ऐतिहासिक जामुना नाले के कायाकल्प की ओर बड़ा कदम : विधायक अखिल गोगोई ने मशीनयुक्त नाव से किया निरीक्षण, प्रदूषण और अतिक्रमण पर जताई कड़ी नाराज़गी : लगभग 10 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना से बदलेगी जामुना नाले की तस्वीर : मत्स्य पालन, बोटिंग, पर्यटन विकास और व्यापक सौंदर्यीकरण की घोषणा

शिवसागर, 28 जून : शिवसागर की ऐतिहासिक धरोहर जामुना नाले (Jamuna Canal) के पुनर्जीवन, सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य को नई गति देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक अखिल गोगोई ने रविवार को मशीनयुक्त रबर बोट पर सवार होकर लगभग एक घंटे तक चल रहे सफाई अभियान का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा नाले की वर्तमान स्थिति पर गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदूषण और अतिक्रमण को सबसे बड़ी चुनौती बताया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी, दो इतिहासकार, प्रख्यात मूर्तिकार दुर्लभ बोरा, इतिहास शोधकर्ता नवीन बुढ़ागोहाईं, वरिष्ठ पत्रकार भैरव मुंडा, आटासू (ATASU) के जिला पदाधिकारी, विभिन्न जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

‘जामुना नाला शिवसागर की ऐतिहासिक पहचान, इसे फिर मिलेगा गौरव’
निरीक्षण के बाद विधायक अखिल गोगोई ने कहा कि जामुना नाला केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि शिवसागर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इसके पुनर्जीवन, सफाई और सौंदर्यीकरण से न केवल शिवसागर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि जिले के पर्यटन क्षेत्र को भी नई पहचान और नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद शिवसागर के साथ-साथ पूरे असम को अपनी ऐतिहासिक पहचान वाला स्वच्छ, सुंदर और पुनर्जीवित जामुना नाला पुनः देखने का अवसर मिलेगा।

14 फरवरी से चल रही है लगभग 10 करोड़ रुपये की परियोजना
विधायक ने बताया कि एसडीएमएफ (SDMF) योजना के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 14 फरवरी से जामुना नाले की सफाई, गाद निकासी (डी-सिल्टिंग) तथा सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और पर्यटन विकास का एक महत्वाकांक्षी प्रयास है।

प्रदूषण पर जताई चिंता, कई विभागों पर लगाए गंभीर आरोप
निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि जामुना नाले के कई हिस्सों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ संस्थानों और स्थानीय लोगों की लापरवाही के कारण कई स्थान बार-बार गंदे हो रहे हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कारागार, लगभग पाँच सरकारी विभागों तथा सैकड़ों परिवारों के शौचालयों एवं सीवर की पाइपलाइन सीधे नाले से जोड़ी गई हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसागर नगरपालिका भी शहर के कई नालों का गंदा पानी जामुना नाले में प्रवाहित कर रही है, जिससे इसकी प्राकृतिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने संबंधित विभागों से तत्काल इस व्यवस्था में सुधार कर प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

भौगोलिक और तकनीकी चुनौतियों पर हुई विस्तृत चर्चा
अखिल गोगोई ने कहा कि जामुना नाले के पुनरुद्धार कार्य के दौरान इसके भौगोलिक स्वरूप सहित कई तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आई हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों, इतिहासकारों, सामाजिक प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया गया तथा परियोजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

अतिक्रमण हटाने की चेतावनी, जनता से सहयोग की अपील
विधायक ने स्पष्ट कहा कि जामुना नाले को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने नाले की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहने वाले लोगों से स्वयं अपना सामान हटाकर स्थान खाली करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने शिवसागर के नागरिकों से भी अपील की कि जामुना नाले को कूड़ेदान की तरह उपयोग न करें तथा उसमें किसी भी प्रकार का कचरा या अपशिष्ट न डालें। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।

मत्स्य पालन, बोटिंग और पर्यटन विकास की व्यापक योजना
अखिल गोगोई ने बताया कि सफाई अभियान पूरा होने के बाद जामुना नाले के चारों ओर फेंसिंग, आकर्षक सौंदर्यीकरण, मत्स्य पालन, बोटिंग, पारंपरिक नौका प्रतियोगिताओं तथा अन्य जल क्रीड़ा गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी। उनका कहना था कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

शिवसागर के समग्र विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाओं का प्रस्ताव
विधायक ने बताया कि शिवसागर शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 35 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त ब्रह्मपुत्र नदी के कटाव से सुरक्षा के लिए 205 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसागर जिला आयुक्त (डीसी) कार्यालय को डिमौ स्थानांतरित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिवसागर को एक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, विधि महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज तथा एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही आईएसबीटी की स्थापना, लगभग 121 करोड़ रुपये की शहर विस्तार योजना, दिखौ नदी पर ओवरब्रिज तथा बहुमंजिला आवासीय परियोजना सहित अनेक विकास प्रस्ताव भी शीघ्र मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे।

‘विरासत संरक्षण में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण’
अपने संबोधन के अंत में अखिल गोगोई ने कहा कि सरकार, प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से जामुना नाला अपनी ऐतिहासिक गरिमा पुनः प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक जलाशय की सफाई नहीं, बल्कि शिवसागर की ऐतिहासिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास को नई पहचान देने का अभियान है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद जामुना नाला पूरे असम के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।




