शिवसागर में महंगाई पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन : अब हर दुकान पर लगानी होगी मूल्य सूची, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई : जिला टास्क फोर्स की अहम बैठक में फैसला, बाजारों में बढ़ती कीमतों पर प्रशासन की कड़ी नजर

शिवसागर, 22 मई : लगातार बढ़ती महंगाई और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हो रही तेज बढ़ोतरी के बीच शिवसागर जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने, कालाबाजारी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
इसी क्रम में शिवसागर जिला आयुक्त कार्यालय के चुकाफा सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों विभाग की अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, राजस्व विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, बाजार निरीक्षण से जुड़े अधिकारी तथा थोक एवं खुदरा व्यापारी उपस्थित रहे।
हर दुकान पर मूल्य सूची लगाना होगा अनिवार्य
बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि अब जिले की प्रत्येक दुकान में आवश्यक वस्तुओं की सरकारी निर्धारित मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि दुकानदारों को अपनी दुकान के सामने मूल्य सूची बोर्ड लगाना होगा ताकि ग्राहक आसानी से वस्तुओं की कीमत देख सकें।
प्रशासन के अनुसार 22 पुराने आवश्यक उपभोक्ता सामानों के साथ-साथ 18 नई जरूरी वस्तुओं को भी सूची में शामिल किया गया है। इन सभी वस्तुओं की दरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी।
अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करता, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है या ग्राहकों को गुमराह करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई “आवश्यक वस्तु अधिनियम” तथा “उपभोक्ता संरक्षण कानून” के तहत की जा सकती है।
बाजारों में बढ़ेगी निगरानी, अचानक छापेमारी की तैयारी
बैठक में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में जिले के अलग-अलग बाजारों में एक ही वस्तु की कीमतों में भारी अंतर देखा गया है। कई स्थानों पर कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाने और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब नियमित बाजार निरीक्षण, अचानक छापेमारी और मूल्य निगरानी अभियान को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। जिला टास्क फोर्स समय-समय पर बाजारों का निरीक्षण करेगी और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर मूल्य नियंत्रण सुनिश्चित करेगी।
कृषि, मछली और डेयरी उत्पादों पर विशेष फोकस
बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिया गया कि वे सब्जियों और कृषि उत्पादों की उपलब्धता तथा बाजार आपूर्ति की नियमित निगरानी करें।
वहीं मत्स्य विभाग तथा पशुपालन विभाग को मछली, मांस, अंडा, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमत एवं उपलब्धता संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि यदि आपूर्ति व्यवस्था में कृत्रिम बाधा या संकट उत्पन्न किया जाता है, तो उसका सीधा असर बाजार मूल्य पर पड़ता है। इसलिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
देशभर में बढ़ती महंगाई का असर
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में देशभर में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। सब्जियां, खाद्य तेल, दाल, दूध, मछली और मांस जैसी दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। उत्पादन लागत में वृद्धि, परिवहन खर्च, मौसम संबंधी प्रभाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। भारत सरकार और विभिन्न सरकारी पोर्टलों पर भी आवश्यक वस्तुओं के दामों की निगरानी के लिए नियमित मूल्य रिपोर्ट जारी की जाती हैं।
उपभोक्ता मामलों से जुड़े सरकारी आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न राज्यों में आवश्यक वस्तुओं की खुदरा कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसके कारण आम मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
आम लोगों ने प्रशासन के फैसले का किया स्वागत
शिवसागर में जिला प्रशासन की इस पहल को आम नागरिकों ने सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि बाजार में मनमानी कीमतों पर रोक लगाने और मूल्य सूची अनिवार्य करने से ग्राहकों को राहत मिलेगी।
कई उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि अक्सर अलग-अलग दुकानों में एक ही वस्तु की कीमत में काफी अंतर देखने को मिलता है, जिससे ग्राहक भ्रमित होते हैं। ऐसे में प्रशासन की सख्ती जरूरी थी।
व्यापारियों ने भी रखी अपनी बातें
बैठक के अंत में अधिकारियों और व्यापारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। व्यापारियों ने परिवहन खर्च, थोक बाजार में मूल्य वृद्धि और आपूर्ति संबंधी कठिनाइयों का मुद्दा उठाया।
हालांकि प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की कि वे उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या कृत्रिम मूल्य वृद्धि से दूर रहें।
“उपभोक्ता संरक्षण और पारदर्शी बाजार व्यवस्था हमारी प्राथमिकता” — प्रशासन
बैठक के समापन पर अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और बाजार में पारदर्शी एवं नियंत्रित मूल्य व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सभी विभागों, व्यापारियों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन जनता के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।




