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शिवसागर नगरपालिका में बड़ा राजनीतिक उलटफेर : मृणाली कुंवर अध्यक्ष पद से हटाई गईं, संजीव बोरा बने कार्यवाहक अध्यक्ष : अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 11 पार्षदों का समर्थन : भाजपा–एजीपी और रायजोर दल के पार्षदों ने मिलकर लिया बड़ा फैसला : 45 दिनों के भीतर होगा नए स्थायी अध्यक्ष का चयन : युवा चेहरे को मिल सकती है नगरपालिका की कमान

शिवसागर, 4 जुलाई : शिवसागर नगरपालिका में पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक गतिरोध और अनिश्चितता का आखिरकार अंत हो गया। नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कुंवर को उनके पद से हटा दिया गया है। शुक्रवार को शिवसागर नगरपालिका कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में नगरपालिका उपाध्यक्ष संजीव बोरा को कार्यवाहक नगरपालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नगरपालिका नियमों के अनुसार आगामी 45 दिनों के भीतर फिर से बोर्ड बैठक आयोजित कर नए स्थायी नगरपालिका अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।

स्वास्थ्य कारणों से बैठक स्थगित करने का अनुरोध, फिर भी तय समय पर हुई कार्यवाही

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कुंवर ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए अनौपचारिक रूप से बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के लिए बुलाई गई बैठक को स्थगित करने का कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं होने के कारण निर्धारित समय पर बैठक आयोजित की गई।

मृणाली कुंवर की अनुपस्थिति में नगरपालिका उपाध्यक्ष संजीव बोरा की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी, नगरपालिका के सीईओ देवब्रत शर्मा तथा मनोनीत सदस्य जूरी चांगमाई भी उपस्थित रहे।

11 पार्षदों ने किया अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

बैठक के दौरान हुई मतदान प्रक्रिया में कुल 11 निर्वाचित पार्षदों ने मृणाली कुंवर को अध्यक्ष पद से हटाने के पक्ष में अपना समर्थन दिया।

अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने वालों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 7 पार्षद, असम गण परिषद (एजीपी) के 2 पार्षद और रायजोर दल के 2 पार्षद शामिल रहे। वहीं बैठक में मौजूद वार्ड संख्या 13 की भाजपा पार्षद फौजिया नाजनीन खान ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।

16 जून को सात पार्षदों ने पेश किया था अविश्वास प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि बीते 16 जून को शिवसागर नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कुंवर के खिलाफ सात निर्वाचित पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद से नगरपालिका प्रशासन और स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी।

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों ने शीघ्र विशेष बोर्ड बैठक बुलाकर इस विषय पर निर्णय लेने की मांग की थी। इस संबंध में नगरपालिका के सीईओ देवब्रत शर्मा, तत्कालीन अध्यक्ष मृणाली कुंवर और शिवसागर जिला आयुक्त मृदुल यादव को पत्र सौंपा गया था।

इन पार्षदों ने की थी अविश्वास प्रस्ताव की शुरुआत

अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सात पार्षदों में वार्ड संख्या 14 की भाजपा पार्षद जूली पाटर, वार्ड संख्या 12 की भाजपा पार्षद ज्योति दत्त, वार्ड संख्या 4 की भाजपा पार्षद सुरभि सैकिया, वार्ड संख्या 6 के भाजपा पार्षद समीर दत्त, वार्ड संख्या 8 की भाजपा पार्षद स्मृति रेखा दत्त, वार्ड संख्या 7 की भाजपा पार्षद बंटी हजारिका और वार्ड संख्या 3 के एजीपी पार्षद दीपू हजारिका शामिल थे।

शुक्रवार को हुई बैठक में भाजपा के एक अन्य पार्षद, एजीपी के एक अन्य पार्षद और रायजोर दल के दोनों पार्षदों ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसके बाद समर्थन करने वाले पार्षदों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।

कार्यशैली और तालमेल की कमी को लेकर उठे थे सवाल

मृणाली कुंवर के खिलाफ पार्षदों ने आरोप लगाया था कि नगरपालिका के संचालन में उनकी कार्यशैली संतोषजनक नहीं थी। पार्षदों के अनुसार वार्ड सदस्यों के साथ उचित तालमेल और सहयोग की कमी के चलते विकास कार्यों में परेशानी आ रही थी।

पार्षदों का कहना था कि कई बार पार्टी नेतृत्व और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकलने के कारण आखिरकार अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला करना पड़ा।

मृणाली कुंवर ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

दूसरी ओर पद से हटाई गई मृणाली कुंवर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश बताया।

उन्होंने दावा किया कि 16वें वित्त आयोग से जुड़े फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

हालांकि कार्यवाहक अध्यक्ष बने संजीव बोरा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे मृणाली कुंवर की व्यक्तिगत टिप्पणी बताया। उन्होंने कहा कि अब नगरपालिका प्रशासन की प्राथमिकता शहर के विकास कार्यों को गति देना और जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।

2022 में गठित हुई थी शिवसागर नगरपालिका, अब नए नेतृत्व पर सबकी नजर

गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में गठित शिवसागर नगरपालिका में कुल 14 वार्ड शामिल थे। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद ने 2 सीटें हासिल की थीं। रायजोर दल के 2 पार्षद भी नगरपालिका बोर्ड का हिस्सा बने थे।

हालांकि एक महिला पार्षद के निधन के बाद वर्तमान में निर्वाचित पार्षदों की संख्या 13 रह गई है।

युवा चेहरे को मिल सकती है अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

मृणाली कुंवर को पद से हटाए जाने के बाद अब नए नगरपालिका अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल के कुछ ही महीने शेष रहने के बावजूद इस बदलाव को शिवसागर की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार इस बार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी युवा चेहरे को दी जा सकती है। चर्चाओं में वार्ड संख्या 8 की भाजपा पार्षद स्मृति रेखा दत्त और वार्ड संख्या 6 के भाजपा पार्षद समीर दत्त का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है।

हालांकि शिवसागर नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी आखिर किसे मिलेगी, इसका अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व और आगामी बोर्ड प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।मैंने खबर को अखबारी शैली में व्यवस्थित कर दिया है—हेडलाइन, सब-हेडलाइन, बैकग्राउंड, राजनीतिक संदर्भ और आगे की संभावनाओं को अलग-अलग हिस्सों में रखा गया है।

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