शिवसागर पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात ड्रग्स कारोबारी परेश दास : लंबे समय से जिले में चला रहा था नशे का नेटवर्क, कई गिरफ्तार तस्करों की स्वीकारोक्ति के बाद हुई कार्रवाई : पुलिस रडार पर था आरोपी, प्रभावशाली ड्रग माफिया के करीबी सहयोगी के रूप में थी पहचान

शिवसागर, 21 जून : शिवसागर जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से पुलिस की निगरानी सूची में शामिल कुख्यात ड्रग्स कारोबारी परेश दास को आखिरकार शिवसागर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वह लंबे समय से जिले में ड्रग्स की आपूर्ति और अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था तथा स्थानीय स्तर पर नशे के नेटवर्क को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार किए गए कई ड्रग्स तस्करों से पूछताछ के दौरान परेश दास का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए उसे हिरासत में लेने की योजना बनाई।

छह गिरफ्तार ड्रग्स कारोबारियों की स्वीकारोक्ति बनी गिरफ्तारी का आधार
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में शिवसागर पुलिस ने विभिन्न अभियानों के दौरान ड्रग्स तस्करी से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वे नशीले पदार्थों के कंटेनर और खेप परेश दास से खरीदते थे।
पुलिस के समक्ष दिए गए इन बयानों को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना गया। आरोपियों की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने परेश दास की गतिविधियों और उसके संपर्कों की गहन निगरानी शुरू कर दी।
पलशनी स्थित आवास से दबोचा गया आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की स्वीकारोक्ति और अन्य खुफिया सूचनाओं के आधार पर शिवसागर की एसएसपी पापोरी चेतिया के निर्देशन में जयसागर पुलिस चौकी के प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने अभियान चलाकर पलशनी क्षेत्र स्थित उसके आवास पर छापेमारी की और वहीं से परेश दास को हिरासत में लेने में सफलता प्राप्त की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूर्व से दर्ज मामले में की गई गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परेश दास को केवल हालिया खुलासों के आधार पर ही नहीं बल्कि उसके खिलाफ पहले से दर्ज एक मामले के संबंध में भी गिरफ्तार किया गया है। जॉयसागर पुलिस ने पूर्व में दर्ज एक लंबित प्रकरण के आधार पर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी का नेटवर्क कितना व्यापक था और उसके संपर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैले हुए थे।
ड्रग माफिया माधव पाल का करीबी सहयोगी माना जाता था
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से जुड़े जानकारों के अनुसार, परेश दास की पहचान क्षेत्र के प्रभावशाली ड्रग्स माफिया माधव पाल के करीबी सहयोगी के रूप में की जाती रही है। बताया जाता है कि वह कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाता था और विभिन्न स्तरों पर सप्लाई चेन को बनाए रखने में मदद करता था।
हालांकि पुलिस फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच तेज
परेश दास की गिरफ्तारी को शिवसागर जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
सूत्रों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के कई और अहम नाम सामने आ सकते हैं।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए जारी रहेगा अभियान
शिवसागर की एसएसपी पापोरी चेतिया ने स्पष्ट किया है कि जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ड्रग्स तस्करों और सप्लायरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में फैल रहे मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परेश दास की गिरफ्तारी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क पर पुलिस की बढ़ती पकड़ को एक बार फिर उजागर किया है।




