पॉक्सो मामले में आरोपी कीर्ति कमल देव गोस्वामी को तीन दिन की पुलिस रिमांड : शिवसागर अदालत ने जयसागर पुलिस को सौंपी हिरासत : जांच अधिकारी ने मांगी थी सात दिन की रिमांड, अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत को दी मंजूरी : मामले की गहन जांच जारी
POCSO-6 सहित बीएनएस की अतिरिक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज, जिला अपराध शाखा के एएसपी मयिदुल इस्लाम की निगरानी में पूछताछ जारी

शिवसागर, 10 जुलाई : पॉक्सो (POCSO) मामले में गिरफ्तार शिवसागर जिले के होलोगुड़ी सत्र से जुड़े 22 वर्षीय कीर्ति कमल देव गोस्वामी को शिवसागर अदालत ने तीन दिनों के लिए जयसागर पुलिस की हिरासत में भेज दिया है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, गत 8 जुलाई को शिवसागर सदर पुलिस ने गौरीसागर थाना क्षेत्र के एक युवक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कीर्ति कमल देव गोस्वामी को हिरासत में लिया था। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
दो दिनों तक चली पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
शिवसागर सदर थाना और जयसागर पुलिस द्वारा 8 और 9 जुलाई को आरोपी से लंबी पूछताछ की गई। लगातार चली पूछताछ के बाद पुलिस ने कीर्ति कमल देव गोस्वामी को गिरफ्तार कर शिवसागर अदालत में पेश किया था।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद मामले की आगे की जांच और आवश्यक पूछताछ के लिए जांच अधिकारी ने अदालत से आरोपी को सात दिनों की पुलिस हिरासत में देने की मांग की थी।
सात दिन की मांग पर सुनवाई, अदालत ने दी तीन दिन की रिमांड
जांच अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शिवसागर अदालत ने पुलिस की मांग पर विचार किया और आरोपी कीर्ति कमल देव गोस्वामी को तीन दिनों के लिए जयसागर पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है।
अदालत में आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव बोरा ने पैरवी की।
POCSO-6 और बीएनएस की अतिरिक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज
जानकारी के अनुसार, शिवसागर पुलिस ने इस संबंध में मामला संख्या 130/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ POCSO अधिनियम की धारा 6 सहित गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा शिवसागर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 377 से संबंधित अतिरिक्त प्रावधान भी जोड़े हैं। पूरे मामले की जांच शिवसागर जिला अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) मयिदुल इस्लाम की निगरानी में की जा रही है।
पिता शशिकांत देव गोस्वामी ने दी सफाई, कहा— बेटे को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है
इधर, आरोपी के पिता एवं होलोगुड़ी सत्र के डेका सत्राधिकारी शशिकांत देव गोस्वामी ने मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ रिपोर्टों में उनके पुत्र को सत्र का ‘डेका सत्राधिकारी’ बताया जा रहा है, जो सही नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि होलोगुड़ी सत्र के डेका सत्राधिकारी वे स्वयं हैं, उनके पुत्र नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सत्र की प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उनके पुत्र को गलत तरीके से डेका सत्राधिकारी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
पुलिस ने तेज की जांच, रिमांड अवधि में होगी विस्तृत पूछताछ
फिलहाल जयसागर पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान शिकायत, आरोपों और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।




