स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल का शिवसागर दौरा: मेडिकल कॉलेज, सिविल हॉस्पिटल और सुकाफा हॉस्पिटल का किया निरीक्षण : 2027 में शुरू होगा शिवसागर मेडिकल कॉलेज का ओपीडी : डिमौ मॉडल पूरे असम में होगा लागू : स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के दिए निर्देश

शिवसागर, 1 जुलाई : असम सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के मंत्री अशोक सिंघल ने बुधवार को शिवसागर जिले के व्यापक दौरे के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं संस्थानों का निरीक्षण किया। अपने दौरे में उन्होंने ऐतिहासिक शिवडोल मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद निर्माणाधीन शिवसागर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, शिवसागर सिविल अस्पताल तथा स्वर्गदेव सु-का-फा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अधोसंरचना, चिकित्सा सुविधाओं तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

शिव दौल में पूजा-अर्चना कर की दौरे की शुरुआत
स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने अपने शिवसागर दौरे की शुरुआत ऐतिहासिक एवं पवित्र शिव दौल मंदिर में भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना से की। उन्होंने भगवान शिव से राज्य के सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शक्ति एवं मंगलमय जीवन की कामना की तथा कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की सबसे बड़ी पहचान है।

निर्माणाधीन शिवसागर मेडिकल कॉलेज का लिया जायजा
इसके बाद मंत्री डिमौ स्थित निर्माणाधीन शिवसागर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 123 बीघा भूमि पर निर्मित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है तथा लक्ष्य है कि वर्ष 2027 में मेडिकल कॉलेज के ओपीडी (Out Patient Department) की सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएं।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद शिवसागर सहित पूरे ऊपरी असम के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी तथा चिकित्सा शिक्षा को भी नई दिशा मिलेगी।

स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती
मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पूर्ण होने के बाद यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को भी नई ऊंचाई देगा। इससे ऊपरी असम के लोगों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सुकाफा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का भी किया निरीक्षण
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के बाद मंत्री राजाबाड़ी स्थित स्वर्गदेव हॉस्पिटल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तथा जनहित में संचालित विभिन्न योजनाओं का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि ओएनजीसी फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित तथा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान द्वारा संचालित यह हॉस्पिटल केवल शिवसागर ही नहीं बल्कि पूरे ऊपरी असम के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।

हॉस्पिटल में उपलब्ध हैं अत्याधुनिक सुविधाएं
मंत्री ने बताया कि हॉस्पिटल में पूर्णकालिक न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक चौबीसों घंटे सेवाएं दे रहे हैं। यहां अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवाएं, जिले का पहला पूर्ण सुविधायुक्त ब्लड बैंक, निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी, मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा नियमित स्वास्थ्य शिविर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां मेडिसिटी, नर्सिंग कॉलेज तथा हेल्थ स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की भी योजना है।

शिवसागर सिविल हॉस्पिटल में किया व्यापक निरीक्षण
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री शिवसागर सिविल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं, लैब, चिकित्सा उपकरणों तथा अस्पताल की अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों तथा कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति और समस्याओं की जानकारी ली।

मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां और समस्याएं सामने आई हैं, उनके समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम शीघ्र उठाएगी ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
शिवसागर सिविल हॉस्पिटल में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने अस्पताल की आंतरिक एवं बाह्य रोगी सेवाओं, जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्ध मानव संसाधनों, चिकित्सा उपकरणों तथा चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को शून्य करने पर जोर
बैठक में मंत्री ने विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर (MMR) और नवजात मृत्यु दर (NMR) को और कम करते हुए भविष्य में शून्य स्तर तक लाने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षित मातृत्व, संस्थागत प्रसव, समय पर उपचार तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी पर विशेष बल दिया।

चिकित्सा उपकरणों के नियमित कैलिब्रेशन के दिए निर्देश
मंत्री ने अस्पतालों में उपयोग किए जा रहे सभी चिकित्सा उपकरणों के नियमित कैलिब्रेशन (Calibration) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपकरणों की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच और अंशांकन से उपचार की गुणवत्ता एवं सटीकता सुनिश्चित होगी।

डिमौ मॉडल की सफलता पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी
समीक्षा बैठक की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्री ने डिमौ आदर्श अस्पताल की उल्लेखनीय उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने लगातार पांचवें वर्ष भी सर्पदंश से एक भी मरीज की मृत्यु नहीं होने का रिकॉर्ड कायम रखा है। वर्ष 2021 से अब तक लगभग 3,800 सर्पदंश पीड़ितों का सफल उपचार किया जा चुका है, जो राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।

डॉ. सुरजीत गिरी को दी विशेष बधाई
मंत्री ने डिमौ मॉडल हॉस्पिटल के एनेस्थेटिस्ट डॉ. सुरजीत गिरी एवं उनकी पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्पदंश रोकथाम एवं उपचार राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समिति’ के सदस्य के रूप में डॉ. गिरी के चयन को पूरे असम के लिए गौरव की बात बताया। मंत्री ने कहा कि डिमौ मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने की दिशा में सरकार कार्य करेगी ताकि सर्पदंश से होने वाली मौतों को न्यूनतम किया जा सके।

मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से खुलकर बातचीत की। उन्होंने सभी के सुझावों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि अस्पतालों में सामने आई व्यावहारिक समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प
अपने दौरे के दौरान मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों के उन्नयन, सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थानों तथा आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना के विकास के माध्यम से असम के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
ये रहे प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित
इस अवसर पर नाजिरा के विधायक मयूर बोरगोहांई, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त-सचिव पी. अशोक बाबू, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी, शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव, अतिरिक्त जिला आयुक्त (स्वास्थ्य) रणन्मय भारद्वाज, नाजिरा एवं डिमौ की सह-जिला आयुक्त प्रतिभा मेश्राम और लुकुमोनी बोरा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमआईएस मैनेजर राहुल चक्रवर्ती, राज्य योजना प्रबंधक द्विपज्योति डेका, राज्य मीडिया विशेषज्ञ भार्गव सैकिया, संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. माखन कलिता, शिवसागर सिविल हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. साधन बोरा सहित वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।




