वरिष्ठ आरएएस अधिकारी तथा राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक डॉ. गोवर्धन लाल शर्मा का विप्र फाउंडेशन जोन-8D द्वारा भव्य सम्मान : असम चुनाव 2026 के डिब्रुगढ़ मतगणना पर्यवेक्षक को तिनसुकिया में फुलाम गामोछा व सोराई देकर किया गया अभिनंदन
लोग कहीं भी रहें पर हमारी भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े रहें - डॉ. जी. एल. शर्मा

तिनसुकिया / 5 मई : असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) वरिष्ठ अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल शर्मा (जी.एल. शर्मा) तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा शर्मा एवं भाई बसंत कुमार का विप्र फाउंडेशन जोन-8D (ऊपरी असम) द्वारा गरिमापूर्ण सम्मान किया गया।

मतगणना कार्य पूर्ण होने के बाद डॉ. शर्मा अपनी पत्नी के साथ अरुणाचल प्रदेश के पावन परशुराम कुंड के दर्शन के लिए गए थे। तिनसुकिया पहुंचने पर उनका हार्दिक स्वागत किया गया और विप्र फाउंडेशन के सदस्यों ने उनके योगदान की सराहना की।
सम्मान समारोह विप्र फाउंडेशन जोन-8D (ऊपरी असम) के प्रदेशाध्यक्ष संजय कुमार त्रिवेदी के आवास पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक असमिया फुलाम गामोछा एवं सोराई प्रदान कर डॉ. शर्मा, उनकी धर्मपत्नी तथा भाई का अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष संजय कुमार त्रिवेदी सहित संगठन महामंत्री रमेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अमित पारीक, सह सचिव विकास रिणवा, जोन संरक्षक विश्वंभर दयाल त्रिवेदी, कैलाश शर्मा एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही।
विप्र फाउंडेशन के सदस्यों ने डॉ. शर्मा जी द्वारा असम विधानसभा चुनाव 2026 के डिब्रुगढ़ जिले के डिब्रुगढ़ पॉलिटेक्निक स्थित मतगणना केंद्र में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कार्य संपादित करने की प्रशंसा की।
डॉ. गोवर्धन लाल शर्मा का परिचय
डॉ. गोवर्धन लाल शर्मा की गिनती राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के सुदक्ष अधिकारी के रूप में है। मूलरूप से वे राजस्थान के अलवर जिले के ब्रज अंचल के खेड़ली गंज मंडी के निवासी हैं और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी निष्ठा, कुशलता तथा अकादमिक योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्तमान में वे राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उप निदेशक के तौर पर सेवारत हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार के राज्य खेल सचिव, सिविल डिफेंस के उप आयुक्त सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारियां संभाली है।
अकादमिक एवं सामाजिक योगदान
डॉ. गोवर्धन लाल शर्मा राजस्थान के एक सुपरिचित अकादमिकियन, मेंटर, मोटिवेशनल स्पीकर, शोधकर्ता एवं लेखक के तौर पर भी जाने जाते हैं। वे कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अतिथि व्याख्याता हैं। एक अंतरराष्ट्रीय यूजीसी संदर्भित शोध पत्रिका के संस्थापक एवं मानद संपादक हैं। डॉ. शर्मा पिछले लगभग दो दशकों से IAS, RAS, RJS, NET-SET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए सामाजिक मुद्दों, राजस्थान इतिहास, शासन एवं लोक प्रशासन पर कई पुस्तकें एवं गाइड लिखी हैं। एक मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर सुविख्यात डॉ. शर्मा नियमित रूप से व्याख्यान देते हैं और युवाओं को प्रेरित करते हैं। मतदाता जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ था। उन्होंने 80 किलोमीटर साइकिल चलाकर वोट डालने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा शर्मा भी जानीमानी रिसर्च स्कॉलर है और राधे राधे अष्टशाखा शोध संस्थान की निदेशक हैं।
असम चुनाव 2026 में भूमिका
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा डॉ. शर्मा को डिब्रुगढ़ जिले के मतगणना केंद्र में काउंटिंग ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने डिब्रुगढ़ जिले की 6 विधानसभा सीटों — चाबुआ-लाहोवाल, डिब्रुगढ़, खोवांग, दुलियाजान, टिंगखोंग और नाहरकटिया विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना की निष्पक्षता सुनिश्चित की।
अपनी जड़ों से जुड़े रहें – डॉ. शर्मा
इस अवसर पर पूर्वोत्तर के विप्र समाज के आधार और सम्मान से अभिभूत डॉ. शर्मा ने कहा कि – लोग कहीं भी रहें पर हमारी भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े रहें। हमारे कल्चर और ट्रेडीशन को बचाए रखना चाहिए। हमें अपनी जड़ों से सदैव जुदा रहना चाहिए। यहां के प्रवासी राजस्थानी परिवार आज भी अपनी संस्कृति को भूले नहीं है और बोली भाषा आचार व्यवहार से अपनी जड़ों से भी पूरी तरह जुड़े हुए हैं। असम में आकर मुझे लगा ही नहीं कि मैं अपनी मातृभूमि से हजारों कोस दूर आया हूं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे तो उनके जीवन में खुशियां आएंगी। आदमी जड़ों और संस्कारों से अलग थलग नहीं रह सकता। उन्होंने विप्र फाउंडेशन की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि संगठित होकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। उन्होंने उपस्थित विप्र बंधुओं से सार्थक चर्चा की।

विप्र फाउंडेशन जोन-8D
विप्र फाउंडेशन ब्राह्मण समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण, शिक्षा और राष्ट्र सेवा में सक्रिय एक प्रमुख सामाजिक सांस्कृतिक संगठन है। जोन-8D ऊपरी असम सदिया, तिनसुकिया, डिब्रुगढ़, शिवसागर, जोरहाट, लखीमपुर, धेमाजी आदि क्षेत्र को कवर करता है।
प्रदेशाध्यक्ष संजय कुमार त्रिवेदी ने कहा कि विप्र समाज के गौरव डॉ. जी. एल. शर्मा जैसे ईमानदार, निष्ठावान और अकादमिक रूप से समृद्ध प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान करना हमारी परंपरा है।

यह कार्यक्रम ब्राह्मण समाज की एकता और देश के निष्ठावान प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति सम्मान का एक सुंदर उदाहरण बन गया है। विप्र फाउंडेशन की इस पहल की पूरे ऊपरी असम में सराहना हो रही है।




