नाजिरा में दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद : कई दिनों से पशुधन का कर रहा था शिकार, वन विभाग ने रात में चलाया सफल अभियान : ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बरकरार

नाजिरा, 19 जून : शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र के गढ़आली इलाके में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बने एक विशाल तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। लगातार पशुधन पर हमले कर रहे इस तेंदुए के कारण क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग द्वारा रणनीतिक रूप से लगाए गए पिंजरे में गुरुवार देर रात तेंदुआ फंस गया, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

पशुधन पर लगातार हमलों से बढ़ी थी दहशत
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिछले कई दिनों से गढ़आली तथा आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही थीं। ग्रामीणों के मवेशियों पर बार-बार हमले होने से लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही थी।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कई परिवारों ने रात के समय घरों से बाहर निकलना कम कर दिया था। बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर लोगों में विशेष चिंता बनी हुई थी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, लगाया विशेष पिंजरा
ग्रामीणों की शिकायतों और बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष पिंजरा लगाया गया और अधिकारियों तथा वनकर्मियों की टीम लगातार क्षेत्र पर नजर रखे हुए थी।
गुरुवार देर रात वन विभाग की योजना सफल रही और तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया।
बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा हुआ अभियान
वन विभाग के अनुसार पूरे अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़कर आगे की चिकित्सकीय जांच और आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए वन विभाग के संरक्षण में रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव की स्वास्थ्य जांच के बाद वन्यजीव संरक्षण नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका बरकरार
हालांकि एक तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि क्षेत्र में अभी भी एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी हो सकती है।
ग्रामीणों का दावा है कि हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों पर कई बार जंगली बिल्लीनुमा बड़े जानवरों की आवाजाही देखी गई है। इसके चलते लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी और अधिक बढ़ाने तथा अतिरिक्त पिंजरे लगाने की मांग की है।
वन विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, बच्चों को अकेला न छोड़ने तथा किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने को कहा है।
अधिकारियों का मानना है कि आसपास के जंगलों और चाय बागानों से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहने के कारण सतर्कता बेहद आवश्यक है।
असम में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
उल्लेखनीय है कि असम के विभिन्न जिलों में समय-समय पर तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों के मानव बस्तियों के निकट पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। जंगलों के सिकुड़ते दायरे और भोजन की तलाश में वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करना ऐसी घटनाओं का प्रमुख कारण माना जाता है।
वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में इस तेंदुए का फंसना गढ़आली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि संभावित अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है।




