शिवसागर में कच्चे तेल से भरा टैंकर जब्त, चालक हिरासत में; बड़े अवैध तेल नेटवर्क की आशंका : शिमलुगुड़ी के बालीघाट से गुवाहाटी की ओर जा रहा था AS01-DC-8157 नंबर का टैंकर : गुप्त सूचना पर बीजी रोड में पुलिस ने रोका : चालक सफीकुल इस्लाम से पूछताछ जारी : प्रारंभिक जांच में कच्चे तेल के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिलने की सूचना
बालीघाट में दूसरे चालक ने सौंपा था तेल से भरा टैंकर; पुलिस की जांच के दायरे में तेल का स्रोत, गंतव्य, टैंकर मालिक और संभावित नेटवर्क

शिवसागर, 1 सितंबर : ऊपरी असम के तेल उत्पादक क्षेत्रों में कथित अवैध कच्चा तेल कारोबार के खिलाफ शिवसागर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सोमवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाते हुए कच्चे तेल से भरे AS01-DC-8157 नंबर के एक टैंकर को जब्त किया है। इस सिलसिले में टैंकर चालक सफीकुल इस्लाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में कच्चे तेल के परिवहन की वैधता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज कथित तौर पर नहीं मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टैंकर में मौजूद कच्चा तेल कहां से आया, इसे किसके निर्देश पर और किस स्थान पर पहुंचाया जाना था तथा इस पूरे परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

गुप्त सूचना पर बीजी रोड में रोका गया टैंकर
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवसागर पुलिस को एक गोपनीय सूत्र से सूचना मिली थी कि कच्चे तेल से भरा एक संदिग्ध टैंकर शिमलुगुड़ी की ओर से शिवसागर होते हुए आगे जाने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संदिग्ध टैंकर की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
सोमवार देर रात पुलिस ने शिवसागर शहर के बीजी रोड इलाके में अभियान चलाकर टैंकर को रोक लिया। तलाशी और प्रारंभिक पूछताछ के बाद टैंकर को जब्त कर लिया गया तथा चालक सफीकुल इस्लाम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
बालीघाट में दूसरे चालक से मिला था टैंकर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टैंकर शिमलुगुड़ी के बालीघाट इलाके से शिवसागर की ओर आया था। बताया गया है कि बालीघाट में किसी अन्य चालक ने कच्चे तेल से भरा यह टैंकर सफीकुल इस्लाम को सौंपा था।
इसके बाद सफीकुल टैंकर लेकर कथित तौर पर गुवाहाटी की ओर रवाना हुआ। हालांकि वह अपने गंतव्य तक पहुंच पाता, उससे पहले ही शिवसागर के बीजी रोड इलाके में पुलिस ने टैंकर को रोककर अपने कब्जे में ले लिया।
अब बालीघाट में टैंकर सौंपने वाले व्यक्ति की पहचान इस जांच की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। पुलिस उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल के जरिए यह जानने की कोशिश कर सकती है कि तेल कहां से आया और इसके परिवहन की पूरी व्यवस्था किसने की थी।

कच्चे तेल के वैध दस्तावेजों पर सवाल
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू टैंकर में मौजूद कच्चे तेल के स्रोत और उसकी वैधता से जुड़ा है। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पूछताछ के दौरान चालक कथित तौर पर कच्चे तेल के स्रोत, स्वामित्व और उसके परिवहन की वैधता प्रमाणित करने वाले आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
हालांकि पुलिस की विस्तृत जांच तथा संबंधित तेल कंपनी या अन्य सक्षम एजेंसियों से सत्यापन पूरा होने से पहले तेल के स्रोत और उसकी कानूनी स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
जांच में यह भी पता लगाया जाना अहम होगा कि टैंकर के लिए कोई वैध चालान, परमिट अथवा परिवहन संबंधी अन्य दस्तावेज जारी किए गए थे या नहीं।
तेल कहां से आया और गुवाहाटी में किसे मिलना था?
टैंकर की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें टैंकर का पंजीकृत मालिक कौन है, तेल किस स्थान से भरा गया था, टैंकर में कच्चे तेल की वास्तविक मात्रा कितनी है और गुवाहाटी में इसे किस व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान तक पहुंचाया जाना था—जैसे सवाल प्रमुख हैं।
इसके अलावा पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि बालीघाट में सफीकुल इस्लाम को टैंकर सौंपने वाला व्यक्ति कौन था और उसने किसके निर्देश पर वाहन चालक को सौंपा था।
यदि जांच में तेल के अवैध स्रोत से आने की पुष्टि होती है तो पुलिस के सामने अगला बड़ा सवाल यह होगा कि कच्चे तेल को उत्पादन अथवा भंडारण व्यवस्था से किस स्तर पर बाहर निकाला गया और उसे परिवहन नेटवर्क तक किस तरह पहुंचाया गया।

