव की कार्रवाई के बाद अब पुलिस जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। शिवसागर में हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों से जुड़े आरोपों की पुष्टि, डिमौ से बरामद वाहनों और संपत्तियों की वास्तविक मिल्कियत तथा चराईदेव में गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
विशेष रूप से डिमौ मामले में वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और वाहन मालिकों के बयान यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कथित ऋण एवं गिरवी का पूरा तंत्र किस तरह संचालित हो रहा था।
फिलहाल संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। उनकी आपराधिक जिम्मेदारी अथवा दोष का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। राज्यव्यापी अभियान के बीच शिवसागर और आसपास लगातार सामने आ रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि कथित ठगी, प्रवंचना और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां फिलहाल पुलिस के रडार पर हैं।




