शिवसागर में पहली बार गूंजा ‘भजन जैमिंग’ का जादू : भक्ति, संगीत और युवा ऊर्जा के महासंगम ने रचा इतिहास : TOL के आश्विन और प्रकृति की सुरमयी प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु : नाट्य मंदिर बना आध्यात्मिक उत्सव का केंद्र
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति का सफल आयोजन : डिमौ, नाजिरा, मोरान, शिमालुगुड़ी, सोनारी, आमगुड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से उमड़ा जनसैलाब

शिवसागर, 2 जून : शिवसागर की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के इतिहास में सोमवार की शाम एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गई, जब अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (ABMMS) असम प्रांत अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित एवं भव्य “भजन जैमिंग” कार्यक्रम नाट्य मंदिर, बोर्डिंग रोड, शिवसागर में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति, संगीत, संस्कृति और आधुनिक युवा सोच के अनूठे समागम ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान कर दिया।

शिवसागर में पहली बार आयोजित इस अभिनव कार्यक्रम को लेकर पिछले कई सप्ताहों से श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा था। कार्यक्रम के दिन यह उत्साह भक्तिरस की ऐसी धारा में परिवर्तित हो गया कि नाट्य मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरी तरह भर गया। प्रवेश द्वार से लेकर सभागार के अंतिम छोर तक हर ओर भक्ति का उल्लास, श्रद्धा की अनुभूति और सांस्कृतिक गौरव की झलक दिखाई दे रही थी।

भक्ति की धुनों पर झूम उठा शिवसागर
जैसे ही कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “श्याम”, “राम” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। मंच की भव्य सजावट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को शुरुआत से ही भक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे देशभर में लोकप्रिय आध्यात्मिक संगीत समूह “Together Out Loud (TOL)” के सुप्रसिद्ध कलाकार आश्विन एवं प्रकृति। दोनों कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज, भावपूर्ण गायन और ऊर्जावान प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भजनों की प्रस्तुति केवल संगीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह एक आध्यात्मिक अनुभूति बन गई। कभी पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठता, तो कभी श्रद्धालु आंखें बंद कर भक्ति में लीन दिखाई देते। कई अवसरों पर श्रद्धालु अपनी सीटों से उठकर भजनों की धुन पर झूमते और भगवान के नाम का संकीर्तन करते नजर आए।

युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी बनी कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता
इस आयोजन की सबसे विशेष बात रही युवाओं की भारी भागीदारी। सामान्यतः धार्मिक आयोजनों को बुजुर्गों तक सीमित मानने वाली सोच को इस कार्यक्रम ने पूरी तरह बदल दिया। बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे और भजनों की प्रत्येक प्रस्तुति में उत्साहपूर्वक भाग लेते दिखाई दिए।

आधुनिक संगीत शैली और पारंपरिक भक्ति के अनूठे मिश्रण ने युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ जोड़ने का सफल प्रयास किया। उपस्थित लोगों का मानना था कि यदि भक्ति को इसी प्रकार आधुनिक अभिव्यक्ति दी जाए तो नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से और अधिक जुड़ सकती है।
क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़कर बना सामाजिक एकता का मंच
यह आयोजन केवल शिवसागर तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में डेमो, नाजिरा, मोरान, सिमालुगुड़ी, सोनारी, आमगुड़ी, जोरहाट तथा आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला समितियों, युवा मंचों और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि कार्यक्रम में केवल मारवाड़ी समाज ही नहीं बल्कि विभिन्न समुदायों एवं वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इससे कार्यक्रम सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बन गया।
आध्यात्मिकता और आधुनिकता का अद्भुत संगम
आज के डिजिटल और भागदौड़ भरे जीवन में जहां युवा वर्ग तेजी से पारंपरिक सांस्कृतिक गतिविधियों से दूर होता जा रहा है, वहीं “भजन जैमिंग” ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने केवल भजन प्रस्तुत नहीं किए, बल्कि भगवान के प्रति समर्पण, सकारात्मक सोच, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण के संदेश भी दिए। इससे कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम न रहकर आत्मिक उन्नयन का मंच बन गया।
रेखा बुखरेडिया और अंशु शर्मा के नेतृत्व में साकार हुआ सपना
इस भव्य आयोजन की संयोजक रेखा बुखरेडिया एवं अंशु शर्मा रहीं। दोनों ने कई महीनों की तैयारी, योजनाबद्ध कार्यशैली और समर्पित प्रयासों के माध्यम से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजन से जुड़े प्रत्येक पहलू—मंच सज्जा, अतिथि स्वागत, टिकट व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, तकनीकी प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा—का विशेष ध्यान रखा गया। समिति की सभी सदस्यों ने भी पूर्ण समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रभावी माध्यम : सरिका देवड़ा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति की अध्यक्ष सरिका देवड़ा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान उसकी आध्यात्मिक विरासत में निहित है और भक्ति संगीत उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि समिति भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता, संस्कार, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास करती रहेगी।
सभी सहयोगियों का किया गया सम्मान एवं आभार व्यक्त
समिति की सचिव प्रीति केजरीवाल ने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों, सहयोगकर्ताओं, प्रायोजकों एवं समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सामूहिक प्रयास, टीम भावना और समाज के सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

वहीं कोषाध्यक्ष संगीता झूरिया ने कहा कि समिति की प्रत्येक सदस्य ने अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया, जिसके परिणामस्वरूप यह आयोजन अभूतपूर्व सफलता प्राप्त कर सका।
भक्ति की ऐसी शाम जिसे शिवसागर वर्षों तक याद रखेगा
कार्यक्रम के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और आनंद की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अनेक लोगों ने इसे शिवसागर में आयोजित अब तक के सबसे अनूठे और प्रेरणादायक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बताया।

उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, युवाओं को संस्कारों से जोड़ने और धार्मिक वातावरण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोगों ने भविष्य में भी इस प्रकार के भव्य “भजन जैमिंग” कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

भक्ति, संगीत, संस्कृति, सामाजिक समरसता और युवा ऊर्जा के अद्भुत संगम से सजा यह आयोजन निश्चित रूप से शिवसागर की सांस्कृतिक स्मृतियों में लंबे समय तक जीवंत रहेगा। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति थी जिसने हजारों लोगों के हृदय को स्पर्श किया और भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा एवं समर्पण की भावना को और प्रगाढ़ बनाया।

इस आशय की जानकारी शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी है।




