शिवसागर में अवैध तेल भंडारण का बड़ा खुलासा : पुलिस की बड़ी कार्रवाई में दो गोदामों से करीब 50 ड्रम डीजल-मोबिल जब्त, दो लोग हिरासत में
तेल चोरी और अवैध भंडारण के पीछे बड़े गिरोह की आशंका, मुख्य आरोपी की तलाश जारी

शिवसागर, 2 जून : असम के शिवसागर शहर में अवैध रूप से बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण का मामला सामने आने के बाद सोमवार को शिवसागर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाकर भारी मात्रा में डीजल, मोबिल तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ जब्त किए। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 50 ड्रमों में संग्रहित तेल एवं पेट्रोलियम उत्पाद बरामद किए गए, जबकि मामले में पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिवसागर शहर के नाजिरा अली स्थित बीजी रोड पर ओएनजीसी परिसर के समीप बांस और टिन से बने दो अस्थायी गोदामों में लंबे समय से बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण किया जा रहा था। गुप्त सूचना और सदर थाने में दर्ज एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर इस अवैध गोदाम का पर्दाफाश किया।
पेट्रोल पंप की शिकायत से खुला पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, निमचांद मानिकचंद पेट्रोल पंप प्रबंधन ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि दो वाहनों द्वारा लगभग 1,800 लीटर डीजल भरवाने के बाद भुगतान किए बिना पेट्रोल पंप से चले जाया गया। शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने चालक मुस्ताक खान द्वारा संचालित एक छह पहिया वाहन को जब्त किया।

प्रारंभिक पूछताछ में मुस्ताक खान ने स्वीकार किया कि उसके मालिक इचफाकुल अहमद के निर्देश पर उसने चार ड्रमों में कुल 720 लीटर डीजल भरवाकर नाजिरा अली स्थित उक्त गोदाम में जमा कराया था। इसी खुलासे के बाद पुलिस ने गोदामों पर छापेमारी की और बड़ी मात्रा में तेल बरामद किया।
हजारों लीटर तेल भंडारित होने की आशंका
पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए ड्रमों में मौजूद तेल की सटीक मात्रा का अभी आकलन किया जा रहा है। हालांकि बरामद सामग्री की मात्रा को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि गोदामों में हजारों लीटर डीजल, मोबिल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थ संग्रहित किए गए थे।

जांच अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह तेल चोरी करके जमा किया गया था या फिर भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना को देखते हुए मुनाफाखोरी के उद्देश्य से भंडारित किया गया था। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
कुख्यात तेल कारोबारी पर संदेह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे सुभाष दास नामक व्यक्ति का हाथ होने की आशंका है। आरोप है कि सुभाष दास लंबे समय से तेल और कच्चे तेल की अवैध खरीद-बिक्री तथा तस्करी से जुड़ा रहा है और उसने गोदाम के सामने स्थित एक मकान किराए पर लेकर यह कारोबार संचालित किया था।

बताया जाता है कि इससे पहले भी सुभाष दास का नाम तेल तस्करी और अवैध पेट्रोलियम कारोबार से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। छापेमारी के बाद पुलिस ने उसके आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वह फरार बताया जा रहा है।
पेट्रोलियम अधिनियम के तहत गंभीर अपराध
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोयदुल इस्लाम ने बताया कि पुलिस ने दो परित्यक्त गोदामों से बड़ी मात्रा में तेल बरामद किया है। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जांच में बरामद तेल चोरी का अथवा अवैध रूप से प्राप्त किया गया प्रतीत हो रहा है। पेट्रोलियम अधिनियम के तहत बिना अनुमति इस प्रकार बड़ी मात्रा में तेल या ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करना पूर्णतः अवैध है। इससे किसी भी समय गंभीर आगजनी या विस्फोट जैसी दुर्घटना हो सकती है।”

उन्होंने यह भी बताया कि मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों और संभावित तेल तस्करी गिरोह की पहचान करने के लिए जांच जारी है। फिलहाल दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा कई अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
शहर में मचा हड़कंप
ओएनजीसी परिसर के समीप इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण उजागर होने के बाद शिवसागर शहर में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए तेल चोरी, तस्करी और अवैध भंडारण में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की है।

पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।




