निर्जला एकादशी पर सेवा, संस्कार और शिक्षा का प्रेरक संगम : पारीक महिला परिषद गुवाहाटी की अनूठी पहल : स्कूल में भेंट किए 7 व्हाइट बोर्ड, 150 बच्चों को कराया भोजन प्रसाद ग्रहण : उलूबाड़ी के प्रेसीडेंसी स्कूल में आयोजित हुआ प्रेरणादायी सेवा कार्यक्रम
‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के भाव के साथ बच्चों के बीच पहुंचीं परिषद की सदस्याएं : शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का दिया संदेश

गुवाहाटी, 23 जून : पावन निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर पारीक महिला परिषद गुवाहाटी द्वारा समाज सेवा, शिक्षा संवर्धन और मानवीय मूल्यों को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यद्यपि इस वर्ष निर्जला एकादशी का पर्व 25 जून को मनाया जाएगा, किंतु परिषद द्वारा पूर्व निर्धारित सेवा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को प्रेसीडेंसी स्कूल, उलूबाड़ी में बच्चों के बीच एक विशेष सेवा अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में शिक्षा सामग्री प्रदान करने के साथ-साथ बच्चों को भोजन प्रसाद वितरित कर सेवा और संस्कार का सुंदर संदेश दिया गया।

विद्यालय में पहुंची सेवा की सौगात
प्रातः 11:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में पारीक महिला परिषद की अध्यक्ष निशा पारीक, सचिव जया पारीक तथा कोषाध्यक्ष पूजा जोशी के नेतृत्व में परिषद की टीम विद्यालय पहुंची। इस अवसर पर परिषद सदस्या सुंदर पारीक एवं समाजसेवी मन्नू जालान के सौजन्य से विद्यालय को 7 नए व्हाइट बोर्ड भेंट किए गए।
विद्यालय प्रशासन ने इस योगदान को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग बताते हुए परिषद का आभार व्यक्त किया। विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि नए व्हाइट बोर्ड बच्चों की पढ़ाई को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

150 बच्चों को कराया गया भोजन प्रसाद ग्रहण
कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित भोजन प्रसाद वितरण रहा। परिषद की उपाध्यक्ष निशा शर्मा के सौजन्य से लगभग 150 बच्चों को भोजन प्रसाद कराया गया।
भोजन वितरण के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। परिषद की सदस्याओं ने बच्चों के साथ बैठकर आत्मीय संवाद किया तथा उन्हें स्वच्छता, अनुशासन, शिक्षा और अच्छे संस्कारों का महत्व समझाया।

बच्चों को दिया सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश
कार्यक्रम के दौरान परिषद की सदस्याओं ने बच्चों को नियमित अध्ययन, माता-पिता एवं शिक्षकों के सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली शक्ति है।
बच्चों ने भी परिषद की सदस्याओं के साथ उत्साहपूर्वक संवाद किया और इस विशेष आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

परिषद पदाधिकारियों के प्रेरक उद्बोधन
इस अवसर पर परिषद की अध्यक्ष निशा पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि निर्जला एकादशी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि सेवा, त्याग और मानव कल्याण की भावना को आत्मसात करने का अवसर भी है। समाज के बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य में योगदान देना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
परिषद की सचिव जया पारीक ने कहा कि शिक्षा समाज निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। यदि हम बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार प्रदान कर सकें तो वही सच्ची समाज सेवा होगी। मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और सकारात्मक सोच का वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि पारीक महिला परिषद भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगी।
उपाध्यक्ष निशा शर्मा ने कहा बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराना किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से कम पुण्य नहीं है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को समय-समय पर ऐसे सेवा कार्यों में भागीदारी निभानी चाहिए।
विद्यालय प्रशासन ने जताया आभार
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सपन चक्रवर्ती ने पारीक महिला परिषद के इस सराहनीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में किया गया यह योगदान बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्होंने विद्यालय की ओर से सभी शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की तरफ से परिषद का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया तथा भविष्य में भी ऐसे सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं परिषद की सदस्याएं
इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्षा दीपिका जोशी, उपाध्यक्ष निशा शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सुंदर पारीक, मधु शर्मा, किरण पारीक, उषा पारीक, नेहा पारीक, अंतिमा पारीक सहित परिषद की अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं। सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाया।
सेवा और संवेदना का प्रेरक उदाहरण
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, शिक्षा और संस्कार के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। पारीक महिला परिषद की इस पहल ने यह संदेश दिया कि समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा और सहयोग पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में धर्म और मानवता की सेवा है।
पारीक महिला परिषद द्वारा किया गया यह सेवा कार्य शिक्षा, सहयोग और मानवीय मूल्यों के प्रति समाज की प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी प्रतीक बन गया।




