जनसेवा के माध्यम से दी भावभीनी श्रद्धांजलि : स्व. खींवकरण जी एवं स्व. सुनील जी सिंगोदिया की स्मृति में लगा विशाल सेवा शिविर : सोमवती अमावस्या पर हजारों लोगों तक पहुंची शीतल जल, जूस एवं छाछ सेवा

सुजानगढ़, 15 जून : सनातन परंपरा में सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है और इसी भावना को चरितार्थ करते हुए राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सोमवार को स्वर्गीय खींवकरण जी सिंगोदिया एवं स्वर्गीय सुनील जी सिंगोदिया की पुण्य स्मृति में एक विशाल जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। तिरुपति बालाजी मंदिर परिसर के बाहर आयोजित इस सेवा शिविर में हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों एवं आमजन को शीतल जल, जूस एवं छाछ वितरित कर दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच आयोजित इस जनकल्याणकारी सेवा अभियान का लाभ लगभग 10 हजार से अधिक लोगों ने प्राप्त किया। सुबह से देर शाम तक चले इस शिविर में मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं, यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं स्थानीय नागरिकों को निःशुल्क शीतल पेय पदार्थ उपलब्ध कराए गए। सेवा शिविर के दौरान लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पुनीत कार्य की सराहना की।

आयोजन के दौरान सेवा कार्यों में जुटे परिवारजनों एवं सहयोगियों ने पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ व्यवस्थाओं का संचालन किया। श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं ठंडा पेय उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि गर्मी से राहत मिल सके। उपस्थित लोगों ने कहा कि पुण्य स्मृति में आयोजित इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में मानवता, करुणा और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं।

यह सेवा शिविर हितेश सिंगोदिया, माताश्री चंद्रा देवी जी, विजय जी सिंगोदिया, अंजना सिंगोदिया तुनवाल एवं समस्त सिंगोदिया परिवार के तत्वावधान में आयोजित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में पूनमचंद जी खडोलिया एवं जयप्रकाश पारीक का विशेष योगदान रहा। दोनों ने व्यवस्थाओं के समन्वय और सेवा कार्यों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

आयोजकों ने बताया कि स्वर्गीय खींवकरण जी एवं स्वर्गीय सुनील जी सिंगोदिया समाजसेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनकी पुण्य स्मृति को जनहित के कार्यों से जोड़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष समाजोपयोगी सेवा कार्यों के माध्यम से लोगों तक सहायता और राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने दोनों दिवंगत आत्माओं को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा सिंगोदिया परिवार के इस सेवा प्रयास को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। सेवा, संस्कार और स्मृति के अद्भुत संगम के रूप में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और मानवता के प्रति समर्पण का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।





