योग के संदेश के साथ संपन्न हुआ 10 दिवसीय योग शिविर : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मारवाड़ी सम्मेलन तिनसुकिया शाखा का अभिनव आयोजन : ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का दिया संदेश : योग गुरु ऋतु तोदी एवं योग प्रशिक्षक जयप्रकाश तोदी का सम्मान, योग को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला है : पवन केजड़ीवाल

तिनसुकिया, 20 जून : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय योग कार्यशाला का आज प्रातः मंढ़ानिया भवन, माकुम रोड, तिनसुकिया में भव्य एवं प्रेरणादायी समापन हुआ। 11 जून से प्रारंभ हुई इस योग कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने प्रतिदिन सहभागिता कर योग, प्राणायाम एवं ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग) को केंद्र में रखकर किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लोगों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना तथा योग को घर-घर तक पहुंचाना था।

समापन समारोह में दिखा उत्साह
समापन समारोह में प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पिछले दस दिनों की गतिविधियों और अनुभवों को भी साझा किया गया। प्रतिभागियों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें मानसिक शांति, शारीरिक स्फूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
समारोह में योग गुरु श्रीमती ऋतु तोदी एवं योग प्रशिक्षक श्री जयप्रकाश तोदी को स्मृति चिन्ह एवं फुलाम गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके समर्पण, अनुशासन और निरंतर मार्गदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।

योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला है : पवन केजड़ीवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा के अध्यक्ष पवन केजड़ीवाल ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, भागदौड़ भरी जीवनशैली और मानसिक दबाव के बीच योग मानव जीवन के लिए अमृत समान है।
उन्होंने कहा कि आज समाज का एक बड़ा वर्ग तनाव, चिंता, अवसाद और विभिन्न जीवनशैली संबंधी बीमारियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है।
श्री केजड़ीवाल ने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले, तो वह न केवल स्वयं स्वस्थ रहेगा बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और मजबूत समाज के निर्माण का सबसे सरल माध्यम है।”
उन्होंने आगे कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन तिनसुकिया शाखा भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।

स्वस्थ उम्र बढ़ाने का सबसे सरल मार्ग है योग : ऋतु तोदी
योग गुरु श्रीमती ऋतु तोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए योग अत्यंत प्रभावी साधन है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन बढ़ती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति आत्मिक शांति का अनुभव करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

नियमित योगाभ्यास से जीवन में आता है सकारात्मक परिवर्तन : जयप्रकाश तोदी
योग प्रशिक्षक श्री जयप्रकाश तोदी ने कहा कि योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं बल्कि आत्म-अनुशासन और आत्म-जागरूकता की प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि दस दिवसीय शिविर के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान विधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि योग मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है। नियमित अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि विचारों में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और एकाग्रता भी बढ़ती है।”
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से जीवनभर योग से जुड़े रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

योग के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महर्षि पतंजलि से लेकर आधुनिक युग के अनेक संतों और विचारकों ने योग को मानव जीवन के लिए आवश्यक बताया है। योग शरीर में उत्पन्न विकृतियों को दूर करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और जीवन को सार्थक बनाने का प्रभावी माध्यम है।
वक्ताओं ने बताया कि योग से पाचन शक्ति में सुधार, मोटापे में कमी, स्मरण शक्ति में वृद्धि, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है। अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अलग-अलग योग पद्धतियां उपयोगी साबित होती हैं।

योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
समापन समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा परिवार और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया और अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा के सचिव विमल चौखानी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा के जनसंपर्क अधिकारी दीपक बजाज द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि योग शिविर को प्रतिभागियों का अभूतपूर्व सहयोग मिला तथा भविष्य में भी संस्था समाजहित में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।

“न कोई पीड़ा, न कोई रोग — जब है जीवन में योग”
समापन समारोह का समापन इसी प्रेरक संदेश के साथ हुआ कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन की आधारशिला है।




