बिहुबर हत्याकांड में नया घटनाक्रम—आरोपी रुबुल खान पुलिस की गोली से घायल, शिवसागर सिविल अस्पताल में भर्ती : पुलिस का दावा—हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान चली गोली, दाहिने पैर में लगी; विक्की सिंह के बाद अब कथित सहयोगी भी घायल : युवा सामाजिक कार्यकर्ता बिमान बरुआ की हत्या से बिहुबर में भारी आक्रोश—हजारों लोगों ने असम-नागालैंड अंतरराज्यीय मार्ग किया जाम : आरोपियों की गिरफ्तारी और ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग—विक्की सिंह के मकान को 24 घंटे में हटाने की मांग भी उठी
नागालैंड के नागिनीमारा से भी प्रदर्शन में पहुंचे लोग—ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सामूहिक आवाज

नाजिरा, 22 सितंबर : शिवसागर जिले के नाजिरा सह-जिला अंतर्गत असम-नागालैंड सीमावर्ती बिहुबर क्षेत्र में युवा सामाजिक कार्यकर्ता बिमान बरुआ की हत्या के मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में आरोपी बताए जा रहे तथा मुख्य आरोपी रवींद्र सिंह उर्फ विक्की सिंह के कथित सहयोगी 24 वर्षीय रुबुल खान पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान की गई कार्रवाई में रुबुल खान के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे शिवसागर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस का कहना है कि रुबुल खान बिमान बरुआ हत्याकांड में आरोपी है और कथित रूप से विक्की सिंह के साथ वारदात में शामिल था। हालांकि हत्या में उसकी वास्तविक भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

विक्की सिंह भी पुलिस कार्रवाई में हुआ था घायल
इससे पहले इसी मामले के प्रमुख आरोपी बताए जा रहे रवींद्र सिंह उर्फ विक्की सिंह को भी पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगी थी। वह भी फिलहाल उपचाराधीन बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर की रात पुलिस विक्की सिंह को लेकर हत्या में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए गई थी। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसने पुलिस घेरे से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया।
अब रुबुल खान के भी हिरासत से कथित तौर पर भागने की कोशिश के दौरान गोली लगने की घटना सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
18 सितंबर की रात हुई थी बिमान बरुआ की हत्या
बिहुबर के रंगाजान बंगाली बस्ती इलाके में 18 सितंबर की रात युवा सामाजिक कार्यकर्ता बिमान बरुआ की हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विक्की सिंह के नेतृत्व में कथित रूप से सक्रिय आपराधिक एवं ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों का दावा है कि बिमान बरुआ क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार का लगातार विरोध करते थे और इसी कारण वे कथित ड्रग्स कारोबारियों के निशाने पर आ गए थे। आरोप है कि 18 सितंबर की रात उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
हालांकि हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियां, इसका वास्तविक कारण और प्रत्येक आरोपी की भूमिका अभी जांच का विषय है।

हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग
बिमान बरुआ की हत्या को लेकर बिहुबर और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और असम तथा नागालैंड को जोड़ने वाले अंतरराज्यीय मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बिमान बरुआ के लिए न्याय, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, बिहुबर को ड्रग्स मुक्त बनाने तथा क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क को समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
विक्की सिंह के मकान को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष विक्की सिंह के मकान को 24 घंटे के भीतर हटाने की मांग भी रखी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर वे स्वयं कदम उठा सकते हैं।
किसी निजी संपत्ति को हटाने अथवा उसके खिलाफ कार्रवाई की वैधता संबंधित कानून, प्रशासनिक प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अधीन होगी।