टैंकर की पिछली आवाजाही और चालक के संपर्क भी हो सकते हैं जांच के दायरे में
पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए टैंकर की पिछली आवाजाही, उसके परिवहन मार्ग और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। चालक के संपर्कों तथा संभावित प्राप्तकर्ता से संबंधित जानकारियां भी कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मददगार साबित हो सकती हैं।
यदि प्रारंभिक संदेह सही साबित होता है तो जांच केवल चालक तक सीमित नहीं रहेगी। तेल उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति, संभावित मध्यस्थ, परिवहनकर्ता, अंतिम खरीदार और आर्थिक लेन-देन से जुड़े लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसी कारण मौजूदा बरामदगी को केवल एक टैंकर की जब्ती के रूप में देखने के बजाय पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
बोगीदौल सिंहद्वार में पहले भी सामने आया था अवैध तेल कारोबार का मामला
इस घटना ने ऊपरी असम के तेल उत्पादक क्षेत्रों में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कथित चोरी एवं अवैध कारोबार के पुराने मामलों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
पिछले वर्ष शिवसागर के बोगीदौल सिंहद्वार इलाके में कथित अवैध तेल डिपो में विस्फोट के बाद जांच के दौरान चोरी के कच्चे तेल के कथित संगठित कारोबार का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में फरार चल रहे जलील अहमद और हामिद अली को बाद में शिवसागर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
पुलिस जांच में उस समय कथित तौर पर लंबे समय से अवैध डिपो संचालित कर चोरी के कच्चे तेल का कारोबार किए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि सोमवार देर रात जब्त किए गए टैंकर के मौजूदा मामले का उस पुराने प्रकरण से कोई सीधा संबंध अभी सामने नहीं आया है। इसलिए दोनों मामलों को आपस में जोड़ना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। फिर भी पुराना मामला क्षेत्र में तेल चोरी और उसके अवैध कारोबार की चुनौती की पृष्ठभूमि को जरूर रेखांकित करता है।

ONGC या किसी तेल कंपनी से संबंध की अभी पुष्टि नहीं
शिवसागर ऊपरी असम के प्रमुख तेल एवं प्राकृतिक गैस गतिविधियों वाले क्षेत्रों में शामिल है और यहां ONGC असम एसेट से जुड़ी गतिविधियां भी बड़े पैमाने पर संचालित होती हैं।
हालांकि मौजूदा टैंकर में मिले कच्चे तेल का ONGC अथवा किसी अन्य तेल उत्पादक कंपनी से संबंध होने की अभी कोई पुष्ट सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए पुलिस जांच और आधिकारिक सत्यापन पूरा होने से पहले किसी तेल कंपनी, प्रतिष्ठान अथवा उसके कर्मचारियों को मामले से जोड़ना उचित नहीं होगा।
जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करना होगा कि टैंकर में मौजूद तेल वास्तव में किस स्रोत से आया था और उसका वैध स्वामित्व किसके पास था।
एक टैंकर या बड़े नेटवर्क की कड़ी? जांच से खुलेगा राज
इस बरामदगी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मामला केवल संदिग्ध तरीके से कच्चा तेल ले जा रहे एक टैंकर तक सीमित है या इसके पीछे तेल चोरी, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़ा कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
विशेष रूप से बालीघाट में तेल से भरा टैंकर सौंपने वाले व्यक्ति की पहचान और उससे पूछताछ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा संभावित गंतव्य और वहां टैंकर प्राप्त करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान की पहचान भी जांच को आगे बढ़ा सकती है।
पुलिस यदि तेल के वास्तविक स्रोत से लेकर संभावित अंतिम खरीदार तक की श्रृंखला स्थापित करने में सफल होती है तो इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले के पीछे केवल कुछ व्यक्तियों की भूमिका थी या तेल के कथित अवैध कारोबार का कोई व्यापक नेटवर्क काम कर रहा था।
चालक से पूछताछ जारी, कई अहम सवालों के जवाब बाकी
फिलहाल चालक सफीकुल इस्लाम से पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के जरिए शिवसागर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। टैंकर के पंजीकरण एवं स्वामित्व संबंधी विवरण की जांच के साथ तेल के स्रोत और प्रस्तावित गंतव्य का सत्यापन भी मामले की दिशा तय करेगा।
टैंकर में कितनी मात्रा में कच्चा तेल था, तेल वास्तव में कहां से आया, बालीघाट में टैंकर किसने सौंपा, किसके निर्देश पर इसे गुवाहाटी ले जाया जा रहा था, वहां इसका संभावित खरीदार कौन था और इस पूरे घटनाक्रम में कितने लोग शामिल हैं—इन सभी सवालों के आधिकारिक जवाब विस्तृत पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
फिलहाल कच्चे तेल से भरे टैंकर की बरामदगी ने कथित अवैध तेल कारोबार के संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब पुलिस की आगे की जांच पर नजर टिकी हुई है।




