संघर्ष, त्याग और सफलता की प्रेरक मिसाल : सात वर्षों के संघर्ष के बाद तिनसुकिया के अभिषेक कुमार अग्रवाल ने NEET-UG 2026 में हासिल की शानदार सफलता : माता-पिता का सपना किया साकार : 673/720 अंक, ऑल इंडिया रैंक 422 और जनरल कैटेगरी रैंक 269 के साथ बोरडूमसा व तिनसुकिया का बढ़ाया मान

तिनसुकिया, 18 जुलाई : कभी पारिवारिक जिम्मेदारियों ने पढ़ाई छिन ली, कभी माता-पिता के असमय निधन ने जीवन की दिशा बदल दी, लेकिन अटूट संकल्प, अथक परिश्रम और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने की जिद ने आखिरकार अभिषेक कुमार अग्रवाल को सफलता की उस ऊंचाई तक पहुंचा दिया, जिसकी मिसाल अब पूरे क्षेत्र में दी जा रही है।
तिनसुकिया जिले के बोरडूमसा निवासी तथा स्वर्गीय सुशील कुमार अग्रवाल और स्वर्गीय पुष्पा देवी अग्रवाल के पुत्र अभिषेक कुमार अग्रवाल ने NEET-UG 2026 परीक्षा में 720 में से 673 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 422 तथा जनरल कैटेगरी रैंक 269 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से बोर्डुमसा, तिनसुकिया और पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।

2019 में पिता की बीमारी ने रोक दी पढ़ाई
अभिषेक की कहानी केवल एक परीक्षा में सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, जिम्मेदारी और अदम्य इच्छाशक्ति की कहानी है। वर्ष 2019 में कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद जब वे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके पिता को कैंसर होने का पता चला। परिवार की परिस्थितियां अचानक बदल गईं और उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर पिता के इलाज तथा पारिवारिक व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।

2021 में पिता और 2024 में मां का साया भी उठ गया
कठिनाइयों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। वर्ष 2021 में उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद भी अभिषेक ने परिवार और व्यवसाय की जिम्मेदारियां निभाईं। इसी बीच उनकी माता पुष्पा देवी अग्रवाल का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने।
लेकिन वर्ष 2024 में अचानक हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) से उनकी मां का भी निधन हो गया। माता-पिता दोनों को खो देने के बाद अभिषेक के सामने जीवन का सबसे कठिन दौर था।
हार नहीं मानी, सात साल बाद फिर उठाई किताबें
इन लगातार झटकों के बावजूद अभिषेक ने हार नहीं मानी। उन्होंने परिवार का व्यवसाय समेटा और लगभग सात वर्षों के अंतराल के बाद फिर से पढ़ाई शुरू की। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने NEET-UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर अपनी दिवंगत मां का सपना साकार कर दिखाया।
उनका लक्ष्य अब न्यूरोसर्जन बनकर समाज की सेवा करना है।
सिर्फ सफलता नहीं, प्रेरणा की मिसाल
अभिषेक की सफलता केवल एक परीक्षा में अच्छे अंक लाने की कहानी नहीं है। यह उस बेटे की कहानी है जिसने माता-पिता के अधूरे सपनों को मरने नहीं दिया। संघर्षों के बीच भी अपने लक्ष्य से समझौता न करने का उनका साहस आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
बोरडूमसा और तिनसुकिया के लिए गौरव का क्षण
अभिषेक की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, व्यवसायिक समुदाय, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने इसे बोरडूमसा और तिनसुकिया के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
देशभर में घोषित हुए NEET-UG 2026 के परिणाम
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित NEET-UG 2026 के परिणामों में देशभर के लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इस वर्ष परीक्षा में लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार सफल घोषित किए गए।
अभिषेक कुमार अग्रवाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति के सपनों को रोक नहीं सकतीं, यदि उसके भीतर संघर्ष करने का साहस और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हो।