नागिनीमारा से भी प्रदर्शन में पहुंचे लोग
विरोध प्रदर्शन की उल्लेखनीय बात यह रही कि इसमें विभिन्न भाषा, धर्म और समुदायों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। पड़ोसी राज्य नागालैंड के नागिनीमारा से भी कई लोग बिहुबर पहुंचे और बिमान बरुआ के लिए न्याय की मांग का समर्थन किया।
प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता मंजू बोरा, मृतक बिमान बरुआ की बहन एवं अन्य परिजन, स्थानीय व्यक्ति मोबिदुल इस्लाम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
नागिनीमारा में कथित रूप से छिपे विक्की सिंह को पकड़कर असम पुलिस के हवाले करने में भूमिका निभाने वाले नागा युवा सामाजिक कार्यकर्ता लाबुक कन्याक भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान की मांग
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहुबर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से ड्रग्स तथा अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार चल रहा था, लेकिन इसके खिलाफ पर्याप्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यदि कथित नेटवर्क के खिलाफ समय रहते कठोर कदम उठाए जाते तो परिस्थितियां इतनी गंभीर नहीं होतीं।
प्रदर्शनकारियों ने विक्की सिंह पर लंबे समय से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े होने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि वह पूर्व में जेल जा चुका था तथा क्षेत्र में नशीले पदार्थों के कारोबार का विरोध करने वालों को कथित तौर पर धमकियां दी जाती थीं। इन आरोपों तथा उससे संबंधित पूर्व मामलों के संपूर्ण आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि होना अभी बाकी है।

शराब, गांजा और ड्रग्स के अवैध कारोबार के भी आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमावर्ती बिहुबर इलाके में कुछ आपराधिक तत्व लंबे समय से शराब, गांजा, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों के कारण इलाके की शांति और सामाजिक वातावरण प्रभावित हुआ है।
लोगों ने मांग की कि पुलिस और प्रशासन अपनी कार्रवाई केवल बिमान बरुआ हत्याकांड तक सीमित न रखें, बल्कि पूरे क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क की व्यापक जांच कर उसके खिलाफ अभियान चलाएं।
पुलिस की पूर्व कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की पूर्व कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि संबंधित लोगों की गतिविधियों को लेकर पहले से शिकायतें अथवा सूचनाएं मौजूद थीं, तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
लोगों ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिमान बरुआ नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने और क्षेत्र में स्वस्थ सामाजिक वातावरण बनाने के प्रयासों से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या के बाद इलाके में आक्रोश के साथ भय का माहौल भी पैदा हुआ है।
विक्की सिंह के मकान में आग लगाने की हुई थी कोशिश
हत्याकांड को लेकर लोगों का आक्रोश इससे पहले भी सामने आया था। जानकारी के अनुसार, उत्तेजित लोगों के एक समूह ने विक्की सिंह के मकान में आग लगाने की कोशिश की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और स्थिति को नियंत्रित किया।
वहीं, हत्या मामले में आरोपी बताए जा रहे रुबुल खान के परिवार को मकान मालिक द्वारा किराए के मकान से निकाल दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, प्रदर्शनकारियों ने सौंपीं मांगें
हजारों लोगों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नाजिरा सह-जिला प्रशासन की ओर से एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं और हत्या में शामिल प्रत्येक आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी तथा कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, बिमान बरुआ के परिवार को न्याय तथा पूरे बिहुबर क्षेत्र में कथित ड्रग्स एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की मांग दोहराई।
सीमावर्ती इलाके में तनाव, जांच पर टिकी निगाहें
बिमान बरुआ हत्याकांड के बाद बिहुबर और आसपास के असम-नागालैंड सीमावर्ती क्षेत्र में तनाव और आक्रोश बना हुआ है। स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि हत्या में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क को समाप्त करने के लिए ठोस अभियान चलाया जाए।
इसी बीच आरोपी रुबुल खान के पुलिस की गोली से घायल होने से मामले में नया घटनाक्रम जुड़ गया है। फिलहाल उसका शिवसागर सिविल अस्पताल में इलाज जारी है।
बिमान बरुआ की हत्या, आरोपियों की कथित भूमिका, स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे ड्रग्स नेटवर्क संबंधी आरोप तथा पुलिस कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।




