स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी की पुण्य स्मृति में शिक्षा और सेवा का अनुपम उपहार : शिवसागर के पीएम श्री विद्यालय को मिली आधुनिक आरओ वाटर फिल्टर मशीन : 500 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा शुद्ध पेयजल
निर्जला एकादशी पर मालानी परिवार की प्रेरक पहल : शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का दिया संदेश

बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना ही स्वर्गीय पुष्पा देवी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : भंवरलाल मालानी
शिवसागर, 25 जून : “किसी बच्चे को शिक्षा देना सबसे बड़ा दान है और उसे स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराना सबसे बड़ा मानव धर्म।” इसी विचार को साकार करते हुए राजस्थान के हिम्मटसर निवासी मालानी परिवार ने स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा देवी मालानी की पुण्य स्मृति में शिवसागर स्थित पीएम श्री 1 नंबर टाउन प्राथमिक विद्यालय को एक अत्याधुनिक आरओ (RO) वाटर फिल्टर मशीन भेंट की। इस जनहितकारी पहल से विद्यालय के 500 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिदिन स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी के पति भंवरलाल मालानी ने विद्यालय परिसर में आरओ प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के भाव से सम्पन्न हुआ।

पुण्य स्मृति को जनसेवा से जोड़ा
यह सेवा कार्य स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी की पुण्य स्मृति को समर्पित है, जिनका जीवन पारिवारिक संस्कारों, सेवा और सामाजिक मूल्यों से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय में स्थापित आधुनिक आरओ मशीन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य, स्वच्छता और उज्ज्वल भविष्य के प्रति मालानी परिवार की संवेदनशील सोच का जीवंत प्रतीक बन गई है।

भीषण गर्मी और बदलते मौसम में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। ऐसे समय में यह सहयोग विद्यालय के लिए अत्यंत उपयोगी एवं दीर्घकालिक महत्व का साबित होगा।

मालानी परिवार का सराहनीय योगदान
इस सेवा अभियान में स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी के पति भंवरलाल मालानी के साथ परिवार के सदस्य ओमप्रकाश मालानी, मनोज कुमार मालानी, राजकुमार मालानी एवं समस्त मालानी परिवार का विशेष योगदान रहा।

उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी, शिवसागर निवासी स्वर्गीय रावतमल मूंधड़ा की सुपुत्री तथा शहर के सक्रिय समाजसेवी श्रीगोपाल मूंधड़ा की बहन थीं। अपनी बहन की पुण्य स्मृति को जनसेवा से जोड़ने के इस प्रेरणादायी कार्य में श्रीगोपाल मूंधड़ा ने अपने बहनोई एवं भांजों को प्रेरित करने के साथ-साथ पूरे प्रकल्प के समन्वय एवं सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यालय परिवार ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधान शिक्षक अनिप सूतिया एवं नोडल शिक्षक सुरेश कुमार सिंह ने मालानी परिवार का अभिनंदन करते हुए कहा कि विद्यालय के बच्चों के लिए यह आरओ मशीन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल बच्चों के स्वास्थ्य, नियमित उपस्थिति और बेहतर शिक्षण वातावरण का आधार है। मालानी परिवार की यह पहल न केवल हमारे विद्यालय के लिए अमूल्य उपहार है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान देने की प्रेरणा देगी।

सेवा का वास्तविक अर्थ भविष्य निर्माण है – रूपचंद करनानी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रूपचंद करनानी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति उसके बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि आज मालानी परिवार ने केवल एक आरओ मशीन भेंट नहीं की है, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। सेवा का वास्तविक अर्थ केवल दान देना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था करना है जिससे वर्षों तक समाज लाभान्वित होता रहे।
उन्होंने आगे कहा कि निर्जला एकादशी जैसे पुण्य अवसर पर जल सेवा का विशेष महत्व है। जब यह सेवा विद्यालय के बच्चों के हित में की जाती है तो उसका सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने समाज के सक्षम परिवारों से भी शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान किया।

बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना ही स्वर्गीय पुष्पा देवी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : भंवरलाल मालानी
स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा देवी मालानी के पति भंवरलाल मालानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरी धर्मपत्नी स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी का जीवन सदैव सेवा, संस्कार और परोपकार के मूल्यों से प्रेरित रहा। उनकी पुण्य स्मृति को केवल औपचारिक श्रद्धांजलि तक सीमित रखने के बजाय हमने ऐसा कार्य करने का प्रयास किया है, जिससे समाज को लंबे समय तक लाभ मिले। विद्यालय के बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना हमारे लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है।

उन्होंने आगे कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि उन्हें स्वस्थ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी तो वे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे। हमें खुशी है कि निर्जला एकादशी जैसे पुण्य अवसर पर यह सेवा कार्य करने का सौभाग्य मिला।

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि समाज का प्रत्येक सक्षम परिवार अपने प्रियजनों की स्मृति में ऐसे स्थायी जनकल्याणकारी कार्य करे, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव सेवा को बढ़ावा मिले। यदि हमारे इस छोटे से प्रयास से किसी बच्चे को भी लाभ मिलता है, तो यही हमारी सबसे बड़ी संतुष्टि और स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

समाजबंधुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर समाज के अनेक प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित रहे। इनमें मारवाड़ी समाज के पंच मालचंद गट्टानी, मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार खेमका, पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रूपचंद करनानी, माहेश्वरी सभा शिवसागर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण चांडक, इंदरचंद लाहोटी, पवन अग्रवाल, श्रीगोपाल मूंधड़ा, राजकुमार तोषनीवाल, विनीत भट्टड़ तथा केशव पारीक सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों, उपस्थित नागरिकों, शिक्षक शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के लिए शीतल शरबत सेवा का भी आयोजन किया गया।

महिलाओं ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
इस सेवा कार्य को सफल बनाने में सरोज मूंधड़ा, सुमन बाहेती, सरोज पंचारिया, बिंदु दमानी, सरोज बलदेवा, पूनम सोनी, राजू देवी पारीक सहित अनेक महिला सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने सेवा भावना के साथ व्यवस्थाओं का संचालन कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरक मिसाल
स्थानीय नागरिकों ने मालानी परिवार की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है।
विद्यालय परिवार ने भी मालानी परिवार एवं सभी सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग वर्षों तक सैकड़ों विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा।

स्वर्गीय पुष्पा देवी मालानी की पुण्य स्मृति में किया गया यह सेवा कार्य इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किसी प्रियजन की स्मृति को यदि समाजहित से जोड़ा जाए तो वह आने वाली पीढ़ियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। शिक्षा, सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का यह प्रेरणादायी संगम लंबे समय तक समाज के लिए मिसाल बना रहेगा।




