चूरू जिले के बुचावास बस स्टैंड पर भीषण आग : बालाजी मिष्ठान भंडार जलकर राख, करोड़ों का सामान स्वाहा
बुधवार सुबह लगी आग, मालिक जगदीश प्रसाद पारीक व पुत्र सुभाष पारीक को भारी नुकसान

तारानगर, 20 मई : राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र के गांव बुचावास के बस स्टैंड पर स्थित प्रसिद्ध बालाजी मिष्ठान भंडार में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान में रखा पूरा स्टॉक — मिठाई, नमकीन, ड्राई फ्रूट्स, घी, पैकिंग सामग्री आदि जलकर राख हो गया। अनुमानित नुकसान करोड़ों रुपये में बताया जा रहा है।
घटना का विस्तृत विवरण
20 मई 2026 को बुधवार की सुबह अलसुबह बस स्टैंड पर स्थित बालाजी मिष्ठान भंडार में अचानक आग भड़क उठी। आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के ग्रामीण घबरा गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें सफलता नहीं मिली।
दुकान मालिक जगदीश प्रसाद पारीक और उनके पुत्र सुभाष पारीक को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। दोनों सदमे में हैं। दुकान क्षेत्र में मिठाई और नमकीन के व्यापार के लिए काफी लोकप्रिय थी।
इस अग्निकांड की घटना में दुकान में मौजूद मिठाई, नमकीन, घी, ड्राई फ्रूट्स और अन्य स्टॉक समेत लाखों-करोड़ों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। साथ ही दुकान की इमारत भी काफी हद तक क्षतिग्रस्त हुई है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

फायर ब्रिगेड और प्रशासन की भूमिका
सूचना मिलते ही तारानगर नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और कूलिंग ऑपरेशन चलाया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। आग के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच के अनुसार यह शॉर्ट सर्किट, गैस लीक या अन्य कोई तकनीकी खराबी के कारण हुई घटना हो सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण और कुल नुकसान की पुष्टि होगी।
सोशल मीडिया और स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। स्थानीय नेता और लोग दुकान मालिक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। भाजपा नेता राकेश जांगिड़ ने मौके पर पहुंचकर सुभाष पारीक से मुलाकात की और सहायता का आश्वासन दिया। कई लोगों ने आर्थिक मदद की अपील भी की है।
पुलिस और फायर विभाग जांच में जुटे हैं। आधिकारिक ने कहा कि व्यापारियों को फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग बढ़ाना चाहिए।




