सुनपुरा में अखिल असम भोजपुरी परिषद की नई आंचलिक समिति का गठन : भोजपुरी समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक संरक्षण को मिलेगा नया बल
रामचंद्र सिंह बने अध्यक्ष, राजू सिंह को मिली महासचिव पद की जिम्मेदारी

शिवसागर, 2 जून : अखिल असम भोजपुरी परिषद, शिवसागर जिला समिति के तत्वावधान में रविवार को सुनपुरा स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक सभा का आयोजन किया गया।
सभा में सर्वसम्मति से सोनपुरा आंचलिक समिति का विधिवत गठन किया गया। कार्यक्रम को भोजपुरी समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती तथा भाषा-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सभा में अखिल असम भोजपुरी परिषद के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी उपस्थित रहे और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में शिवसागर जिला समिति के सचिव पिंटू पाठक, केंद्रीय समिति के संगठन सचिव अरुण सिंह, शिमलगुड़ी आंचलिक समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह तथा सचिव रामचंद्र यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने संगठन के उद्देश्यों, गतिविधियों तथा भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि असम में निवास कर रहे भोजपुरी भाषी समाज ने राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए संगठित प्रयास समय की आवश्यकता है। युवाओं से भी समाज के विकास और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सभा में सर्वसम्मति से सुनपुरा आंचलिक समिति के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया। जिनमें रामचंद्र सिंह को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही मिंटू सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष एवं राजू सिंह नई समिति में महासचिव पद का दायित्व सौंपा गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। पदाधिकारियों ने संगठन की विचारधारा के अनुरूप समाजहित में कार्य करने तथा परिषद की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय भोजपुरी समाज के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने भोजपुरी भाषा, साहित्य, लोककला, लोकगीत, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा नेतृत्व निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए परिषद की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। पिंटू पाठक ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान देना है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने समाज के लोगों से आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित में मिलकर कार्य करने की अपील की। साथ ही विश्वास व्यक्त किया गया कि नवगठित सोनपुरा आंचलिक समिति आने वाले समय में भोजपुरी समाज की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाने तथा संगठन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




