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शिवसागर में 15 दिवसीय मूकाभिनय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का शुभारंभ : संस्कृति, सृजनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को मिलेगा नया आयाम : असम सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग एवं शिवसागर जिला प्रशासन की संयुक्त पहल : थर्ड थिएटर के सहयोग से बीणापाणी संगीत विद्यालय में हुआ उद्घाटन समारोह

शिवसागर, 17 जुलाई : असम सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के तत्वावधान में तथा शिवसागर जिला प्रशासन के सहयोग से शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित 15 दिवसीय मूकाभिनय (माइम) ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का भव्य शुभारंभ 16 जुलाई 2026 को बीणापाणी संगीत विद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था थर्ड थिएटर द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों में अभिनय कला, रचनात्मक अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा के प्रति रुचि विकसित करना है।

गरिमामय उद्घाटन समारोह में जुटीं प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक हस्तियां

कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में शिवसागर जिला प्रशासन की सहायक आयुक्त विदिशा सैकिया, सांस्कृतिक विकास अधिकारी नीलोत्पल राजकोंवर, सूरज कुमार पातिरी, बीणापाणी संगीत विद्यालय के अध्यक्ष क्षीरोद नाथ दास, थर्ड थिएटर के अध्यक्ष रूपक भुइयां, प्रख्यात फिल्म एवं रंगमंच निर्देशक तथा पटकथा लेखक डॉ. जेहिरुद्दीन खान, लाइट कैमरा एक्शन असम के सचिव अकरम हुसैन, कार्यशाला के मुख्य एवं सह-प्रशिक्षक तथा शिवसागर के अनेक विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और रंगकला से जुड़े कलाकारों एवं संस्कृति प्रेमियों ने भी समारोह में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।

मूकाभिनय को बताया भावों की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कार्यशाला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए मूकाभिनय की महत्ता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि मूकाभिनय केवल अभिनय की एक विधा नहीं, बल्कि बिना शब्दों के भाव, संवेदना और संदेश को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने वाली सशक्त कला है।

उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने, भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने तथा कला के माध्यम से आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।

व्यावहारिक प्रशिक्षण से निखरेगा अभिनय कौशल

आयोजकों के अनुसार 15 दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मूकाभिनय की तकनीक, शारीरिक अभिव्यक्ति, मंच अनुशासन, अभिनय कौशल, भाव-प्रस्तुति तथा रंगमंचीय अभ्यास का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा, जिससे उनके व्यक्तित्व और अभिव्यक्ति कौशल में भी सकारात्मक विकास होगा।

स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की महत्वपूर्ण पहल

असम सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग और शिवसागर जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल को स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, नई पीढ़ी को कला एवं संस्कृति से जोड़ने तथा रंगमंचीय परंपराओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयोजकों का विश्वास है कि यह कार्यशाला युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने के साथ-साथ भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

उत्साह के साथ शुरू हुआ प्रशिक्षण

उद्घाटन समारोह के साथ ही कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ हुआ और प्रतिभागियों ने उत्साह एवं ऊर्जा के साथ प्रशिक्षण की शुरुआत की। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए केवल अभिनय सीखने का अवसर नहीं होगी, बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व विकास, सृजनात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

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